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Sunday, August 23, 2026, 9:24 am

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द पोएटिक हार्ट…15वें वर्ष के साथ दुबई में 5 व 6 फरवरी को

एसजीआई – गल्फ द्वारा 2012 में प्रसिद्ध अमीराती कवि डॉ. शिहाब घानेम के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम यूएई को एक ऐसे सांस्कृतिक संगम के रूप में सम्मान देता है, जहाँ कविता और संगीत सरहदों और भाषाओं की विविधता को तोड़कर लोगों में हमदर्दी और भाईचारा जगाते हैं ।

दिलीप कुमार पुरोहित. दुबई.यूएई

द पोएटिक हार्ट – कनेक्टिंग ह्यूमैनटी एक बार पुनः दुबई में अपने 15वें संस्करण के साथ लौट रहा है । यह यूएई के सबसे समावेशी और मानवीय सांस्कृतिक मंचों में से एक माना जाता है। केबी व्यास ने बताया कि दो दिनों तक चलने वाला यह कविता और संगीत का संगम 5 और 6 फरवरी 2026 को आयोजित होगा, जिसमें यूएई और पूरे विश्व के कवि, संगीतकार और छात्र हिस्सा लेंगे।

एसजीआई – गल्फ द्वारा 2012 में प्रसिद्ध अमीराती कवि डॉ. शिहाब घानेम के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था। यह कार्यक्रम यूएई को एक ऐसे सांस्कृतिक संगम के रूप में सम्मान देता है, जहाँ कविता और संगीत सरहदों और भाषाओं की विविधता को तोड़कर लोगों में हमदर्दी और भाईचारा जगाते हैं । यह एक ऐसा मंच है जहाँ हर पीढ़ी और संस्कृति के लोग मिलते हैं। अपनी शुरुआत से ही द पोएटिक हार्ट (The Poetic Heart ) ने एक ऐसी अनूठी जगह बनाई है जहाँ पूरे विश्व के प्रसिद्ध कवि और संगीतकार, यूएई के सैकड़ों स्कूलों से आए नन्हे कवियों के साथ मंच साझा करते हैं । यहाँ अरबी, अंग्रेजी, जापानी, हिन्दी, फारसी, मलयालम, इतालवी और स्पेनिश सहित कई भाषाओं में कविताएँ पढ़ी जाती हैं, जो यूएई की विविधता और खुलेपन को दर्शाती हैं।

प्रथम दिवस : छात्र कविता संगोष्ठी |5 फरवरी 2026

स्थान: एमिरेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस ऑडिटोरियम ( Emirates Institute of Finance Auditorium )
समय: सुबह 9:00 बजे से

पहले दिन यू ए ई के 40 से अधिक स्कूलों के छात्र शांति,उम्मीद, खुशी और मित्रता जैसे विषयों पर अरबी और अंग्रेजी में अपनी कविताएँ प्रस्तुत करेंगे । प्रख्यात इमाराती कवि वाएल अल सईघ भी छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए अपनी रचनाएँ सुनाएंगे । इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें अल नूर ट्रेनिंग सेंटर और ‘मंजिल’ जैसे संस्थानों के बच्चों को जो दिव्यांग हैं, विशेष प्रतिभा दिखाएंगे ।

दूसरा दिवस : अंतरराष्ट्रीय कवि और संगीत संध्या
6 फरवरी 2026

स्थान: ज़बील लेडीज क्लब
समय: शाम 5:00 बजे से

इस दिन विश्व के प्रख्यात कवि अपनी रचनाएँ पेश करेंगे, जिनमें डॉ. शहाब घनेम (यूएई),मार्क फ़्रेड्स (यूके ), प्रो. वशिष्ठ द्विवेदी (भारत), और नजात अल दाहेरी (जॉर्डन) जैसे नाम सम्मिलित हैं । प्रो वशिष्ठ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में हिन्दी के विभागाध्यक्ष हैं और उन्हें २० से अधिक सम्मान प्राप्त हैं। इस शाम दो नई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा । संगीत – सम्मेलन में वाडया म्यूजिक बैंड और सुचेता सतीश जो केरल से हैं और उन्होंने 140 भाषाओं तथा बोलियों में 9 घंटे तक लगातार गाने गा कर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है, वे भी अपनी प्रस्तुति देंगी। साथ ही, जापानी दार्शनिक, लेखक और पोएट लॉरियेट की पदवी से नवाज़े गए डा दाईसाकु इकेदा की कविताओं का पाठ भी किया जाएगा ।

नसीम कोरस- एक खास पहचान

एसजीआई के कोरस ग्रुप नसीम (जिसका हिन्दी में अर्थ है ‘मंद हवा’) इस कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा है । 2014 से ही यह ग्रुप शांति, उम्मीद और मानवीय मूल्यों पर आधारित गीतों के द्वारा लोगों का ह्रदय जीतता आ रहा है । शांति और मानवीय मूल्यों की अटूट विरासत द पोएटिक हार्ट की शुरुआत वर्ष 2012 में एस जी आई- गल्फ और अमीरात के विख्यात कवि डॉ. शिहाब घानेम द्वारा की गई थी । तब से लेकर आज तक, इसने दुबई को कविता और सांस्कृतिक संवाद के एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निबाही है । डॉ. दाईसाकु इकेदा की काव्य भावना और उनके मानवतावादी दर्शन से प्रेरित यह संगोष्ठी कविता की शक्ति में उनके अटूट विश्वास को दर्शाती है, जो लोगों का हौसला बढ़ाती है, जख्मों को भरती है और विभिन्न संस्कृतियों को जोड़ती है।
के बी व्यास ने बताया कि डा इकेदा ने अपनी कशोरावस्था के दौरान दूसरे विश्व युद्ध की विभीषिका और तबाही को करीब से महसूस किया था । यही वह दौर था जब उन्होंने उम्मीद जगाने, संवाद कायम करने और मानवीय संवेदनाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए कविता को जीवनभर के लिए अपना माध्यम बना लिया। जैसा कि उन्होंने स्वयं लिखा है: “एक कवि का मन ही मानवीय कल्पना और रचनात्मकता का असली स्रोत है। यह हमारे जीवन को नई उम्मीद देता है, हमें सपने देखना सिखाता है और साहस से भर
देता है। यही वह शक्ति है जो आपसी सद्भाव और एकता को संभव बनाती है और हमारे भीतर के सूनेपन को खुशहाली में बदलने की ताकत रखती है” । एसजीआई गल्फ के निदेशक सुरेश प्रेमकुमार ने इस यात्रा पर टिप्पणी करते हुए कहा, द पोएटिक हार्ट 15 वर्षों का एक ऐसा सफर है जिसने कविता के माध्यम से शांति और उम्मीद की आवाज़ को हर भाषा, संस्कृति और पीढ़ी तक पहुँचाया है ।
यूएई में ‘मानवता को जोड़ने’ के जिस ईमानदार संकल्प के साथ इसकी शुरुआत हुई थी, वह आज एक ऐसे वार्षिक सम्मेलन का रूप ले चुका है जहाँ शब्द पुल बन जाते हैं और सुनने वाले मित्रता की राह के हमसफ़र बन जाते हैं ।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor