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Tuesday, August 25, 2026, 10:03 am

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष प्रशिक्षण में झलका उत्साह

शिव वर्मा. जोधपुर

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर जोधपुर और भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC), विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती प्रौद्योगिकियों” पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम नेपाल के अटॉर्नी जनरल कार्यालय (OAG) के वकीलों के लिए एनएलयू जोधपुर के सभागार में आयोजित किया गया।

यह एनएलयू जोधपुर और ITEC द्वारा संचालित 23वां प्रमुख कार्यक्रम है और चौथी बार नेपाल के OAG का समूह इस प्रशिक्षण में भाग ले रहा है। इस बार कार्यक्रम में मध्य-कैरियर और वरिष्ठ स्तर के कुल 30 वकील भाग ले रहे हैं। साथ ही, तीन विशेष पर्यवेक्षक – श्री गोपाल प्रसाद रिजाल (उप महान्यायवादी, नेपाल OAG), श्री नारायण वस्ती (मुख्य अधिवक्ता, कोशी प्रांत) और थेकेंद्र राज जोशी (मुख्य अधिवक्ता, सुदूरपश्चिम प्रांत) भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य वक्तव्य

कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएलयू जोधपुर की कुलपति प्रो. हरप्रीत कौर ने की। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में गोपाल प्रसाद रिजाल और डॉ. सुनीता पंकज, आरएएस, रजिस्ट्रार, एनएलयू जोधपुर मंच पर उपस्थित रहे। प्रो. हरप्रीत कौर ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कानूनी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एनएलयू जोधपुर इस प्रकार के उच्च गुणवत्ता वाले अंतर-अनुशासनिक और व्यावहारिक शिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित कर रहा है।

मुख्य अतिथि गौरव अग्रवाल ने अपने भाषण में आधुनिक प्रशासन में तकनीक और नीति के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई आज के समय में प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और उत्पादक बना रहा है। नेपाल OAG के उप महान्यायवादी गोपाल प्रसाद रिजाल ने कहा कि कानूनी प्रक्रियाओं और प्रशासन में एआई की बदलती भूमिका को समझना आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों से इस कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की।

अंत में, डॉ. सुनीता पंकज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आने वाले दिनों में, प्रतिभागी राजस्थान उच्च न्यायालय, एम्स जोधपुर का शैक्षिक दौरा करेंगे। इसके अलावा, वे सूरपुरा गाँव, मेहरानगढ़ किला और जसवंत थड़ा का भ्रमण कर राजस्थानी संस्कृति एवं विरासत से परिचित होंगे। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कानूनी जगत में एआई और नवीनतम तकनीकों के प्रभाव को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है और प्रतिभागियों के ज्ञानवर्धन में सहायक सिद्ध होगा।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor