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Sunday, April 19, 2026, 9:50 pm

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मधुबन हाउसिंग बोर्ड में रंगों की बौछार, गीत-संगीत और कपल डांस के साथ मनी होली

कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया गया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक होली गीतों के साथ-साथ लोकप्रिय फिल्मी गीतों पर जमकर नृत्य किया।

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

मधुबन हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में बुधवार को होली का पर्व पूरे उत्साह, उमंग और सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह से ही क्षेत्र में रंगों की हलचल दिखाई देने लगी थी और दोपहर तक पूरा माहौल गुलाल की खुशबू, ठहाकों और संगीत की गूंज से सराबोर हो गया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के लोगों ने इस रंगोत्सव में भाग लेकर यह साबित कर दिया कि होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आपसी मेल-जोल और भाईचारे का प्रतीक है।

कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रवासियों के सहयोग से किया गया, जिसमें विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं ने पारंपरिक होली गीतों के साथ-साथ लोकप्रिय फिल्मी गीतों पर जमकर नृत्य किया। ढोल की थाप और स्पीकर पर बजते रंग-बिरंगे गीतों के बीच सुमन शर्मा, नीतू भाटी, श्वेता, नीमा, अरुणा, रेणु, ऋषिका और राखी पुरोहित सहित अनेक महिलाओं ने पूरे उत्साह से प्रस्तुति दी। रंगों से सराबोर चेहरों पर मुस्कान और हाथों में गुलाल की थालियां इस बात का संकेत दे रही थीं कि वे इस अवसर का भरपूर आनंद उठा रही हैं।

महिलाओं के नृत्य के दौरान आसपास खड़े लोग तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन करते रहे। पारंपरिक “फाग” गीतों से लेकर आधुनिक होली स्पेशल गानों तक का संगम इस आयोजन को और भी खास बना रहा था। कई महिलाओं ने समूह नृत्य प्रस्तुत किया, तो कुछ ने सोलो डांस के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वातावरण में उल्लास और ऊर्जा इतनी अधिक थी कि राह चलते लोग भी कुछ देर के लिए रुककर इस रंगीन माहौल का हिस्सा बन गए।

इस बार की होली की एक विशेष बात यह रही कि क्षेत्र के पुरुषों ने भी पूरे जोश के साथ भागीदारी निभाई। शंकर शर्मा, अमित शर्मा, दिलीप कुमार पुरोहित, रविंद्र परिहार  सहित अन्य पुरुषों ने कपल डांस में हिस्सा लेकर कार्यक्रम को नई रंगत दी। पति-पत्नी और मित्रों की जोड़ी ने फिल्मी धुनों पर ताल से ताल मिलाई, जिससे उपस्थित लोगों ने खूब आनंद उठाया। यह दृश्य क्षेत्र में आपसी सौहार्द और पारिवारिक एकता का प्रतीक बन गया।

कार्यक्रम के दौरान एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी गईं। लोगों ने गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलते हुए “बुरा ना मानो होली है” की परंपरा को निभाया। बच्चों ने रंगीन पिचकारियों से पानी की फुहारें उड़ाईं, तो युवाओं ने सेल्फी और वीडियो बनाकर इस खास दिन को यादगार बनाया।

उत्सव के बीच जलपान की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। प्रतिभागियों के लिए कोल्ड ड्रिंक्स और स्वादिष्ट अल्पाहार की व्यवस्था की गई, जिससे सभी ने ऊर्जा के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। रंग खेलने और नृत्य के बाद लोगों ने साथ बैठकर नाश्ता किया और आपसी बातचीत के जरिए सामाजिक रिश्तों को और मजबूत किया। इस सामूहिक भोज ने कार्यक्रम में आत्मीयता का रंग और गहरा कर दिया।

आयोजन के दौरान अनुशासन और सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया। रंगों का प्रयोग मर्यादित और सुरक्षित ढंग से किया गया, जिससे किसी को असुविधा न हो। पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए कई लोगों ने सूखे गुलाल का उपयोग किया। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।

मधुबन हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में मनाई गई यह होली केवल रंगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सामाजिक एकता, पारिवारिक समरसता और सामूहिक उत्सव का उदाहरण बन गई। क्षेत्रवासियों ने यह संदेश दिया कि त्योहार मिलजुलकर मनाने से ही उनकी असली खुशी सामने आती है।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और अगले वर्ष भी इसी तरह भव्य आयोजन का संकल्प लिया। रंगों की यह छटा, गीत-संगीत की यह गूंज और आपसी प्रेम का यह संगम लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा। मधुबन हाउसिंग बोर्ड की होली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब समुदाय एकजुट होकर उत्सव मनाता है, तो वह केवल एक दिन का आयोजन नहीं रहता, बल्कि सामाजिक सौहार्द का जीवंत प्रतीक बन जाता है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor