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Tuesday, August 25, 2026, 9:05 am

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गांधी मैदान में गूंजेगा भाई-बहन के प्रेम का संदेश, हजारों भाई-बहन एक साथ बांधेंगे राखी

28 अगस्त को होगा विराट रक्षाबंधन महोत्सव; राष्ट्र-संत श्री चंद्रप्रभ जी देंगे ‘भाई-बहन के रिश्ते—धरती के फरिश्ते’ विषय पर प्रवचन, 31 फीट लंबी राखी रहेगी आकर्षण का केंद्र

सुनील वर्मा. जोधपुर

रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर बहन द्वारा रक्षा सूत्र बांधने का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, स्नेह, समर्पण और पारिवारिक रिश्तों की गरिमा का उत्सव है। इसी भावना को व्यापक स्वरूप देते हुए जोधपुर के गांधी मैदान में ‘विराट रक्षाबंधन महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को होने वाले इस विशेष आयोजन में हजारों सगे भाई-बहन एक साथ राखी बांधकर रक्षाबंधन के पर्व को सामूहिक रूप से मनाएंगे।

संबोधिधाम, जोधपुर की ओर से आयोजित इस महोत्सव में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टि से समझाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन के दौरान राष्ट्र-संत श्री चंद्रप्रभ जी भाई-बहन के रिश्ते की गहराई और उसकी पवित्रता पर ‘भाई-बहन के रिश्ते—धरती के फरिश्ते’ विषय पर विशेष प्रवचन देंगे।

सुबह 9 से 11 बजे तक होगा आयोजन

विराट रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन 28 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से 11 बजे तक गांधी मैदान, जोधपुर में होगा। आयोजन को लेकर आयोजकों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों के शामिल होने की उम्मीद है।

आयोजकों ने भाई-बहनों से आग्रह किया है कि वे साथ में राखी लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचें, ताकि सामूहिक रूप से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सके। हजारों भाई-बहनों के एक साथ राखी बांधने का दृश्य इस आयोजन को विशेष और यादगार बनाने वाला होगा।

रक्षाबंधन के अवसर पर होने वाले इस सामूहिक आयोजन में परिवार के सदस्यों के साथ आने का भी आग्रह किया गया है। आयोजन का उद्देश्य भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करना है।

‘भाई-बहन के रिश्ते—धरती के फरिश्ते’ पर होगा विशेष प्रवचन

महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक आकर्षण राष्ट्र-संत श्री चंद्रप्रभ जी का प्रवचन रहेगा। वे ‘भाई-बहन के रिश्ते—धरती के फरिश्ते’ विषय पर अपने विचार रखेंगे।

भाई-बहन का रिश्ता भारतीय पारिवारिक व्यवस्था की सबसे आत्मीय और भावनात्मक कड़ियों में से एक माना जाता है। बचपन की नोकझोंक से लेकर जीवन के विभिन्न पड़ावों पर एक-दूसरे का साथ निभाने तक यह रिश्ता अनेक भावनाओं को अपने भीतर समेटे रहता है। रक्षाबंधन इसी रिश्ते में प्रेम, सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को नए सिरे से मजबूत करने का अवसर देता है।

राष्ट्र-संत श्री चंद्रप्रभ जी अपने प्रवचन के माध्यम से इस रिश्ते के आध्यात्मिक और मानवीय पक्ष पर प्रकाश डालेंगे। उनका संदेश भाई-बहनों को केवल राखी के धागे तक सीमित न रहकर जीवनभर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने की प्रेरणा देगा।

गुरुदेव की मंत्रित रक्षा-पोटली रहेगी विशेष उपहार

विराट रक्षाबंधन महोत्सव में शामिल होने वाले भाई-बहनों के लिए विशेष आकर्षण के रूप में गुरुदेव द्वारा मंत्रित रक्षा-पोटली का उपहार दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह रक्षा-पोटली कार्यक्रम में आने वाले सभी लोगों के लिए विशेष उपहार होगी।

रक्षा सूत्र भारतीय परंपरा में मंगल, सुरक्षा और शुभकामना का प्रतीक माना जाता है। रक्षाबंधन के अवसर पर मंत्रित रक्षा-पोटली का उपहार आयोजन की आध्यात्मिक भावना को और विशेष बनाएगा।

भाई-बहनों के लिए यह रक्षा-पोटली केवल एक उपहार न होकर आयोजन की स्मृति और शुभकामना के प्रतीक के रूप में भी महत्वपूर्ण होगी।

31 फीट लंबी राखी बनेगी आकर्षण का केंद्र

महोत्सव में 31 फीट लंबी राखी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। इतनी विशाल राखी को देखने का अवसर भाई-बहनों और शहरवासियों के लिए अनूठा अनुभव होगा।

राखी को विशाल स्वरूप देकर आयोजन के माध्यम से भाई-बहन के रिश्ते की व्यापकता और प्रेम की शक्ति को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले लोगों को 31 फीट लंबी राखी के दर्शन का सौभाग्य मिलेगा।

विशाल राखी आयोजन की भव्यता को बढ़ाने के साथ रक्षाबंधन के मूल संदेश—प्रेम, रक्षा, विश्वास और रिश्तों की मजबूती—का प्रतीक भी बनेगी।

सिर्फ उत्सव नहीं, रिश्तों को मजबूत करने का संदेश

विराट रक्षाबंधन महोत्सव का उद्देश्य केवल बड़ी संख्या में भाई-बहनों को एक साथ राखी बांधना नहीं है। इसके पीछे रिश्तों की गरिमा और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने की भावना भी जुड़ी है।

आज की व्यस्त जीवनशैली में परिवार के सदस्यों के बीच संवाद और साथ बिताने का समय कम होता जा रहा है। ऐसे में रक्षाबंधन जैसे पर्व रिश्तों को फिर से आत्मीयता के साथ जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। भाई-बहन का रिश्ता जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर भावनात्मक सहारा देता है और परिवार को जोड़कर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सामूहिक आयोजन इस भावना को और व्यापक बनाते हैं। जब हजारों भाई-बहन एक साथ राखी बांधेंगे तो यह दृश्य समाज को यह संदेश देगा कि आधुनिकता और व्यस्तता के बीच भी पारिवारिक रिश्तों का महत्व कम नहीं हुआ है।

जोधपुर में रक्षाबंधन का बनेगा यादगार दृश्य

गांधी मैदान में हजारों भाई-बहनों का एक साथ उपस्थित होना और राखी बांधना अपने आप में अद्भुत दृश्य होगा। रक्षाबंधन की परंपरा को सामूहिक रूप से मनाने के इस प्रयास से शहर में उत्सव का माहौल बनेगा।

आयोजकों का आग्रह है कि भाई-बहन कार्यक्रम में समय पर पहुंचें और अपने साथ राखी लेकर आएं। सामूहिक रूप से राखी बांधने के दौरान भाई-बहन अपने रिश्ते को प्रेम और विश्वास के साथ और मजबूत बनाने का संकल्प ले सकते हैं।

कार्यक्रम में आध्यात्मिक प्रवचन, विशाल राखी और रक्षा-पोटली जैसे आकर्षण इसे सामान्य रक्षाबंधन समारोह से अलग स्वरूप प्रदान करेंगे।

चातुर्मास के प्रवचन भी ऑनलाइन देख सकेंगे श्रद्धालु

जोधपुर चातुर्मास 2026 के प्रवचनों को भी श्रद्धालु ऑनलाइन देख सकते हैं। आयोजन से जुड़े संदेश में @sambodhidhamlive और @Livelifefullness चैनलों के माध्यम से प्रवचन देखने की जानकारी दी गई है।

इससे वे श्रद्धालु भी संतों के विचारों और आध्यात्मिक संदेश से जुड़ सकेंगे, जो किसी कारणवश कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो पाएंगे।

भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित आध्यात्मिक आयोजन

रक्षाबंधन का पर्व भारतीय संस्कृति में रिश्तों की पवित्रता का प्रतीक है। बहन द्वारा भाई की कलाई पर बांधा गया रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और शुभकामना का प्रतीक माना जाता है। भाई भी बहन की सुरक्षा, सम्मान और सुख के प्रति अपने दायित्व का संकल्प लेता है।

विराट रक्षाबंधन महोत्सव इसी पवित्र भावना को हजारों भाई-बहनों के सामूहिक उत्सव के रूप में प्रस्तुत करेगा। राष्ट्र-संत श्री चंद्रप्रभ जी का प्रवचन इस आयोजन को आध्यात्मिक गहराई देगा, जबकि 31 फीट लंबी राखी और मंत्रित रक्षा-पोटली इसे विशेष आकर्षण प्रदान करेंगे।

संबोधिधाम, जोधपुर की ओर से आयोजित यह विराट रक्षाबंधन महोत्सव 28 अगस्त को गांधी मैदान में भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का ऐसा सामूहिक उत्सव रचेगा, जहां हजारों कलाईयों पर बंधने वाली राखियां रिश्तों की मजबूती का संदेश देंगी और हजारों दिल एक साथ यही संकल्प लेंगे कि प्रेम, सम्मान और अपनापन जीवनभर बना रहे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor