शिव वर्मा. जोधपुर
पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए जघन्य आतंकी हमले के जवाब में राष्ट्र द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया गया था। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर संभावित स्थिति का अनुमान लगाकर बीएसएफ रक्षात्मक और आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में जुट गयी थी।
बीएसएफ ने युद्धकालीन तैयारी के तहत तुरन्त अपनी युध्द कौशल रणनीतियों को अपनाते हुए अपनी स्थिति मजबूत की। बल ने अपनी रक्षा तैयारियों को बढ़ाया, प्रभावी संचार स्थापित किया और सेना तथा वायुसेना से समन्वय किया। बी.एस.एफ. के अधिकारियों और कार्मिकों ने भारत-पाक अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर डटे रहकर इस चुनौती का सामना किया।
इस चुनौती पूर्ण परिस्थिति में बी.एस.एफ. के अधिकारियों एवं जवानों की अभूतपूर्व कर्तव्यनिष्ठता और कठिन परिश्रम को सराहा गया। इसके लिए, 19 मई 2025 को, भारतीय सेना के COAS श्री उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा श्री पी. के. मिश्रा, सहायक कमाण्डेन्ट, 166वीं वाहिनी, सीमा सुरक्षा बल को “कमंडेशन डिस्क“ से सम्मानित किया गया।
बीएसएफ अधिकारियों और जवानों द्वारा इस ऑपरेशन के दौरान अद्भुत साहस और दक्षता का परिचय दिया गया तथा देश के नागरिकों को यह विश्वास दिलाया कि बी.एस.एफ. किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।



