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Wednesday, August 5, 2026, 10:40 pm

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इटली का दीर्घायु द्वीप: जहां 100 वर्ष की उम्र भी है सामान्य, जानिए लंबी और स्वस्थ जिंदगी का राज

सार्डीनिया के पहाड़ी गांवों में बड़ी संख्या में 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोग स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। वैज्ञानिक वर्षों से यहां की जीवनशैली, खान-पान और सामाजिक संस्कृति का अध्ययन कर रहे हैं, ताकि स्वस्थ और लंबी उम्र के रहस्यों को समझा जा सके।

दिलीप कुमार पुरोहित. सार्डीनिया

दुनिया में जहां औसत जीवन प्रत्याशा लगभग 73 वर्ष के आसपास है, वहीं इटली के भूमध्यसागरीय द्वीप सार्डीनिया (Sardinia) के कुछ गांव ऐसे हैं जहां 90 और 100 वर्ष की आयु पार करना असाधारण नहीं माना जाता। यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिलते हैं जो शतायु होने के बावजूद सक्रिय, आत्मनिर्भर और सामाजिक जीवन जी रहे हैं। यही कारण है कि यह इलाका दुनिया के प्रसिद्ध “ब्लू जोन (Blue Zone)” क्षेत्रों में शामिल है, जहां सबसे अधिक दीर्घायु लोग पाए जाते हैं।

वैज्ञानिकों, पोषण विशेषज्ञों और चिकित्सकों का मानना है कि केवल अच्छे जीन ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, मजबूत पारिवारिक रिश्ते और तनावमुक्त जीवनशैली इस असाधारण लंबी उम्र का आधार हैं।

क्या है ब्लू जोन?

“ब्लू जोन” उन क्षेत्रों को कहा जाता है जहां दुनिया में सबसे अधिक लोग 100 वर्ष या उससे अधिक आयु तक जीवित रहते हैं। दुनिया में ऐसे केवल पांच प्रमुख ब्लू जोन माने जाते हैं—

  • इटली का सार्डीनिया
  • जापान का ओकिनावा
  • ग्रीस का इकारिया
  • कोस्टा रिका का निकोया
  • अमेरिका का लोमा लिंडा

इन सभी स्थानों में रहने वाले लोगों की जीवनशैली अलग-अलग होने के बावजूद कुछ समान विशेषताएं देखने को मिलती हैं।

सार्डीनिया क्यों है खास?

इटली के इस द्वीप के पूर्वी और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की औसत आयु सामान्य से कहीं अधिक है।
यहां के अधिकांश बुजुर्ग—

  • स्वयं पैदल चलते हैं।
  • खेती-बाड़ी या बागवानी करते हैं।
  • परिवार के साथ रहते हैं।
  • मानसिक रूप से सक्रिय रहते हैं।
  • समाज के हर कार्यक्रम में भाग लेते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यहां बुजुर्गों को परिवार का सबसे महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता है, जिससे उनमें अकेलेपन की भावना बहुत कम होती है।

दीर्घायु का पहला रहस्य: प्राकृतिक भोजन

सार्डीनिया के लोग अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाए रखते हैं। उनके भोजन में शामिल होते हैं—

  • ताजी सब्जियां
  • मौसमी फल
  • साबुत अनाज
  • जैतून का तेल
  • दालें
  • बीन्स
  • मेवे
  • स्थानीय पनीर
  • सीमित मात्रा में मांस

विशेषज्ञ बताते हैं कि यहां लोग भोजन में अत्यधिक चीनी और जंक फूड का सेवन नहीं करते।
कम खाना, लेकिन पौष्टिक खाना। यहां के लोग पेट भरने से पहले ही भोजन करना बंद कर देते हैं। इस आदत के कारण—

  • मोटापा कम होता है।
  • डायबिटीज का खतरा घटता है।
  • हृदय स्वस्थ रहता है।
  • पाचन बेहतर रहता है।
  • पोषण विशेषज्ञ इसे स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण सिद्धांत मानते हैं।
  • हर दिन पैदल चलना ही व्यायाम
  • सार्डीनिया के गांव पहाड़ी इलाकों में बसे हैं।

यहां रहने वाले लोग—

  • रोज कई किलोमीटर पैदल चलते हैं।
  • सीढ़ियां चढ़ते-उतरते हैं।
  • खेतों में काम करते हैं।
  • पशुपालन करते हैं।
  • वे अलग से जिम जाने की बजाय अपनी दिनचर्या में ही पर्याप्त शारीरिक गतिविधि कर लेते हैं।
  • परिवार की मजबूत भूमिका

लंबी उम्र का एक बड़ा कारण सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव भी माना जाता है। यहां—

  • कई पीढ़ियां एक साथ रहती हैं।
  • बुजुर्गों का सम्मान किया जाता है।
  • बच्चों और पोते-पोतियों के साथ नियमित समय बिताया जाता है।
  • अकेलापन बहुत कम होता है।
  • शोध बताते हैं कि मजबूत सामाजिक संबंध मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं।

तनाव कम, संतोष ज्यादा

आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव आज कई बीमारियों का कारण बन चुके हैं। लेकिन सार्डीनिया में लोग

  • जीवन को सरल रखते हैं।
  • पर्याप्त आराम करते हैं।
  • मित्रों से नियमित मिलते हैं।
  • प्रकृति के बीच समय बिताते हैं।
  • तनाव कम होने से रक्तचाप, हृदय रोग और मानसिक समस्याओं का खतरा भी कम रहता है।

जीन भी निभाते हैं भूमिका

वैज्ञानिकों का मानना है कि सार्डीनिया के लोगों में कुछ आनुवंशिक विशेषताएं भी दीर्घायु में योगदान देती हैं।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि केवल अच्छे जीन पर्याप्त नहीं हैं। यदि जीवनशैली खराब हो तो आनुवंशिक लाभ भी सीमित हो जाते हैं।

छोटी-छोटी आदतें बनती हैं बड़ी ताकत

यहां रहने वाले लोग—

  • पर्याप्त नींद लेते हैं।
  • धूम्रपान कम करते हैं।
  • शराब का सीमित सेवन करते हैं।
  • प्राकृतिक वातावरण में रहते हैं।
  • नियमित दिनचर्या अपनाते हैं।

इन छोटी आदतों का असर पूरी उम्र पर दिखाई देता है।

क्या भारत सीख सकता है?

भारत में भी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग—

  • रोज 30 से 45 मिनट पैदल चलें,
  • संतुलित भोजन करें,
  • जंक फूड कम खाएं,
  • परिवार के साथ समय बिताएं,
  • तनाव कम करें,
  • पर्याप्त नींद लें, तो कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।

विश्व स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लंबी उम्र केवल वर्षों की संख्या नहीं है, बल्कि उन वर्षों को स्वस्थ और सक्रिय तरीके से जीना अधिक महत्वपूर्ण है। सार्डीनिया इसका जीवंत उदाहरण माना जाता है, जहां कई शतायु लोग आज भी अपने दैनिक कार्य स्वयं करते हैं और समाज में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।

वैज्ञानिकों के लिए शोध का केंद्र

पिछले कई वर्षों से विभिन्न देशों के वैज्ञानिक सार्डीनिया में शोध कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यह समझना है कि—
कौन-से खाद्य पदार्थ सबसे अधिक लाभकारी हैं। कौन-सी जीवनशैली सबसे स्वस्थ है। सामाजिक संबंध स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं। बढ़ती उम्र में शरीर को सक्रिय कैसे रखा जा सकता है। इन अध्ययनों के निष्कर्ष दुनिया भर की स्वास्थ्य नीतियों और शोध में उपयोग किए जा रहे हैं।

बदलती दुनिया के सामने चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक खान-पान और शहरी जीवनशैली धीरे-धीरे इन पारंपरिक आदतों को भी प्रभावित कर रही है। यदि नई पीढ़ी जंक फूड, कम शारीरिक गतिविधि और तनावपूर्ण जीवन अपनाती है, तो भविष्य में दीर्घायु की यह परंपरा भी प्रभावित हो सकती है। इटली का सार्डीनिया केवल एक खूबसूरत द्वीप नहीं, बल्कि स्वस्थ और लंबी जिंदगी का एक जीवंत प्रयोगशाला भी है। यहां के लोगों की जीवनशैली यह संदेश देती है कि लंबी उम्र का रहस्य किसी चमत्कारी दवा में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी अच्छी आदतों में छिपा है। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, मजबूत पारिवारिक संबंध, मानसिक शांति और प्रकृति के साथ जुड़ाव—ये सभी मिलकर ऐसी जीवनशैली बनाते हैं जो न केवल उम्र बढ़ाती है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर बनाती है।

फैक्ट बॉक्स

  •  स्थान: सार्डीनिया, इटली
  •  पहचान: दुनिया के प्रमुख “ब्लू जोन” क्षेत्रों में शामिल
  •  विशेषता: 100 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले लोगों की उल्लेखनीय संख्या
  •  प्रमुख कारण: संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, मजबूत पारिवारिक संबंध, कम तनाव और सक्रिय
  • सामाजिक जीवन
  •  सीख: स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर दीर्घायु और बेहतर स्वास्थ्य की संभावना बढ़ाई जा सकती है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor