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Sunday, October 18, 2026, 10:29 am

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हनु प्रज्ञा : अंशु हर्ष की पुस्तक महाभारत के हनुमान पर संवाद 17 फरवरी को

-अंशु आज अलवर प्रवास पर, सरिस्का साहित्य संवाद में कर रहीं शिरकत

राइजिंग भास्कर. अलवर

प्रख्यात लेखिका, कवयित्री, संपादक और पत्रकार अंशु हर्ष सोमवार को अलवर प्रवास पर हैं। अलवर में अंशु सरिस्का साहित्य संवाद कार्यक्रम में शिरकत कर रहीं हैं। वे मंगलवार को सुबह 8:15 बजे पांडुपोल हनुमान जी मंदिर में अपनी पुस्तक महाभारत के हनुमान पर संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगी।

महाभारत के हनुमान : पॉजिटिव दृष्टिकोण और शक्ति के महापुंज, जिनके बगैर महाभारत अधूरी 

महाभारत के हनुमान अंशु की आध्यात्मिक कृति है। हनुमान एक ऐसे देवता हैं जो हमेशा एनर्जी और शक्ति पुंज के साथ पॉजिटिव दृष्टिकोण के लिए जाने जाते रहे हैं। हनुमान जी चाहे कैसी ही विपदा और विपरीत परिस्थितियां रहीं मुस्कराते हुए और रामदूत के रूप में हर बाधाओं को आसानी से पार करते आए और रामजी का काम सफल किया। उन्होंने इस बात के लिए कभी अहं भी नहीं किया और इसका सारा श्रेय रामजी को ही दिया। कालांतर में जब महाभारत का समय आया तो हनुमानजी के किरदार को लोग कम ही याद करते हैं। हनुमानजी के बगैर महाभारत भी अधूरी है। पर इस बात को कम ही लोग जानते हैं। दरअसल श्रीकृष्ण ने गीता अर्जुन को अकेले नहीं बल्कि हनुमानजी को भी सुनाई थी। कहा तो यही जाता है कि अर्जुन तो बहाना थे दरअसल गीता तो श्रीकृष्ण हनुमानजी को सुनाना चाहते थे। ऐसे कई प्रसंगों और जिज्ञाशाओं को अंशु की आध्यात्मिक कृति महाभारत के हनुमान शांत करती है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor