तृष्णा का जन्म वर्ष 2010 में हैदराबाद में हुआ था। वर्तमान में वह केंद्रीय विद्यालय एयर फोर्स जोधपुर में कक्षा 12 की छात्रा हैं।
भगवान पंवार. जोधपुर
शिवम नाट्यालय का 65वां अरंगेत्रम तृष्णा मोहपात्रा द्वारा 26 अप्रैल 2026 को ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स’ (इंजीनियर्स भवन) के सभागार में आयोजित होगा। तृष्णा का जन्म वर्ष 2010 में हैदराबाद में हुआ था। वर्तमान में वह केंद्रीय विद्यालय एयर फोर्स जोधपुर में कक्षा 12 की छात्रा हैं।
नृत्य के प्रति अपने जुनून के साथ-साथ, तृष्णा की बैडमिंटन और कला एवं शिल्प (आर्ट एंड क्राफ्ट) में भी गहरी रुचि है। उन्होंने विभिन्न कलाकृतियां बनाई हैं, जिनमें मंडला, पटचित्र और लिपन कला शामिल हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने भगवान जगन्नाथ की मूर्ति जैसी कई शिल्पकृतियां भी तैयार की हैं। जिनके लिए उन्हें 2 पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वह अपनी संस्कृति से भी अत्यंत गहराई से जुड़ी हुई हैं और अध्यात्म में विशेष रुचि रखती हैं। भगवान जगन्नाथ में उनकी अटूट आस्था है और अपने खाली समय में वह उनकी लीलाओं को सुनने में आनंद का अनुभव करती हैं।
अटूट समर्पण और लगन के साथ, तृष्णा ने इस शास्त्रीय नृत्य शैली ‘भरतनाट्यम’ की विभिन्न मुद्राओं और बारीकियों का गहन प्रशिक्षण मात्र 8 वर्ष की आयु में, अपनी गुरु डॉ. मंजूषा चंद्रभूषण सक्सेना के मार्गदर्शन में लेना प्रारंभ किया था। भरतनाट्यम में अपनी औपचारिक शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत, अब वह ‘अरंगेत्रम’ की प्रस्तुति देने के लिए पूर्णतः तैयार हैं। तृष्णा, श्रीमती विजया लक्ष्मी मोहपात्रा और देवीप्रसाद मोहपात्रा की सुपुत्री है।








