Explore

Search

Tuesday, August 25, 2026, 8:45 am

Tuesday, August 25, 2026, 8:45 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

वनखंड बेरीगंगा में रक्षित वनभूमि से अतिक्रमणों को हटाया जाएगा

उप वन संरक्षक ने जारी किया नोटिस, सात दिन में हटाएं अतिक्रमण अन्यथा वन विभाग द्वारा हटाए जाएंगे अतिक्रमण
राखी पुरोहित. जोधपुर
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा प्रदत्त निर्देशों की अनुपालना में वनखण्ड बेरीगंगा के मौजा मंडोर के खसरा नंबर 48, 1259, 1262, 1294, 1300, 1405 एवं अन्य खसरों की रक्षित वनभूमि से अतिक्रमणों को हटाने के लिए वन विभाग द्वारा कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए सात दिन का नोटिस दिया गया है।
उप वन संरक्षक अजीज उचोती द्वारा सोमवार को जारी नोटिस के अनुसार इस रक्षित वनभूमि पर भूमि सतह की अवैध खुदायी तथा तोड़फोड़ कर वनभूमि पर अतिक्रमण कर किसी भी प्रकार की अवैध संरचना बनाना, राजस्थान वन अधिनियम 1953 एवं राजस्थान भू राजस्व अधिनियम 1956 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है एवं इस अपराध के लिए 6 माह तक के कारावास एवं 25000 रु. तक के अर्थदण्ड का भी प्रावधान है। इस प्रकार का कृत्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रकरण टी.एन. गोदावरमन बनाम भारत संघ में प्रदत्त आदेश 12 दिसंबर, 1996 की भी अवमानना है।
जारी नोटिस के जरिये सभी अतिक्रमियों से कहा गया है कि 7 दिवस में स्वयं ही इस वनभूमि पर बनायी गयी अतिक्रमित संरचना को हटा लें तथा इस अतिक्रमित संरचना में किसी भी प्रकार का सामान या सामग्री रखी हो तो उसे भी हटा लें। इसमें चेतावनी दी गई है कि स्वयं द्वारा ही इस वनभूमि से उक्त अतिक्रमण को नहीं हटाये जाने की स्थिति में वन विभाग द्वारा इस वनभूमि पर से अतिक्रमित संरचना को हटाये जाने की कार्यवाही की जायेगी तथा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की कोई भी क्षति होती है तो इसके लिए अतिक्रमी स्वयं ही उत्तरदायी होगा। नोटिस में कहा गया है कि उपरोक्त वर्णित खसरान की वनभूमि में यदि कोई व्यक्ति या संस्था वन संरक्षण अधिनियम 1980 में वर्णित विधिक प्रावधानों के अनुसरण में सक्षम अधिकारी द्वारा जारी भूमि स्वामित्व के वैध दस्तावेज धारण करते हैं तो ऐसे दस्तावेज की प्रति शीघ्रतम समय में उप वन संरक्षक के समक्ष प्रस्तुत करने पर संबंधित अतिक्रमित संरचना को हटाने के लिए जारी किये गये नोटिस पर पुनर्विचार किया जा सकेगा।
नोटिस में कहा गया है कि अतिक्रर्मियों से यह भी अपेक्षा की जाती हैं कि अतिक्रमण हटाये जाने की कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं की जायेगी एवं यदि बाधा उत्पन्न की जाती हैं तो उनके विरूद्ध पृथक से कार्यवाही की जायेगी। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी अतिक्रमी इस नोटिस के जारी होने के सात दिन के भीतर उपरोक्त वनभूमि से अतिक्रमण हटाना एवं वनभूमि को खाली करना सुनिश्चित करें।
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor