अहमदाबाद युद्ध के अमर नायक थे वीर केसरी सिंह दादोसा
मारवाड़ की रणभूमि में अद्वितीय पराक्रम की गाथा, सिर कटने के बाद भी लड़े थे युद्ध
राइजिंग भास्कर. खेड़ापा (जोधपुर)
जोधपुर जिले के खेड़ापा गांव स्थित वीर केसरी सिंह जी अखेराजोत दादोसा स्मारक स्थल पर एक शाम वीर केसरी सिंह जी दादोसा के नाम भव्य जागरण एवं महाप्रसादी का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में दुर्गाराम दमामी सहित कई भजन कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्ति रस में डूब गया। श्री वीर केसरी सिंह जी अखेराजोत स्मारक समिति खेड़ापा के तत्वावधान में आयोजित इस जागरण में खेड़ापा के साथ ही धुन्धियाड़ी, भावण्डा समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रूपचन्द उपाध्याय, मानसिंह राजपुरोहित, श्रवणसिंह राजपुरोहित सहित अन्य कलाकारों ने भी सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
किए श्रद्धा-सुमन अर्पित
कार्यक्रम की शुरुआत रूपचन्द उपाध्याय द्वारा वीर केसरी सिंह जी दादोसा की प्रतिमा के समक्ष ज्योत प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से ज्योत के दर्शन किए और आरती में भाग लेकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में गांव की बहन-बेटियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
स्मारक समिति की सराहना
कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में राजपुरोहित युवा मंडल की टीम ने सक्रिय सहयोग किया। इस अवसर पर भामाशाहों का साफा एवं माल्यार्पण कर सम्मान किया गया, वहीं युवा मंडल के सदस्यों को टी-शर्ट वितरित कर मोमेंटो प्रदान किए गए। स्मारक स्थल पर विकास कार्य में समय-समय पर सहयोग के लिए ग्राम के युवा सरपंच जेठाराम माचरा का भी विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए श्री वीर केसरी सिंह जी अखेराजोत स्मारक समिति खेड़ापा के अध्यक्ष रामसिंह राजपुरोहित खेड़ापा सहित पूरी टीम की सराहना की गई। समारोह का संचालन वरिष्ठ पत्रकार अशोक सिंह राजपुरोहित खेड़ापा ने किया।
सभी के सहयोग से कार्यक्रम सफल
श्री वीर केसरी सिंह जी अखेराजोत स्मारक समिति खेड़ापा के उपाध्यक्ष भूपेन्द्रसिंह राजपुरोहित खेड़ापा ने बताया कि यह आयोजन सभी के सामूहिक सहयोग से सफल हुआ। भव्य जागरण एवं महाप्रसादी का आयोजन सभी के सहयोग से किया गया। सभी ने तन, मन एवं धन से कार्यक्रम में सहयोग देकर इसे सफल बनाया।
वीर केसरी सिंह दादोसा का इतिहास
मारवाड़ की वीर भूमि पर जन्मे वीर केसरी सिंह राजपुरोहित अखेराजोत दादोसा अपने अद्वितीय पराक्रम के लिए प्रसिद्ध रहे। महाराजा अभयसिंह के शासनकाल में वे राजगुरु, सलाहकार और सेनापति के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। अहमदाबाद के युद्ध में उन्होंने नवाब सरबुलंद खां की विशाल सेना का सामना करते हुए अद्भुत साहस का परिचय दिया। दोनों हाथों में तलवार लेकर युद्ध करते हुए उन्होंने कई दुश्मनों का संहार किया और बख्त सिंह को भीषण प्रहार से बचाया। इतिहास में उनका पराक्रम इसलिए अमर है कि तलवारें टूट जाने के बाद भी उन्होंने कटारी से युद्ध जारी रखा और सिर कटने के बाद भी धड़ शत्रुओं से लोहा लेता रहा। ऐसी वीरता की मिसाल विरले ही देखने को मिलती है।








