28 साल में सेवा से रचा इतिहास, अस्पताल से गांव तक, मरीज से गोशाला तक…नौकरी और समाज सेवा का अनूठा संगम
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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ईश्वर ने जो काया दी है वो करुणा ना दिखाए तो मानव जन्म व्यर्थ है। ये कहना है तेज कंवर का। महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर की वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी और किचन प्रभारी श्रीमती तेज कंवर पिछले 28 साल से सेवा ही परमो धर्म की भावना से कार्य रही है और जिन्होंने जीवन का ध्येय ही सेवा को बना रखा है। नौकरी के साथ-साथ समाज सेवा में संतुलन बनाकर उन्होंने जोधपुर ही नहीं पूरे राजस्थान में मानवता की मिसाल पेश की है।
12 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में राजस्थान नर्सिंग कौंसिल द्वारा उन्हें राज्यस्तरीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया। नर्सिंग का यह सर्वोच्च सम्मान उनकी 28 वर्षीय तपस्या का परिणाम है।
एमजीएच जोधपुर में आपातकालीन और मरीज सेवा के कार्य
1. थैलेसीमिया बच्चों की ‘माँ’
राज्य सरकार की थैलेसीमिया कुटुंब योजना के तहत भर्ती नन्हें बच्चों को तेज कंवर ने माँ का वात्सल्य दिया। ब्लड ट्रांसफ्यूजन के समय बच्चों का मनोबल बढ़ाने से लेकर रोजाना फल, बिस्किट, दूध और पढ़ाई की व्यवस्था करती हैं। आज सैकड़ों बच्चे उन्हें “दी” नहीं “माँ” कहकर पुकारते हैं।
2. CPR की पाठशाला
“हर घर में एक जीवन रक्षक” के संकल्प के साथ अस्पताल के साथ-साथ गांव, ढाणी, स्कूल और सामाजिक संस्थाओं में जाकर हजारों महिलाओं-गृहणियों को CPR का प्रशिक्षण दिया। ताकि आपात समय में कोई भी महिला अपने परिवार की जान बचा सके।
3. मरीजों के लिए पौष्टिक भोजन
किचन विभाग प्रभारी के रूप में यह सुनिश्चित किया कि हर मरीज को समय पर गर्म, स्वादिष्ट और बीमारी के अनुसार पौष्टिक आहार मिले। साथ ही किचन गार्डन में परिंडे लगाकर पक्षियों के लिए दाना-पानी और परिसर में हजारों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
4. आपदा में बनीं ढाल
भूंगरा अग्निकांड, माता का थान हादसा, जैसलमेर बस दुर्घटना जैसी आपदाओं में अतिरिक्त ड्यूटी कर घायलों की सेवा की। घायलों के परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था और गंभीर झुलसे मरीजों के लिए विशेष प्रोटीन डाइट उपलब्ध करवाकर उन्हें संबल दिया।
5. वृद्धजन और दिव्यांगों की संबल
अस्पताल में भर्ती असहाय वृद्धों की विशेष देखभाल के साथ वृद्धाश्रम जाकर सेवा। दिव्यांग जनसंस्थान में जाकर दिव्यांगों की मदद, दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने-रिन्यूअल में सहयोग और जरूरतमंदों को ट्राईसाइकिल दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
6. 28 वर्ष की निस्वार्थ तपस्या
वर्ष 1998 से निरंतर सेवा। कोविड-19 महामारी में अपनी माता जी और दो मामा जी के निधन का दुख सहकर भी एक दिन का अवकाश लिए बिना मरीजों की सेवा में डटी रहीं।
अस्पताल से बाहर समाज सेवा के कार्य
7. गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण
लम्पी बीमारी के दौरान गौशालाओं में चारा-पानी की व्यवस्था की। आज भी नियमित गौशालाओं में गौ माता के लिए पौष्टिक आहार भिजवाती हैं। हर वर्ष स्कूल, अस्पताल और गौशालाओं में हजारों पौधे लगाकर “हरा जोधपुर” का संकल्प निभा रही हैं।
8. महिला सशक्तिकरण और शिक्षा
विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा। जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सामग्री उपलब्ध करवाई ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
9. स्वास्थ्य जागरूकता और महादान प्रेरणा
समय-समय पर चिकित्सा शिविर लगाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। अंगदान, देहदान, नेत्रदान के प्रति समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित किया।
10. सामाजिक सरोकार
स्लम एरिया में जाकर नशा मुक्ति अभियान चलाया और बच्चों को अच्छे संस्कार व अच्छी आदतें सिखाईं।
11. कुरीति उन्मूलन
मृत्युभोज प्रथा का खुलकर विरोध कर कम खर्च में परंपरा निभाने के लिए महिलाओं को जागरूक किया।
12. सामूहिक विवाह में सहयोग
जोधपुर की सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर कम बजट में सामूहिक विवाह करवाने में सक्रिय सहयोग। स्नेहपूर्ण वातावरण में गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह संपन्न करवाकर समाज को नई दिशा दी।
13. युवा जागरूकता अभियान – “समय पर विवाह, स्वस्थ परिवार”
आज के युवा कॅरियर और पढ़ाई के चक्कर में विवाह में देरी कर रहे हैं। तेज कंवर ने चिकित्सीय आधार पर इसका दुष्परिणाम समझाते हुए जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि समय पर विवाह न होने से संतानोत्पत्ति में दिक्कतें, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और मानसिक तनाव बढ़ता है। सभी समाजों को साथ लेकर उन्होंने लोगों को समय पर विवाह करने के लिए प्रेरित किया ताकि स्वस्थ और खुशहाल परिवार बनें।
प्राप्त सम्मान एवं उपलब्धियां
- 2026 : राज्यस्तरीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड -राजस्थान नर्सिंग कौंसिल, जयपुर
- 2025 : राष्ट्रीय स्तर पर मेडल एवं प्रशस्ति पत्र – मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सिंह सैनी के कर-कमलों से
- पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान अशोक गहलोत द्वारा कोविड काल में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र एवं मेडल
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, निदेशालय जयपुर द्वारा उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशंसा पत्र
- जिला कलेक्टर, जोधपुर द्वारा आपदा और आपातकालीन सेवाओं के लिए सम्मान पत्र
- मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा लगातार उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित
“सेवा ही धर्म” को जीने वाली जोधपुर की बेटी तेज कंवर ने साबित किया कि एक नर्स सिर्फ मरीज की देखभाल ही नहीं, पूरे समाज की ढाल बन सकती है। उनके कार्यों से पूरे राजस्थान का गौरव बढ़ा है।











