महारानी हेमलता राजे व युवरानी गायत्री राजे ने पूजा व परिक्रमा की
शिव वर्मा. जोधपुर
राज गणगौर की सवारी शाही लवाजमे के साथ रविवार को सांय 6 बजे मेहरानगढ़ दुर्ग के नागणेचिया माता मंदिर से परम्परागतरूप से खासे में सज- धज कर ढोल- ढमाके से फतेहपोल होकर रानीसर पहुंची । रानीसर पर पूर्व महाराजा गज सिंह ने पूजा की ।
राज गणगौर के सिर पर सोने की रखड़ी, कानों में झुमके, गले में कंठी, तीमणिया, कंधे से कमर के नीचे तक दोनों और लटके सोने के कंदोरे से सजी, साथ ही सौ कलियों के खीन -खाफ के घाघरे जिस पर असली तार गोटा के काम की पोशाक धारण किए एवं पैरों में चांदी की झांझर के साथ गवर माता की सजावट व शान देखते ही बन रही थी । मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासक कर्नल अजय सिंह शेखावत ने बताया कि प्रारंभ में मेहरानगढ़ दुर्ग के नागणेचिया माता मंदिर परिसर में महारानी हेमलता राजे व युवरानी गायत्री राजे द्वारा गणगौर की पूजा व परिक्रमा की गई । बाद में राज परिवार की अन्य महिलाओं द्वारा पूजा व परिक्रमा की गई एवं राजपुरोहित व राजव्यास द्वारा परम्परागत श्री गणगौर माता की पूजा किए जाने व घूमर नृत्य, गणगौर गीत के बाद राज गणगौर की सवारी किले के महलों से उतरी ।
शाही लवाजमे से निकली राज गणगौर की सवारी
राज गणगौर की सवारी के खासे को सफेद जामा केसरिया पगड़ी और कमरबंद बांधे हुए पूरबियों की वेशभूषा में पालकी वाहक कंधे पर उठाकर चल रहे थे। खासे लवाजमे के प्रतीक किरणिया , त्रिशूल , थम्भ , महिमरातिब , छंवर , सोने – चांदी की छडिया धारण किये हुए छड़ीबरदार और जुलूस के आगे राज अनुष्ठान घोड़े पर मारवाड़ रियासत का पचरंगा निशान फहराये हुए चल रहे थे । आगे शाही निशान, पताका, सोने- चांदी की छड़ी थामे शाही लवाजमा व पालकी वाहकों के कंधे पर खासा पालकी में सजी स्वर्णाभूषणों व शाहीवेश में लक- दक राज गणगौर की सवारी मेहरानगढ़ के महलों से सूरजपोल, लोहा पोल, इमरती पोल होते हुए राव जोधा के फलसे से होकर चौखेलाव महल पहुंची।
चौखेलाव महल से पूर्व महाराजा गज सिंह शरीक हुए
पूर्व महाराजा गज सिंह चौखेलाव महल से राज गणगौर की सवारी के जुलूस के साथ हुए। जुलूस में परंपरागत वेशभूषा में रंग-बिरंगे साफे पहने पूर्व महाराजा, रावराजा शिरायत ,सरदार , मुत्सदी, एहलकार, राजवेदिया, राज व्यास, दानाध्यक्ष, राज जोशी व गणमान्य नागरिक साथ रहे ।
फतेहपोल पर पूर्व महाराजा गज सिंह ने गणेशजी की पूजा की
किले से फतेहपोल के बाहर निकलने पर वहां स्थापित गणेश जी की मूर्ति की महाराजा गज सिंह जी द्वारा पूजा अर्चना की गई। फतेहपोल से रानीसर तक राज गणगौर की सवारी का परंपरागत रूप से मोहल्ले वासियों, विभिन्न संगठनों, पार्षदो ,जनप्रतिनिधियो , व्यायाम शाला ,मोहल्ला समितियों के प्रतिनिधियों द्वारा अगवानी कर स्वागत किया गया । राज गणगौर की सवारी के रानीसर पहुंचने पर जल अर्पण व पूजन हुआ । गज सिंह द्वारा पूजन किया किया व भोळावणी की रस्म अदायगी हुई । वहां पर शहर के अन्य स्थानो से आई गणगौर माता का स्वागत भी किया गया । इसके राज गणगौर का शहरवासियों ने पूजा व दर्शन किए।
राज गणगौर की सवारी की व्यवस्था में इन्होंने निभाई भूमिका
कर्नल शेखावत ने बताया कि राज गणगौर की सवारी की व्यवस्था में महाराजा उम्मेद सिंह रिलिजियस ट्रस्ट के सचिव कल्याण सिंह राठौड़, भानु प्रताप सिंह ,पुष्पेंद्र सिंह भाटी, मुख्य वित्त प्रबंधक अरुण अग्रवाल, मुख्य अभियंता शैलेश माथुर ,प्रबंधक संस्कृति गर्मांशु बोहरा, वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ग्रुप हेड किशन वीर सिंह राठौड़ ,मैनेजर एचआर ओमप्रकाश गेपाला , प्रबंधक मीडिया व पी आर कल्पना चंपावत, सुनील कल्ला , हिम्मत सिंह शेखावत ,डीएसओ शार्दुल सिंह शेखावत, एएसओ लक्ष्मण सिंह राठौड़, एएसओ प्रभु सिंह शेखावत सहित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने व्यवस्था संभाले रखी । राज गणगौर की सवारी के समय शहर के अनेक गणमान्य लोग परंपरागत वेशभूषा पहने हुए साथ थे ।







