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Wednesday, April 29, 2026, 8:27 am

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28 अप्रैल : सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव- शादी की 11वीं सालगिरह पर मंजू गहलोत दंपति ने पेश की मिसाल

गोशाला में सेवा, पशुओं के लिए मेडिसिन किट और पंखों की व्यवस्था—मानवता और करुणा का अनूठा संदेश

दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

समाज में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने कर्मों से एक नई पहचान बनाते हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाते हैं। मंजू गहलोत ऐसी ही एक शख्सियत हैं, जिन्होंने सेवा को केवल कार्य नहीं बल्कि अपने जीवन का मूल धर्म बना लिया है। मानवता, करुणा, दया, प्रेम और सहयोग जैसे मूल्यों में गहरा विश्वास रखने वाली मंजू गहलोत अपने निरंतर सेवा कार्यों के लिए जानी जाती हैं। उनकी यही सोच और समर्पण उन्हें अपने आप में एक संस्थान बनाता है।

28 फरवरी 2026 को अपनी शादी की 11वीं सालगिरह के अवसर पर मंजू गहलोत और उनके जीवन साथी अर्जुन सिंह गहलोत ने इस विशेष दिन को निजी उत्सव तक सीमित न रखते हुए समाज और जीव-जंतुओं की सेवा के नाम समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने गोशाला में जाकर सेवा कार्य किए और पशुओं की देखभाल के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए।

गोशाला में सेवा कार्य से मनाया खास दिन

मंजू गहलोत और अर्जुन सिंह गहलोत ने अपनी सालगिरह पर गोशाला में जाकर गायों की सेवा की। उन्होंने न केवल वहां सफाई और देखभाल में सहयोग किया, बल्कि गायों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उपयोगी मेडिसिन किट भी भेंट की। इसके साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए गोशाला में छत पंखा लगवाया, ताकि पशुओं को भीषण गर्मी से राहत मिल सके।

आज के समय में जब गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में यह पहल न केवल संवेदनशीलता का परिचायक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सेवा का दायरा केवल इंसानों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पशु-पक्षियों तक भी विस्तारित होना चाहिए।

मेडिसिन किट में शामिल थीं आवश्यक दवाएं

गोशाला में भेंट की गई मेडिसिन किट में पशुओं के इलाज और देखभाल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण दवाएं और सामग्री शामिल थीं। इनमें दर्द और सूजन को कम करने वाली दवा Megludyne, शरीर में ऊर्जा और पानी की कमी को पूरा करने के लिए DNS (Dextrose Normal Saline), शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए Butaphasphone, विटामिन की पूर्ति के लिए Tribivet इंजेक्शन, हाइड्रेशन के लिए लिक्विड, घावों की सफाई के लिए Povidone एंटीसेप्टिक और सुरक्षा के लिए मास्क जैसी उपयोगी चीजें शामिल थीं।

यह किट पशुओं के प्राथमिक उपचार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इससे गोशाला संचालकों को काफी राहत मिलेगी।

सेवा कार्यों की लंबी परंपरा

मंजू गहलोत का सेवा कार्यों से जुड़ाव कोई नया नहीं है। इससे पहले भी वे कई सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेती रही हैं। कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों को भोजन उपलब्ध कराना, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित करना, सर्दियों में गरीब और असहाय लोगों को गर्म कपड़े देना—ये सभी कार्य उनके सेवा भाव को दर्शाते हैं।

इसके अलावा, उन्होंने पक्षियों के संरक्षण के लिए भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। गर्मी के दिनों में पक्षियों के लिए परिंडे लगाना, घरोंदे वितरित करना और उनमें नियमित रूप से दाना-पानी की व्यवस्था करना उनके जीव दया के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

जीव दया के प्रति विशेष लगाव

मंजू गहलोत की दिनचर्या की शुरुआत ही जीव दया से होती है। वे मानती हैं कि सेवा केवल इंसानों की नहीं, बल्कि हर जीव की होनी चाहिए। यही कारण है कि वे पशु-पक्षियों के प्रति विशेष संवेदनशीलता रखती हैं और उनके संरक्षण व देखभाल के लिए निरंतर प्रयासरत रहती हैं।

उनकी यह सोच समाज के लिए एक प्रेरणा है कि अगर हर व्यक्ति अपने स्तर पर थोड़ा-सा भी योगदान दे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

समाज के लिए प्रेरणा

मंजू गहलोत और अर्जुन सिंह गहलोत का यह कदम उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है, जो अपने खास अवसरों को केवल व्यक्तिगत खुशी तक सीमित रखते हैं। यह दंपति दिखाता है कि यदि चाह हो, तो हर खुशी के मौके को समाज के कल्याण से जोड़ा जा सकता है।

शादी की सालगिरह जैसे निजी अवसर को सेवा और मानवता के नाम समर्पित करना वास्तव में सराहनीय है। यह न केवल समाज में सकारात्मक संदेश देता है, बल्कि दूसरों को भी ऐसे कार्यों के लिए प्रेरित करता है।

दूसरों की मदद करने में मिलती है खुशी : मंजू गहलोत

मंजू गहलोत का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची खुशी दूसरों की मदद करने में ही निहित होती है। मंजू गहलोत का कहना है कि दूसरों की सेवा में ही असली आनंद है। परोपकार करने से आत्मिक सुकून और शांति का अनुभव होता है।  उन्होंने अपने कार्यों से यह सिद्ध कर दिया है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। उनकी यह पहल निश्चित रूप से समाज में सेवा की भावना को मजबूत करेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

 

 

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor