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Friday, May 1, 2026, 6:02 am

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अनुबंध वृद्धजन कुटीर में रंगारंग गणगौर महोत्सव, दादा-दादी और नाना-नानी ने उठाया आनंद

लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों से सजी प्रोग्राम, बुजुर्गों के चेहरे पर दिखी खुशियों की चमक

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

निंबा निंबड़ी स्थित अनुबंध वृद्धजन कुटीर में हाल ही में गणगौर महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष आयोजन में कुटीर में रह रहे दादा-दादी और नाना-नानी ने पूरे मन से भाग लिया और कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।

राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करने वाले इस आयोजन में वातावरण पूरी तरह लोक रंग में रंग गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक गणगौर पूजन से हुई, जिसमें महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ माता गौरी और भगवान शिव की आराधना की। इसके बाद लोकगीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा गणगौर के पारंपरिक गीतों का गायन। बुजुर्ग महिलाओं ने समूह में बैठकर मधुर स्वर में गीत गाए, जिससे पूरा परिसर भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। इन गीतों में न केवल परंपरा की झलक थी, बल्कि बुजुर्गों की जीवनभर की सांस्कृतिक स्मृतियां भी झलक रही थीं।

महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर नृत्य प्रस्तुत किए। सिर पर कलश रखकर की गई प्रस्तुतियां विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहीं। इस दौरान महिलाओं ने संतुलन, लय और ताल का सुंदर समन्वय दिखाते हुए अपनी कला का प्रदर्शन किया। उपस्थित सभी लोगों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों के चेहरे पर खुशी और आत्मीयता साफ झलक रही थी। कई बुजुर्गों ने अपने पुराने दिनों की यादें साझा कीं और बताया कि इस तरह के आयोजन उन्हें अपने गांव और परिवार की याद दिलाते हैं। यह आयोजन उनके लिए केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का भी अवसर बन गया। अनुबंध की संचालिका अनुराधा अडवानी ने बताया कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य बुजुर्गों को सक्रिय, प्रसन्न और समाज से जुड़ा हुआ महसूस कराना है। गणगौर जैसे पारंपरिक त्योहारों के माध्यम से उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। सामूहिक रूप से प्रसाद वितरण किया गया। इस पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि उम्र चाहे कोई भी हो, उत्सव और परंपराएं जीवन में नई ऊर्जा और खुशियां भर देती हैं। अनुबंध वृद्धजन कुटीर में आयोजित यह गणगौर महोत्सव न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि बुजुर्गों के लिए एक यादगार अनुभव भी बन गया, जिसने उनके जीवन में खुशियों के नए रंग भर दिए। अनुराधा अडवानी ने बताया कि आज शाम को भी आयोजन होगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor