राखी पुरोहित. जोधपुर
राजस्थान की तपती गर्मी में जहां इंसान परेशान हैं, वहीं निरीह पशु-पक्षी भी जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में ‘जियो और जीने दो’ संस्था ने एक बार फिर सेवा, संवेदना और समर्पण की मिसाल पेश की है। संस्था ने नोतपा क्षेत्र सहित कई पक्षीधामों में पशु-पक्षियों के लिए आहार और ठंडे पानी की विशेष व्यवस्था कर उन्हें राहत पहुंचाई।
धर्मपुरा और चांदपोल पक्षीधाम में सेवा कार्य
संस्था के संस्थापक महावीर कांकरिया, अध्यक्ष सुशीला कांकरिया, संयोजक एडवोकेट विजय शर्मा और राघव पारख के नेतृत्व में यह सेवा अभियान संचालित हुआ।
इस अभियान के तहत:
धर्मपुरा, अरना-झरना पक्षीधाम चुग्गा घर में पक्षियों के लिए मक्की का चुग्गा, ठंडा जल युक्त कुंडियां तथा खरगोशों के लिए ताजा हरी घास डाली गई।
चांदपोल स्थित विशाल पक्षीधाम में भी मूक पक्षियों के लिए मक्की का चुग्गा और शीतल जल से भरे परिंडे रखे गए।
साथ ही, आसपास लगे सैकड़ों पौधों को ट्रैक्टर की सहायता से पानी देकर पर्यावरण संरक्षण का कार्य भी संपन्न किया गया।
संवेदना और सेवा का उदाहरण
संयोजक एडवोकेट विजय शर्मा ने बताया कि, “संस्था पिछले कई वर्षों से जीव-जंतुओं व पक्षियों को भोजन और जल की समुचित व्यवस्था कर उन्हें गर्मी से राहत देने का कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि भीषण गर्मी के इस दौर में हर प्राणी को समय पर आहार और ठंडा जल उपलब्ध हो।”
उन्होंने यह भी अपील की कि आमजन अपने-अपने घरों व छायादार स्थानों पर परिंडे व चुग्गा पात्र अवश्य रखें ताकि यह नेक कार्य जन-भागीदारी से और अधिक व्यापक रूप में फैल सके।
‘जियो और जीने दो’ संस्था का संकल्प:
“केवल मानवता नहीं, जीवमात्र की सेवा ही सच्ची पूजा है।”
एडवोकेट विजय शर्मा (संयोजक)
जियो और जीने दो संस्था, जोधपुर









