Explore

Search

Friday, April 17, 2026, 10:50 am

Friday, April 17, 2026, 10:50 am

LATEST NEWS
Lifestyle

कविता : सीनियर एडवोकेट एनडी निंबावत सागर

देख लो एक बार

क्या होती है माँ, देख लो एक बार
कैसे पालती है माँ, देख लो एक बार

नौ माह रखती वो अपने पेट में बच्चे को
फिर संसार दिखती है माँ, देख लो एक बार

अबोध शिशु को नहीं पता, वो कैसे पल रहा
ईंट पर ईंट लाती है माँ, देख लो एक बार

सुला दिया अपने बच्चे को आंचल की झोली में
अपना फर्ज निभाती है मां, देख लो एक बार

एक-एक ईंट का संग्रह, पूंजी है मेहनत की
कहां से लाती है मां, देख लो एक बार

बच्चों को पालने में हर मां का यही है हाल
कैसे जीवन बिताती है मां, देख लो एक बार

एन डी निम्बावत “सागर”, वरिष्ठ एडवोकेट, 

राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर (राज.)

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor