राजपूती आन-बान-शान और आधुनिक फैशन का दिखाया अनूठा संगम, मीरा प्रोडक्शन एवं HPCL फैशन शो में बनीं प्रथम विजेता
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
सपनों को उड़ान देने का जज्बा हो, प्रतिभा पर विश्वास हो और परिवार का मजबूत साथ मिले तो सफलता की राह आसान हो जाती है। सूर्यनगरी जोधपुर के ओसियां क्षेत्र की प्रतिभाशाली बेटी कु. दिव्या राठौड़ ने इसी जज्बे को साबित करते हुए मॉडलिंग की दुनिया में शानदार उपलब्धि हासिल की है। नर्सिंग की पढ़ाई के साथ मॉडलिंग, फैशन और फोटोग्राफी के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहीं दिव्या को मीरा प्रोडक्शन एवं HPCL के ग्रैंड फैशन शो में प्रथम विजेता (First Winner) चुना गया।
राजपूती संस्कृति को बनाया अपनी पहचान
फैशन शो के मंच पर दिव्या ने राजपूती परिधान, पारंपरिक अंदाज और आधुनिक फैशन का ऐसा खूबसूरत संगम प्रस्तुत किया, जिसने उन्हें अन्य प्रतिभागियों से अलग पहचान दिलाई। उनके अंदाज में राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति की झलक के साथ आधुनिक फैशन की छाप देखने को मिली।
दिव्या के लिए फैशन केवल पहनावे और आकर्षण तक सीमित नहीं है। वह इसे अपनी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तथा बड़े मंचों तक पहुंचाने का माध्यम मानती हैं। उनका सपना है कि राजस्थान की समृद्ध राजपूती एवं राजस्थानी संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गर्व के साथ प्रस्तुत किया जाए।
बचपन का सपना अब बन रहा हकीकत
दिव्या राठौड़ श्री प्रदीप राठौड़ एवं श्रीमती हर्षा राठौड़ की पुत्री हैं। उन्हें बचपन से ही मॉडलिंग, फोटोग्राफी और कैमरे के सामने खुद को प्रस्तुत करने का शौक रहा है। मॉडल बनने का सपना उन्होंने हमेशा अपने दिल में संजोए रखा और अब अपनी मेहनत, आत्मविश्वास एवं प्रतिभा के दम पर उस सपने को हकीकत में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मीरा प्रोडक्शन एवं HPCL फैशन शो में प्रथम विजेता का खिताब मिलना दिव्या के लिए केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि उनके लंबे समय से देखे जा रहे सपने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
माता-पिता बने सफलता के मजबूत आधार
दिव्या अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनके पिता प्रदीप राठौड़ एवं माता हर्षा राठौड़ ने हमेशा बेटी के सपनों को प्रोत्साहन दिया। परिवार ने उन्हें नर्सिंग की पढ़ाई के साथ मॉडलिंग और फैशन शो में भाग लेने तथा राजस्थानी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रेरित किया। परिवार के इसी सहयोग और विश्वास ने दिव्या के आत्मविश्वास को मजबूत किया और उन्हें अपने हुनर को बड़े मंच तक ले जाने का अवसर मिला।
नर्सिंग की पढ़ाई और मॉडलिंग का जुनून साथ-साथ


दिव्या वर्तमान में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई जैसे जिम्मेदार क्षेत्र के साथ मॉडलिंग के अपने जुनून को आगे बढ़ाना उनके अनुशासन और समर्पण को दर्शाता है। उनका मानना है कि व्यक्ति यदि अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहे और लगातार मेहनत करता रहे तो पढ़ाई के साथ अपने हुनर को भी नई उड़ान दी जा सकती है। दिव्या की इस उपलब्धि से उनके परिवार, परिचितों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। प्रथम विजेता का यह खिताब दिव्या के लिए मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। अब उनकी नजर बड़े फैशन मंचों पर अपनी अलग पहचान बनाने और राजस्थान की राजपूती संस्कृति की गरिमा को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर है।फ्रंट पेज के लिए छोटी बॉक्स लाइन:
“नर्सिंग की पढ़ाई से रैंप तक—दिव्या ने मेहनत, हुनर और राजपूती संस्कृति के दम पर रचा सफलता का नया अध्याय।”
