GPS लोकेशन से जुड़ा होगा 10 अंकों का डिजिटल कोड, डिलीवरी में आएगी तेजी
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
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डाक वितरण व्यवस्था को अधिक सटीक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में DIGIPIN (Digital Postal Index Number) को बढ़ावा दिया जा रहा है। DIGIPIN किसी स्थान के अक्षांश और देशांतर (Latitude-Longitude) के आधार पर तैयार होने वाला 10-अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड है। यह लगभग 4×4 मीटर के छोटे भौगोलिक क्षेत्र की पहचान कर सकता है।
मौजूदा व्यवस्था में डाक भेजने के लिए छह अंकों के PIN Code का इस्तेमाल होता है, जो अपेक्षाकृत बड़े क्षेत्र या डाकघर की पहचान करता है। इसके विपरीत DIGIPIN किसी स्थान की अधिक सटीक लोकेशन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इससे विशेष रूप से ऐसे क्षेत्रों में डाक पहुंचाने में सुविधा हो सकती है, जहां पते या गलियों की पहचान करने में परेशानी होती है।
पायलट स्तर पर शुरू हुई व्यवस्था
जानकारी के अनुसार पश्चिमी क्षेत्र जोधपुर से जुड़े डाकघरों में DIGIPIN व्यवस्था को लागू करने की दिशा में काम शुरू किया गया है। विभागीय कार्यों में इसका प्रयोग किया जा रहा है और आमजन के लिए व्यवस्था शुरू होने के बाद लेटर बॉक्स समेत डाक वितरण प्रणाली में भी इसे जोड़े जाने की तैयारी है। DIGIPIN प्राप्त करने के लिए India Post के आधिकारिक पोर्टल पर मोबाइल या अन्य GNSS-सक्षम डिवाइस की लोकेशन अनुमति देनी होती है। सिस्टम लोकेशन के आधार पर संबंधित स्थान का DIGIPIN तैयार करता है।
Digital Address Services PIN Code से अलग है DIGIPIN
छह अंकों का पारंपरिक PIN Code किसी बड़े डाक क्षेत्र की पहचान करता है, जबकि DIGIPIN किसी विशेष भौगोलिक स्थान की पहचान करता है। India Post के अनुसार DIGIPIN मौजूदा डाक पते को समाप्त नहीं करता, बल्कि उसके साथ एक अतिरिक्त डिजिटल एड्रेसिंग लेयर के रूप में काम करता है।
डाक वितरण में कम हो सकता है समय
DIGIPIN का इस्तेमाल होने से पोस्टमैन को किसी पते की सटीक लोकेशन पहचानने में मदद मिल सकती है। इससे गलत जगह पहुंचने या पता खोजने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। खासकर ऐसे मामलों में जहां एक जैसे नाम वाले इलाके, अस्पष्ट पते या नई विकसित कॉलोनियां हों, डिजिटल लोकेशन उपयोगी साबित हो सकती है। DIGIPIN का इस्तेमाल केवल डाक वितरण तक सीमित नहीं है। India Post के अनुसार इसका उपयोग लॉजिस्टिक्स, नेविगेशन, सरकारी सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं में सटीक लोकेशन पहचानने के लिए भी किया जा सकता है।
आमजन को क्या करना होगा?
DIGIPIN किसी व्यक्ति की पहचान संख्या नहीं है, बल्कि स्थान की डिजिटल पहचान है। एक ही स्थान पर रहने वाले अलग-अलग लोगों के लिए, यदि लोकेशन समान है, तो DIGIPIN भी उसी स्थान का होगा। India Post के अनुसार DIGIPIN में व्यक्तिगत जानकारी अपने आप संग्रहित नहीं होती। यानी आने वाले समय में डाक के पारंपरिक पते के साथ DIGIPIN जुड़ने से डिलीवरी व्यवस्था अधिक सटीक, तेज और डिजिटल होने की उम्मीद है