लुपिन फाउंडेशन ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर राजस्थान के करौली और हिंडौन में दो एनसीडी (नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज़) कॉर्नर शुरू किए हैं। यह पहल आने वाले समय में और मजबूत होगी, क्योंकि पांच आकांक्षी जिलों- जैसलमेर, बारां, धौलपुर और सिरोही सहित में कुल नौ एनसीडी कॉर्नर चरणबद्ध तरीके से स्थापित किए जाएंगे।
राखी पुरोहित. जयपुर
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल, शुगर और साेस से जुड़ी बीमारियाे तेजी से बढ़ रही हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इन बीमारियों का समय पर पता नहीं चल पाता। ऐसे में, यदि जांच और इलाज की सुविधा पास में ही मिल जाए, तो कई जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं। इसी दिशा में लुपिन फाउंडेशन ने विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर राजस्थान के करौली और हिंडौन में दो एनसीडी (नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज़) कॉर्नर शुरू किए हैं। यह पहल आने वाले समय में और मजबूत होगी, क्योंकि पांच आकांक्षी जिलों- जैसलमेर, बारां, धौलपुर और सिरोही सहित में कुल नौ एनसीडी कॉर्नर चरणबद्ध तरीके से स्थापित किए जाएंगे।
इन एनसीडी कॉर्नर को आधुनिक जांच उपकरणों से लैस किया गया है, जिससे मरीजों को एक ही जगह पर ब्लड प्रेशर, शुगर, फेफड़ों और दिल से जुड़ी जांच आसानी से मिल सकेगी। साथ ही, यहां नर्सिंग स्टाफ को जरूरी जानकारी और ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि वे लोगों को लाइफस्टाइल बीमारियों से बचाव और सही आदतों के बारे में जागरूक कर सकें।
करौली जिला अस्पताल के डिप्टी कंट्रोलर डॉ. भुवनेश बंसल ने कहा, “जिला अस्पतालों को मजबूत बनाना हमारी प्राथमिकता है। एनसीडी कॉर्नर की यह पहल समय पर जांच, सही इलाज और लंबे समय तक मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाएगी, जिससे इन बीमारियों का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।” वहीं, लुपिन फाउंडेशन की सीएसआर प्रमुख सुश्री तुषारा शंकर ने कहा, “हमारा लक्ष्य लोगों को स्वस्थ जीवन जीने में सक्षम बनाना है। लाइव्स प्रोग्राम के जरिए हम बेहतर और समान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं, ताकि हर समुदाय तक समय पर जांच और इलाज पहुंच सके।” कुल मिलाकर, यह पहल सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक ऐसा कदम है जो लोगों को समय रहते सतर्क करेगा और उन्हें बेहतर, स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ने में मदद करेगा।







