Explore

Search

Thursday, April 30, 2026, 7:48 pm

Thursday, April 30, 2026, 7:48 pm

LATEST NEWS
Lifestyle

एमडीएम अस्पताल में ‘अन्नदान सेवा’ का ऐतिहासिक पड़ाव : 1,51,000वां भोजन वितरण 13 अप्रैल को

श्रीकृष्ण की कृपा से सेवा जारी, मरीजों और उनके परिजनों को समर्पित पहल; शहरवासियों को परिवार सहित जुड़ने का आमंत्रण

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com 

मानव सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा 13 अप्रैल 2026 को, जब जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में अन्नदान सेवा के तहत 1,51,000 वें भोजन का वितरण किया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की असीम कृपा से संचालित इस सेवा ने एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक मुकाम हासिल किया है, जिसे सेवा से जुड़े सभी लोग एक दिव्य उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। यह सेवा विशेष रूप से उन मरीजों और उनके परिजनों के लिए चलाई जा रही है, जो अस्पताल में अपने प्रियजनों के साथ रहते हैं और अक्सर भोजन की समुचित व्यवस्था नहीं कर पाते। ऐसे में यह अन्नदान सेवा न केवल उनकी भूख मिटा रही है, बल्कि उन्हें मानसिक और आध्यात्मिक संबल भी प्रदान कर रही है।

अन्नदान सेवा: भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम

भारतीय संस्कृति में अन्नदान को सर्वोच्च दान माना गया है। इसे केवल भोजन देना नहीं, बल्कि ईश्वर की सेवा का एक रूप माना जाता है। जब प्रसाद रूप में भोजन वितरित किया जाता है, तो वह शरीर के साथ-साथ आत्मा को भी पोषण देता है। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए यह सेवा निरंतर जारी है। सेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं का मानना है कि “अन्नदान ही कृष्ण सेवा है”, और इसी विश्वास के साथ वे प्रतिदिन मरीजों और उनके परिजनों तक भोजन पहुंचा रहे हैं।

मरीजों और परिजनों के लिए राहत का माध्यम

अस्पतालों में अक्सर दूर-दराज से आए लोग अपने मरीजों के साथ रहते हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें भोजन की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार वे स्वयं भूखे रहकर अपने मरीजों की देखभाल करते हैं। ऐसे में एमडीएम अस्पताल में चल रही यह अन्नदान सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यहां नियमित रूप से भोजन वितरण किया जाता है, जिससे सैकड़ों लोगों को राहत मिलती है। यह सेवा न केवल उनकी शारीरिक जरूरतों को पूरा करती है, बल्कि उन्हें यह एहसास भी कराती है कि समाज उनके साथ खड़ा है।

1,51,000वें भोजन का वितरण: एक ऐतिहासिक उपलब्धि

अन्नदान सेवा के तहत अब तक 1,50,999 भोजन वितरित किए जा चुके हैं और 13 अप्रैल को 1,51,000वां भोजन वितरित किया जाएगा। यह आंकड़ा अपने आप में इस सेवा की निरंतरता, समर्पण और प्रभाव का प्रमाण है। इस विशेष अवसर को सेवा से जुड़े लोग एक उत्सव के रूप में मना रहे हैं। उनका मानना है कि यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में आई राहत और मुस्कान का प्रतीक है।

13 अप्रैल को विशेष आयोजन, शहरवासियों को आमंत्रण

इस पावन अवसर पर 13 अप्रैल 2026 को सुबह 11:00 बजे एमडीएम अस्पताल के पुराने भवन के प्रशासनिक ब्लॉक में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में शहर के नागरिकों, श्रद्धालुओं और सेवा भाव रखने वाले लोगों को अपने परिवार सहित शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है। आयोजकों का कहना है कि इस सेवा में जितने अधिक लोग जुड़ेंगे, उतनी ही अधिक संख्या में जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सकेगी।

समाज में सेवा भावना को मिल रहा बढ़ावा

इस प्रकार की पहल समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देती है। जब लोग स्वयं आगे आकर दूसरों की मदद करते हैं, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अन्नदान सेवा के माध्यम से न केवल जरूरतमंदों की सहायता हो रही है, बल्कि यह एक प्रेरणा भी बन रही है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर समाज के लिए कुछ न कुछ कर सकता है।

आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण

अन्नदान को केवल सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना भी माना गया है। जब किसी जरूरतमंद को श्रद्धा और प्रेम से भोजन कराया जाता है, तो वह ईश्वर की सेवा के समान होता है। इस सेवा से जुड़े लोग मानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से ही यह कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है और भविष्य में भी इसी तरह सेवा का विस्तार होता रहेगा।

संपर्क कर जुड़ सकते हैं सेवा से

जो भी व्यक्ति इस अन्नदान सेवा से जुड़ना चाहते हैं या किसी प्रकार का सहयोग करना चाहते हैं, वे दिए गए संपर्क नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

9116139371
9773331912

आयोजकों ने सभी से अपील की है कि वे इस सेवा में भाग लेकर न केवल जरूरतमंदों की मदद करें, बल्कि अपने जीवन में भी सेवा और संतोष का अनुभव करें। एमडीएम अस्पताल में चल रही अन्नदान सेवा निस्वार्थ सेवा, भक्ति और मानवता का एक जीवंत उदाहरण है। 1,51,000वें भोजन वितरण का यह अवसर न केवल एक उपलब्धि है, बल्कि समाज के लिए एक संदेश भी है कि यदि सभी मिलकर प्रयास करें, तो कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहेगा। यह पहल यह भी दर्शाती है कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी अपेक्षा के जरूरतमंदों तक पहुंचे। 13 अप्रैल को होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से शहरवासियों के लिए एक प्रेरणादायक और आध्यात्मिक अनुभव साबित होगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor