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Sunday, April 19, 2026, 6:02 pm

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पुण्यार्थम् की त्रिदिवसीय बैठक बीकानेर में संपन्न

राजस्थान प्रभारी ब्रजकिशोर एवं पुण्यार्थम् सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इस सत्र में राजस्थान सह प्रभारी के नाते बाली सिंह की घोषणा हुई।

राइजिंग भास्कर. बीकानेर 

राजस्थान में पुण्यार्थम् की त्रिदिवसीय बैठक का आयोजन 16 अप्रैल सुबह से 18 अप्रैल शाम तक श्री हरि जैविक कृषि फार्म, अक्कासर बीकानेर में सफलतापूर्वक किया गया। इसमें राजस्थान प्रभारी ब्रजकिशोर एवं पुण्यार्थम् सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इस सत्र में राजस्थान सह प्रभारी के नाते बाली सिंह की घोषणा हुई। इस बैठक में प्रदेश भर से प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया और कई अहम निर्णय लिए गए जो राज्य में शिक्षा और सामाजिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

बैठक में जयपुर प्रभारी नवीन, रामकिशोर, योगेश, बीकानेर प्रभारी पूनम, कोटा प्रभारी कृष्णा मुरारी, जैसलमेर प्रभारी रांझा राम शामिल हुए। बैठक के पहले दिन केंद्रों की सामग्री वितरण और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सभी केंद्रों को निर्देशित किया गया कि वे समय पर सभी जरूरी सामग्री वितरित करें  और इसके वितरण की प्रक्रिया पर ध्यान दें। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी कार्य सही दिशा में चल रहे हों और किसी भी प्रकार की लापरवाही ना हो। साथ ही किसी भी प्रकार की राशि का व्यक्तिगत रूप से कोई लेन-देन नहीं किया जाएगा। सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से संस्था में ही जमा किए जाएंगे।

बैठक के दूसरे दिन विशेष रूप से को-ऑर्डिनेटर और सब-को-ऑर्डिनेटर के कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें यह सुनिश्चित किया गया कि हर स्तर पर काम की गति और गुणवत्ता पर निगरानी रखी जाए। को-ऑर्डिनेटर और सब-को-ऑर्डिनेटर की भूमिकाओं को स्पष्ट किया गया, ताकि कोई भी कार्य अटकने न पाए। यह निर्णय लिया गया कि सभी को-ऑर्डिनेटर और सब-को-ऑर्डिनेटर को उनके कार्य क्षेत्र में जवाबदेह ठहराया जाएगा और उनकी कार्यप्रणाली का मूल्यांकन नियमित रूप से किया जाएगा।

तीसरे दिन, सीएसआर से संबंधित विषयों पर चर्चा हुई। साप्ताहिक “नो बैग डे” और अन्य कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।  बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि प्रत्येक सप्ताह एक “नो बैग डे” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बच्चों को “बिना बोझ की शिक्षा” प्रदान की जाएगी। इस दिन, बच्चों को केवल मानसिक और शारीरिक विकास से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। “नो बैग डे” में शामिल कार्यक्रमों में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, योग, खेलकूद, कला, संगीत, नाटक, चित्रकला, नैतिक शिक्षा, प्रेरक प्रसंग और जीवन कौशल जैसी गतिविधियाँ शामिल होंगी। गर्मी की छुट्टियों में विशेष हॉबी क्लासेस आयोजित करने का भी प्रस्ताव रखा गया, जिसमें बच्चों को नये कौशल सीखने के लिए अवसर मिलेगा। इन क्लासेस में नृत्य, संगीत, चित्रकला, विज्ञान प्रयोग, और अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल की जाएंगी।

केंद्रों की मासिक और क्षेत्रीय बैठकों का आयोजन

बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक केंद्र में मासिक बैठक और क्षेत्रीय बैठकों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा। इन बैठकों में कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और कोई भी समस्या या मुद्दा उठाया जाएगा। यह बैठकों को एक अवसर के रूप में देखा जाएगा, जहां सभी शिक्षकों और कार्यकर्ताओं को अपने विचार साझा करने का मंच मिलेगा।

डिजिटल मीडिया संबंधित निर्देश

सभी केंद्रों को यह निर्देश दिया गया कि वे अपने विद्यार्थियों और शिक्षकों का अपडेट सोशल मीडिया पर दे  ताकि सभी केंद्रों की गतिविधियों को एकत्र की जा सकें। इसके अलावा, यह भी तय किया गया कि केंद्रों द्वारा दैनिक रिपोर्ट और 2 फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। त्रैमासिक परीक्षा निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएगी और परिणाम डिजिटल मीडिया पर स्पष्ट नजर आएंगे

मासिक बैठक कार्यक्रम

बैठक में यह भी तय किया गया कि मासिक बैठक का आयोजन हर रविवार को विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा। मासिक बैठक कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:

प्रथम रविवार: जयपुर, उदयपुर
द्वितीय रविवार: जोधपुर, सीकर
तृतीय रविवार: जैसलमेर, कोटा
चतुर्थ रविवार: बीकानेर, लक्ष्मणगढ़

इस बैठक में लिए गए सभी निर्णयों का उद्देश्य राज्य के विभिन्न केंद्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना, सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देना, और एक सशक्त समुदाय का निर्माण करना है। राजस्थान के 8 शहरों (जयपुर,जोधपुर, उदयपुर, अजमेर,बीकानेर, कोटा, जैसलमेर एवं सीकर ) के 335 संस्कार केन्द्रों में 13,400 गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा,संस्कार , स्वावलंबन एवं स्वास्थ्य के लिए कार्य कर रही है। जयपुर – 128 संस्कार केंद्र, जोधपुर – 66 संस्कार केंद्र, कोटा – 52 संस्कार केंद्र, बीकानेर – 38 संस्कार केंद्र, उदयपुर – 15 संस्कार केंद्र, जैसलमेर – 12 संस्कार केंद्र, सीकर – 12 संस्कार केंद्र, अजमेर -12 संस्कार केंद्र, 1.राजस्थान के 27 सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण में सहयोग, 2. गरीब व प्रतिभावान बच्चों का जयपुर में 5 वर्षो से IIT और NEET की कोचिंग व छात्रावास | 3.जयपुर की कच्ची बस्तियों में रोजगार सम्बंधित कार्य (सिलाई केंद्र व् पार्लर प्रशिक्षण केंद्र) पुण्यार्थम् की यह त्रिदिवसीय बैठक राजस्थान के सभी शैक्षिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके माध्यम से न केवल शिक्षा का स्तर सुधारने का लक्ष्य रखा गया है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। अब इन योजनाओं और कार्यक्रमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि राजस्थान के प्रत्येक केंद्र में समान अवसर और गुणवत्ता की शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor