13 जुलाई से शुरू होगा यज्ञ, 12 अगस्त को होगी पूर्ण आरती
भरत जोशी. जोधपुर
परमहंस स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज द्वारा दईजर लाछा बासनी में स्थापित संवित धाम आश्रम में आगामी गुरु पूर्णिमा के बाद होने वाले भव्य महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन में लगभग 3000 किलो शुद्ध गाय के घृत से तथा लगभग 11 हजार किलो शाकल्य सामग्री से आहुतियां दी जाएगी। महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन 13 जुलाई से प्रारंभ होकर पूरे एक माह चलेगा। 25 कुंडीय यज्ञशाला में एक करोड़ महामृत्युंजय मंत्र की आहुतियां दी जाएगी जिसकी पूर्णाहुति 12 अगस्त को होगी। सोमयाजी अग्निहोत्री पंडित नवरतन व्यास के आचार्यत्व में होने वाले महायज्ञ के लिए सुनील दाधीच, विमल वर्मा, नरेंद्र पुरोहित, नरेंद्र बोहरा, नरेंद्र आमेटा, राजेश शर्मा और पुखराज चौधरी सहित अन्य साधक तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं।
जोधपुर संवित साधनायन सोसायटी की अध्यक्षा रानी उषा देवी और सचिव भरत जोशी ने बताया कि जोधपुर शहर में प्रथम बार इतना दिव्य और भव्य महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन का आयोजन हो रहा है। संपूर्ण भारत में संभवत यह छठा हवन है तथा आज से 37 वर्ष पूर्व 1993 में लुणावास खारा में यह हवन हुआ था। 30 दिनों तक लगातार चलने वाले इस अखंड हवन में जिसमें 25 कुंडीय यज्ञशाला का निर्माण किया जा रहा है तथा महामृत्युंजय मंत्रों के साथ 1 करोड़ आहुतियां दी जाएंगी। विश्व कल्याण, भारत में सनातन धर्म की प्रतिपालना में, वैदिक, दिव्य अनुष्ठान ,शिवकृपा, आत्मशुद्धि और लोककल्याण के लिए यह हवन अत्यंत ही प्रभावशाली माध्यम सिद्ध होगा। महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन में 3000 किलो गाय के शुद्ध घृत से तथा 11 हजार किलो शाकल्य से भी आहुतियां दी जाएगी। हवन पूरे माह चलेगा जिसमें पहली पारी में सुबह 9 बजे से दोपहर 1बजे तक तथा द्वितीय पारी में दोपहर 2.30 बजे से सायं 5.30 बजे तक प्रतिदिन हवन होगा जिसमें 150 यजमान आहुति देंगे।
संवित साधनायन सोसायटी के गोविन्द लाल बोहरा और अश्विनी व्यास ने बताया कि 25 कुंडीय हवन में पूरे माह में गाय का शुद्ध घी 3000 किलो लगभग 200 टिन , शाकल्य जिसमें तिल 5000 किग्रा, जाव (जौ) 2500 किग्रा, चावल 1500 किग्रा, शक्कर 1500 किग्रा,जटामासी 150 किग्रा, कमलगट्टा 150 किग्रा, सर्वौषधि 100 किग्रा, चंदन पाउडर 50 किग्रा, हाऊबैर 50 किग्रा, अगर 50 किग्रा,सूखे मेवों का मिश्रण 50 किग्रा सहित अन्य सामग्री की आहुतियां दी जाएगी। हवन सामग्री के संग्रह के लिए अनिल राघवाणी, अशोक बोहरा, शरद जोशी, महेश जोशी, त्रिलोक अग्रवाल, मोक्ष भारद्वाज, सुनील परिहार, बालाराम सहित अन्य साधक प्रयास कर रहे हैं।




