Explore

Search

Friday, August 28, 2026, 10:14 am

Friday, August 28, 2026, 10:14 am

LATEST NEWS
[wonderplugin_slider id=1]
Lifestyle

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना : छोटे कारोबार को मिलेगी बड़ी उड़ान, 20 लाख तक का लोन अब बिना कोलेटरल

विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र के उद्यमियों के लिए चार श्रेणियां; जानिए पात्रता, दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और ऋण चुकाने की पूरी जानकारी

दिलीप कुमार पुरोहित. नई दिल्ली

9783414079 diliprakhai@gmail.com

छोटे कारोबार को शुरू करने, बढ़ाने या आधुनिक बनाने के लिए पूंजी की जरूरत रखने वाले उद्यमियों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) महत्वपूर्ण विकल्प है। 8 अप्रैल 2015 को शुरू हुई इस योजना में अब ₹20 लाख तक का ऋण उपलब्ध है। खास बात यह है कि ऋण के लिए सामान्य तौर पर कोलेटरल सिक्योरिटी यानी संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। हालांकि ऋण स्वीकृति बैंक/वित्तीय संस्था की क्रेडिट जांच और उसकी शर्तों पर निर्भर करती है।

चार श्रेणियों में मिलता है मुद्रा ऋण

मुद्रा योजना में कारोबार के आकार और जरूरत के अनुसार चार श्रेणियां हैं—

  • शिशु: ₹50,000 तक
  • किशोर: ₹50,001 से ₹5 लाख तक
  • तरुण: ₹5 लाख से अधिक और ₹10 लाख तक
  • तरुण प्लस: ₹10 लाख से अधिक और अधिकतम ₹20 लाख

तरुण प्लस सबसे महत्वपूर्ण नया बदलाव है। इसमें ₹10 लाख से ₹20 लाख तक का ऋण ऐसे उद्यमियों के लिए है, जिन्होंने पहले तरुण श्रेणी में ऋण लिया और उसे सफलतापूर्वक चुका दिया है। यह सुविधा 24 अक्टूबर 2024 से प्रभावी है। इसलिए पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाला व्यक्ति सीधे ₹20 लाख के तरुण प्लस ऋण का पात्र नहीं माना जाता।

विनिर्माण क्षेत्र में किन कामों के लिए ऋण

मुद्रा ऋण का उपयोग छोटे विनिर्माण उद्योग शुरू करने या मौजूदा इकाई का विस्तार करने में किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर फर्नीचर निर्माण, कपड़ा एवं गारमेंट यूनिट, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण, अगरबत्ती, हस्तशिल्प, मशीनरी से जुड़े छोटे उद्योग, फर्नीचर वर्कशॉप, रिपेयर एवं फैब्रिकेशन यूनिट जैसे कारोबारों में मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल और कार्यशील पूंजी की जरूरत पूरी की जा सकती है।

योजना में टर्म लोन और वर्किंग कैपिटल, दोनों प्रकार की व्यावसायिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।

ट्रेडिंग कारोबार के लिए भी उपयोगी

दुकान या ट्रेडिंग कारोबार शुरू करने वालों के लिए भी मुद्रा योजना उपयोगी है। किराना, कपड़ा, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल एवं कंप्यूटर सामान, ऑटो पार्ट्स, स्टेशनरी, फर्नीचर, मेडिकल उपकरणों की बिक्री, होलसेल-रिटेल कारोबार जैसे छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय जरूरत के अनुसार ऋण लिया जा सकता है।

ऋण का इस्तेमाल दुकान की स्थापना, जरूरी उपकरण, कारोबार के विस्तार, स्टॉक खरीदने और कार्यशील पूंजी जैसी जरूरतों में किया जा सकता है।

सर्विस सेक्टर में कारोबार की लंबी सूची

मुद्रा योजना का बड़ा फोकस सेवा क्षेत्र पर भी है। ब्यूटी पार्लर, सैलून, टेलरिंग, मोबाइल/कंप्यूटर रिपेयर, वाहन मरम्मत, फोटोग्राफी, प्रिंटिंग, डिजिटल सर्विस सेंटर, छोटे रेस्टोरेंट या फूड सर्विस, ट्रांसपोर्ट से जुड़ी गतिविधियां, मशीन ऑपरेटर, छोटे प्रोफेशनल एवं सर्विस कारोबार जैसे व्यवसाय वित्तीय सहायता के दायरे में आ सकते हैं।

इससे उन लोगों को फायदा हो सकता है जिनके पास व्यवसाय शुरू करने का कौशल है, लेकिन प्रारंभिक पूंजी की कमी है।

कौन ले सकता है मुद्रा ऋण?

योजना का लक्ष्य मुख्य रूप से गैर-कॉरपोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म एवं छोटे उद्यमों को संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है। विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्र में आय अर्जित करने वाली सूक्ष्म इकाइयां इसके तहत वित्त प्राप्त कर सकती हैं। ऋण देने वाले संस्थानों में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, एनबीएफसी और माइक्रोफाइनेंस संस्थान शामिल हैं।

कृषि से जुड़ी कुछ सहायक गैर-कृषि गतिविधियां, जैसे डेयरी, पोल्ट्री और मधुमक्खी पालन भी योजना के दायरे में आ सकती हैं, लेकिन मुद्रा योजना का मुख्य जोर आय पैदा करने वाले माइक्रो उद्यमों पर है।

लोन लेने के लिए क्या करना होगा?

आवेदक दो प्रमुख तरीकों से आवेदन कर सकता है। पहला, अपने नजदीकी बैंक, एनबीएफसी या अन्य पात्र ऋणदाता संस्था की शाखा में जाकर। दूसरा, JanSamarth Portal के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

ऑनलाइन प्रक्रिया में सामान्यतः पहले पात्रता जांच की जाती है। इसके बाद आवेदक को व्यक्तिगत जानकारी, व्यवसाय की जानकारी, ऋण की आवश्यकता और संबंधित दस्तावेज देने होते हैं। JanSamarth के अनुसार ऑनलाइन आवेदन में आधार, वोटर आईडी, पैन, बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। बैंक कारोबार के स्वरूप के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है।

आवेदन से पहले तैयार रखें ये दस्तावेज

आवेदक को सामान्य तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, पहचान एवं पता प्रमाण, बैंक खाते का विवरण/स्टेटमेंट, व्यवसाय से संबंधित दस्तावेज, दुकान या इकाई का पता, लाइसेंस/अनुमतियां, फोटो आदि तैयार रखने चाहिए।

पहले से चल रहे कारोबार के लिए बैंक बिक्री का विवरण, आयकर रिटर्न, वित्तीय रिकॉर्ड और बैंकिंग हिस्ट्री मांग सकता है। अपेक्षाकृत बड़े ऋण में व्यवसाय योजना या प्रोजेक्ट रिपोर्ट, अनुमानित आय-व्यय और ऋण का उपयोग किस तरह होगा, इसकी जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। अंतिम दस्तावेज बैंक की अपनी क्रेडिट नीति और आवेदक की स्थिति के अनुसार तय होते हैं।

ऋण स्वीकृत कैसे होता है?

आवेदन जमा होने के बाद बैंक या ऋणदाता संस्था आवेदक की KYC, बैंकिंग हिस्ट्री, कारोबार की व्यवहार्यता, पुनर्भुगतान क्षमता, मौजूदा देनदारियों और प्रस्तावित व्यवसाय की आर्थिक संभावना की जांच कर सकती है। स्वीकृति के बाद ऋण की शर्तें, ब्याज दर, अवधि और अन्य शुल्क संबंधित ऋणदाता द्वारा बताए जाते हैं।

महत्वपूर्ण बात: मुद्रा योजना में कोलेटरल नहीं मांगा जाता, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर आवेदक को स्वतः ऋण मिल जाएगा। ऋणदाता संस्था की क्रेडिट जांच और पात्रता मानदंड पूरे करना जरूरी है।

ब्याज दर और EMI कितनी होगी?

PMMY में पूरे देश के लिए एक समान एकल ब्याज दर निर्धारित होने के बजाय ऋणदाता संस्था की लागू दर और उसकी क्रेडिट नीति के अनुसार ब्याज तय हो सकता है। इसी तरह EMI और पुनर्भुगतान अवधि ऋण की राशि, कारोबार, बैंक की शर्तों और ऋण के प्रकार पर निर्भर करती है। इसलिए आवेदन से पहले संबंधित बैंक से ब्याज दर, प्रोसेसिंग शुल्क, मार्जिन, EMI, मोरेटोरियम और अन्य शुल्क की लिखित जानकारी लेना बेहतर है।

सबसे जरूरी सलाह—₹20 लाख को लक्ष्य नहीं, कारोबार को लक्ष्य बनाएं

मुद्रा योजना का उद्देश्य केवल ऋण बांटना नहीं बल्कि छोटे कारोबार को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़कर स्वरोजगार, उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसलिए नए उद्यमी को पहले अपने कारोबार की वास्तविक लागत, मासिक बिक्री, खर्च, लाभ और EMI चुकाने की क्षमता का आकलन करना चाहिए। जरूरत से अधिक ऋण लेने के बजाय जितनी वास्तविक पूंजी की जरूरत हो, उतने ऋण के लिए आवेदन करना अधिक सुरक्षित रणनीति है।

आवेदन का आधिकारिक माध्यम: JanSamarth Portal पर PMMY आवेदन |

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor