कार्यक्रम के संयोजक डा. रामानंद काबरा ने अपने संबोधन में कहा—“हमारे पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनकी पुण्यतिथि को जनहित के कार्यों से जोड़ें। यदि समाज का मात्र 5% वर्ग भी इस संकल्प को जीवन का हिस्सा बना ले, तो देश में अभाव, पीड़ा और अशिक्षा जैसी समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं।”
राइजिंग भास्कर. नागौर
समाज सेविका स्व. रामकन्या मनीहार की द्वितीय पुण्यतिथि को एक सार्थक दिशा देते हुए डी सेवन डोर फाउंडेशन एवं व्यास मेडिसिटी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस सेवा-प्रधान आयोजन ने श्रद्धांजलि को केवल औपचारिकता से आगे बढ़ाकर उसे जनकल्याण के वास्तविक स्वरूप में परिवर्तित कर दिया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन अतिरिक्त जिला कलेक्टर.चम्पालाल जिनघर द्वारा किया गया। प्रारंभ में अतिथियों का आत्मीय स्वागत कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए गए, जिससे पूरे आयोजन का वातावरण भावनात्मक और गरिमामय बन गया।
कार्यक्रम के संयोजक डा. रामानंद काबरा ने अपने संबोधन में कहा—“हमारे पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनकी पुण्यतिथि को जनहित के कार्यों से जोड़ें। यदि समाज का मात्र 5% वर्ग भी इस संकल्प को जीवन का हिस्सा बना ले, तो देश में अभाव, पीड़ा और अशिक्षा जैसी समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं।”
उन्होंने भावुक स्वर में यह भी कहा कि—“कोई गरीब बेटा अपनी माँ को इलाज के अभाव में तिल-तिल मरते हुए न देखे—यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।” शिविर में व्यास मेडिसिटी की विशेषज्ञ टीम ने वरिष्ठ प्रबंधकभूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह सारी सेवाएं प्रदान कीं गई । विभिन्न विभागों से आए अनुभवी चिकित्सकों ने मरीजों का परीक्षण कर उचित परामर्श दिया, जिनमें—
हृदय रोग विशेषज्ञ: डा. विनीत जैन, यूरोलॉजी विशेषज्ञ: डा. भरत खदाव, फिजिशियन: डाॅ. पी.आर. लिम्बा, स्पाइन एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ: डा. पीयूष जोशी, जनरल सर्जरी: डाॅ. यश परिहार, नेत्र रोग विशेषज्ञ: डाॅ. कंचन सोलंकी प्रमुख थे। शिविर की चेयरमैन नीलू खंडलोया ने जानकारी दी कि इस आयोजन में 275 से अधिक मरीजों ने विभिन्न रोगों की जांच एवं परामर्श का लाभ लिया। इस शिविर की विशेषता यह रही कि सभी मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाइयाँ भी निःशुल्क वितरित की गईं, जिससे जरूरतमंदों को तत्काल राहत मिली।
संस्था के अध्यक्ष रामधन सुथार ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य केवल चिकित्सा सेवा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में सेवा की भावना को जागृत करना भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को एक नई दिशा देते हैं, जहां श्रद्धांजलि केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जनसेवा के रूप में जीवंत हो उठती है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने मै डी 7 की पूरी टीम बड़ी तन्मयाता से लगी हुई थी।इसमें मुकुंद सैन, सतायनारायण वैष्णव, गजेंद्र माथुर, सत्यनारायण गोयल,महावीर गेहलोत, कैलाश मूथा, राजेश मनीहार, मनीष मनिहार,भरत बागड़ी, मुकेश तोशनीवाल,श्याम माथुर, जवरी लाल भट, रामसा लढा, आरती मनीहार, सावित्री दरक,रामजीलाल सोनी, गोविन्द लढा,विरम कासट, गोविन्द सारदा,आशीष पुरोहित सहित कंही गणमान्य व्यक्ति लगे थे।







