RBI ने डिजिटल रुपये (e₹) को लेकर जागरूकता अभियान तेज किया है। डिजिटल रुपया नकद की तरह ही वैध मुद्रा है, लेकिन यह पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध है। अब इसे UPI QR कोड के माध्यम से भी उपयोग किया जा सकता है, जिससे भुगतान पहले से अधिक आसान हो गया है।
राइजिंग भास्कर के ग्रुप एडिटर दिलीप कुमार पुरोहित ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को एक सुझाव भेजा था और बाद में राइजिंग भास्कर में एक समाचार भी प्रकाशित किया था। उस समाचार में दिलीप कुमार पुरोहित ने एक दुनिया, एक करेंसी : क्या संभव है वैश्विक व्यापार का नया मॉडल? राइजिंग भास्कर के ग्रुप एडिटर दिलीप कुमार पुरोहित के तीन मौलिक सुझावों में से एक सुझाव पर रिजर्व बैंक ने भारत में शुरुआत कर दी है।
दिलीप कुमार पुरोहित. नई दिल्ली
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देश में डिजिटल भुगतान को नई दिशा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल रुपया (e₹) को लेकर जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। हाल ही में RBI के आधिकारिक WhatsApp चैनल पर जारी संदेश में बताया गया कि अब नकद रुपये की तरह डिजिटल रुपया भी मोबाइल में रखा जा सकता है और इससे QR कोड स्कैन कर भुगतान किया जा सकता है।
डिजिटल रुपया भारत की Central Bank Digital Currency (CBDC) है, जिसे सीधे भारतीय रिजर्व बैंक जारी करता है। इसका मूल्य सामान्य नकद रुपये के बराबर होता है, अर्थात 1 e₹ = 1 रुपया। यह कोई क्रिप्टोकरेंसी नहीं बल्कि भारत सरकार और RBI द्वारा समर्थित आधिकारिक डिजिटल मुद्रा है।
क्या है डिजिटल रुपया (e₹)?
डिजिटल रुपया भारतीय मुद्रा का इलेक्ट्रॉनिक रूप है। जैसे आप अपने पर्स में नकद रखते हैं, वैसे ही डिजिटल रुपया मोबाइल के डिजिटल वॉलेट में रखा जा सकता है। यह पूरी तरह सुरक्षित, वैध और RBI द्वारा नियंत्रित मुद्रा है।
विशेषज्ञों के अनुसार इसका उद्देश्य नकदी प्रबंधन की लागत कम करना, डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाना तथा भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
जानिए: डिजिटल रुपया और UPI में अंतर
UPI
डिजिटल रुपया (e₹)
बैंक खाते से भुगतान होता है
डिजिटल वॉलेट में रखी मुद्रा से भुगतान
केवल भुगतान का माध्यम
स्वयं RBI की डिजिटल मुद्रा
बैंक बैलेंस कम होता है
e₹ वॉलेट का बैलेंस कम होता है
बैंकिंग नेटवर्क पर निर्भर
नकद जैसी डिजिटल वैल्यू
UPI QR कोड से भी हो सकेगा भुगतान
RBI ने डिजिटल रुपये को अधिक उपयोगी बनाने के लिए इसे UPI QR कोड के साथ भी जोड़ दिया है। अब कई बैंक अपने डिजिटल रुपया वॉलेट के माध्यम से सामान्य UPI QR को स्कैन कर भुगतान की सुविधा दे रहे हैं।
इससे दुकानदारों को अलग QR कोड लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और ग्राहकों को भुगतान में आसानी होती है।
डिजिटल रुपये की बढ़ रही लोकप्रियता
RBI की रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल रुपये का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। लाखों उपयोगकर्ता और अनेक बैंक इस पायलट परियोजना से जुड़ चुके हैं। RBI अब ऑफलाइन भुगतान, प्रोग्रामेबल पेमेंट तथा अंतरराष्ट्रीय (Cross-border) भुगतान जैसी नई सुविधाओं पर भी काम कर रहा है।
डिजिटल रुपये के प्रमुख लाभ
- नकद की तरह वैध मुद्रा
- छुट्टे पैसे की आवश्यकता नहीं
- QR कोड से आसान भुगतान
- सुरक्षित और RBI द्वारा जारी
- डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती
- भविष्य में ऑफलाइन भुगतान की सुविधा
किन क्षेत्रों में होगा उपयोग?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल रुपया सरकारी योजनाओं, सब्सिडी वितरण, छात्रवृत्ति, पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) तथा अंतरराष्ट्रीय भुगतान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। RBI इन क्षेत्रों में पायलट परियोजनाओं का विस्तार करने की तैयारी कर रहा है।
क्या डिजिटल रुपया क्रिप्टोकरेंसी है?
नहीं।
बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी निजी होती हैं।
डिजिटल रुपया RBI द्वारा जारी आधिकारिक मुद्रा है।
इसकी वैल्यू हमेशा भारतीय रुपये के बराबर रहती है।
इसे सरकार और केंद्रीय बैंक का समर्थन प्राप्त है।
क्या नकद बंद हो जाएगा?
RBI ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल रुपया नकद का विकल्प है, उसका प्रतिस्थापन नहीं। यानी भविष्य में भी नकद चलता रहेगा। डिजिटल रुपया लोगों को भुगतान का एक अतिरिक्त सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराएगा।
आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- 1 e₹ = 1 रुपये के बराबर
- RBI द्वारा जारी वैध डिजिटल मुद्रा
- UPI QR पर भुगतान संभव
- कोई क्रिप्टोकरेंसी नहीं
- भविष्य में और नई सुविधाएं जुड़ेंगी



