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Tuesday, April 28, 2026, 5:39 pm

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भारत सरकार के कृषि वैज्ञानिक चयन बोर्ड के सदस्य बनने पर पूर्व काजरी निदेशक डॉ ओपी यादव का किया सम्मान

डॉ. ओपी यादव को साफा, सॉल, माला, दुपट्टा ओढ़ाकर तथा भगवद् गीता व अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मान किया गया।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

भारत सरकार में कृषि वैज्ञानिक चयन बोर्ड के सदस्य बनने पर यादव समाज द्वारा पूर्व काजरी निदेशक डॉ. ओपी यादव का सम्मान किया गया। उनका साफा, सॉल, माला, दुपट्टा ओढ़ाकर तथा भगवद् गीता व अभिनंदन पत्र भेंटकर सम्मान किया गया। सम्मान समारोह में अध्यक्ष जगदीश यादव, डॉ आरके यादव, डॉ रंजीत सिंह यादव, डॉ नवीन यादव, डॉ अजय शंकर यादव तथा युवा अध्यक्ष चेतन यादव ने डॉ ओपी यादव के व्यक्तित्व के साथ ही सामाजिक, पारिवारिक, शैक्षणिक तथा शोधपरक समस्त पहलुओं पर प्रकाश डाला।

अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि डॉ. ओपी यादव का यादव समाज जोधपुर के प्रति स्नेह हमे सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। आपने हमेशा समाज कार्यक्रमों के लिए समय देकर हमारा उत्साह बढ़ाया है। आपने केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के निदेशक पद पर जनवरी 2018 से मई 2025 तक नेतृत्व किया। इस दौरान संस्थान ने राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली में न केवल उत्कृष्ट योगदान दिया, बल्कि संस्थान ने अनेक नई उपलब्धियां भी हासिल की। डॉक्टर यादव काजरी के साथ ही भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान लुधियाना तथा अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान संस्थान के परियोजना कोऑर्डिनेटर भी रहे हैं।

आप भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, राष्ट्रीय कृषि विज्ञान अकादमी सहित विभिन्न अकादमी के फेलो रहे हैं। डॉ. यादव ने विभिन्न देशों की यात्रा करते हुए नई तकनीकों का प्रशिक्षण लिया तथा भारत सहित विभिन्न देशों की अद्यतन तकनीकों व पारंपरिक खेती के समन्वित समावेश से किस प्रकार बेहतर पैदावार ली जा सकती है, उस पर काम किया है। आपका ग्रामीण परिवेश से गहरा जुड़ाव आपके काम में झलकता है। आपने कृषि नीति के विकास और फसल उत्पादकता में सुधार के लिए जो शोध कार्य किए हैं। उनमें जमीन से जुड़ी समस्याओं का समाधान स्पष्ट दिखाई देता है। पिछले 30 वर्षों से अपना शोध कार्य फसलों के आनुवंशिक सुधार पर केंद्रित किया है, विशेष रूप से सूखा-प्रवण क्षेत्रों के लिए बाजरा और मक्का पर शोध। आपके रणनीतिक अनुसंधान का मुख्य बिंदु पारंपरिक और आधुनिक तरीकों के माध्यम से, जल-सीमित वातावरण के लिए फसलों में सुधार करना रहा है। विज्ञान संकाय के पूर्व अधिष्ठाता डॉ आरके यादव ने कहा कि अनुसंधान, शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में आपका निरंतर उत्कृष्ट योगदान आपके इस पद के लिए एक उपयुक्त चयन परिलक्षित करता है। काजरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रणजीत सिंह यादव ने बताया कि फसल और बागवानी विज्ञान श्रेणी में कृषि विज्ञान में उत्कृष्ट अनुसंधान के लिए ‘रफी अहमद किदवई पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। आपके काम से फसलों के सूखा-प्रभावित स्थितियों के प्रति अनुकूलन की बेहतर समझ विकसित हुई है, जिससे सूखा अनुकूलित किस्मों को विकसित करने के लिए उचित रणनीतियाँ बनाने में मदद मिली है। बाजरा में रोग और कृषि-संबंधी लक्षणों पर साइटोप्लाज्मिक प्रभावों के अध्ययन पर किए गए अनुसंधान का संकर प्रजनन (हाइब्रिड ब्रीडिंग) में बहुत अधिक महत्व है। डॉ. यादव के अनुसंधान के परिणाम स्वरूप 11 व्यावसायिक किस्मों के साथ ही 65 किस्मे तैयार की गई हैं।

डॉ. ओपी यादव ने आशीर्वचन स्वरूप विभिन्न सामाजिक पहलुओं तथा समाज उत्थान के लिए सक्रिय सहयोग देने की सामाजिक जिम्मेदारी की बात की। उन्होंने कहा की समाज मिलजुल कर आगे बढे साथ ही शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करें एवं सहयोग तथा समाधन पर फोकस रखें। समाज का उत्थान अनवरत होगा। बच्चों को मोटिवेट करते रहें। साथ ही हमारा मूल कार्य कृषि करना रहा है। हमें आधुनिक तकनीक तथा पारम्परिक तरीको को मिलकर खेती करने पर जोर देना चाहिए। इस अवसर पर श्रीमती रेनू यादव, दीक्षा यादव, संतोष यादव, संजय यादव, रामावतार यादव, रामराज यादव, कृष्ण कुमार यादव, अजय यादव, सूरज यादव, सुरेश यादव, सतवीर सिंह यादव, करण सिंह यादव, विष्णु यादव, अमर सिंह यादव, धर्मेंद्र यादव, शेर सिंह यादव, प्रवीण यादव, सज्जन सिंह यादव आदि उपस्थित रहे ।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor