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Thursday, July 9, 2026, 8:38 am

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आयुर्वेद औषधि आधारित, योग में इसकी जरूरत नहीं: डॉ. नागेंद्र

पीएम के योग गुरु बोले—योग से न सिर्फ स्वास्थ्य सुधरता है बल्कि वैश्विक शांति का भी मार्ग प्रशस्त होता है

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर 

योग और आयुर्वेद को लेकर एक महत्वपूर्ण विचार सामने रखते हुए प्रधानमंत्री के योग गुरु पद्मश्री डॉ. एच.आर. नागेंद्र ने कहा कि आयुर्वेद पूरी तरह औषधि आधारित प्रणाली है, जबकि योग में दवाइयों की कोई आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग शरीर और मन को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ बनाने की प्रक्रिया है, जो व्यक्ति को भीतर से संतुलित करती है।

डॉ. नागेंद्र जोधपुर के होटल उम्मेद हेरिटेज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित प्रबुद्धजनों, चिकित्सकों और योग साधकों से संवाद करते हुए कहा कि योग में ध्यान और प्राणायाम व्यक्ति को विकारों और अहंकार से बाहर निकालते हैं। इससे न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि वैश्विक शांति की दिशा में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में लोगों का झुकाव औषधि आधारित उपचार की ओर अधिक है, लेकिन योग एक ऐसी पद्धति है जिसमें बिना दवा के ही शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। यही कारण है कि योग को अपनाने की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. नागेंद्र ने यह भी कहा कि बीमारियों को जड़ से खत्म करने के लिए सभी चिकित्सा पद्धतियों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने होम्योपैथी, एलोपैथी, आयुर्वेद और एक्यूपंक्चर जैसी विधाओं को मिलाकर उपचार करने पर जोर दिया, जिससे मरीजों को बेहतर और स्थायी लाभ मिल सके।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री भी चाहते हैं कि सभी चिकित्सा प्रणालियां एक साथ मिलकर काम करें और लोगों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं। डॉ. नागेंद्र ने शिक्षा क्षेत्र में भी बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि एक ही परिसर में पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का अध्ययन और अनुसंधान होना चाहिए। इससे नई पीढ़ी के चिकित्सकों को व्यापक ज्ञान मिलेगा और वे मरीजों का बेहतर इलाज कर सकेंगे।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह में डॉ. नागेंद्र को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि, चिकित्सक और समाजसेवी भी मौजूद रहे। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान उपस्थित लोगों ने स्वास्थ्य, योग और आयुर्वेद से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका डॉ. नागेंद्र ने विस्तार से जवाब दिया।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और समाज में योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor