प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर दुनियाभर में जगा योग का जज्बा
शिव वर्मा. जोधपुर
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जोधपुर समेत पूरे देश में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुए इस अभियान ने न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी योग को एक नई पहचान दिलाई है। इसी क्रम में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को पूरे उत्साह और समर्पण के साथ मनाने की कमर कस ली है।
राजस्थान फ्रंटियर के बीएसएफ जवान कल यानी 21 जून को भारत-पाकिस्तान सीमा पर सामूहिक योग करेंगे। बीएसएफ राजस्थान के आई जी एम.एल. गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की 1000 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जवान योग करते नजर आएंगे। इसके साथ ही बीएसएफ हेड क्वार्टर से लेकर सभी चौकियों और प्रशिक्षण केंद्रों पर भी योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
एसटीसी ट्रेनिंग सेंटर में होगा सामूहिक योग
बीएसएफ का विशेष सामूहिक योग सत्र कल सुबह 6:00 बजे एसटीसी ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में जवान भाग लेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल जवानों को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाना है, बल्कि योग के माध्यम से राष्ट्र सेवा में तत्परता को भी बढ़ावा देना है।
आमजन को भी जोड़ा जाएगा योग से
इस बार योग दिवस की खास बात यह है कि बीएसएफ जवानों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में कई स्थानों पर योग सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां स्थानीय लोग भी जवानों के साथ योगाभ्यास कर सकेंगे। इससे योग के प्रति जनसामान्य में जागरूकता बढ़ेगी और समाज में स्वास्थ्य के प्रति नई चेतना का संचार होगा।
योग के प्रति बढ़ता वैश्विक रुझान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वर्ष 2015 से हर साल 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। अब यह न केवल भारत की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है, बल्कि विश्व स्वास्थ्य की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हुआ है। आज अमेरिका, जापान, फ्रांस, यूएई समेत अनेक देशों में योग के प्रति गहरी रुचि दिखाई दे रही है।
बीएसएफ का संकल्प: सीमाओं से स्वास्थ्य की ओर
बीएसएफ के आईजी एम.एल. गर्ग ने बताया कि योग से जवानों की कार्यक्षमता, मानसिक स्थिरता और अनुशासन में वृद्धि होती है। योग दिवस को सफल बनाने के लिए सभी सेक्टर मुख्यालयों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सीमाओं पर तैनात जवान न केवल देश की रक्षा करेंगे, बल्कि योग के माध्यम से पूरी दुनिया को भारत के ज्ञान की शक्ति का भी संदेश देंगे।21 जून को जब सूरज की पहली किरण सीमाओं पर पड़ेगी, तब भारत माता के सपूत – बीएसएफ जवान – आसनों में ध्यानस्थ होकर न केवल स्वास्थ्य का संदेश देंगे, बल्कि यह भी दर्शाएंगे कि योग आज सिर्फ एक क्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का उत्सव बन चुका है।






