जॉइंट डायरेक्टर ने किया अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी पर ग्रामीणों ने लगाए आरोप
सोहन लाल वैष्णव. बोरुंदा
बोरुंदा कस्बे के सरकारी अस्पताल में बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जोधपुर जॉन के संयुक्त निदेशक डॉ. नरेंद्र सक्सेना व पीपाड़ बीसीएमओ मोहनदान चारण अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। जहां अस्पताल स्टाफ में हड़कंप मच गया। अधिकारियों की सूचना पर जनप्रतिनिधि व अग्रणी ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचे। अधिकारी अस्पताल इंचार्ज कार्यालय में पहुंचे जहां पर इंचार्ज डॉ शिल्पा नदारद रही। इधर ग्रामीणों ने चिकित्सालय की प्रभारी अधिकारी डाॅ शिल्पा पर महीने भर में कई बार अनुपस्थित रहने व साथ ही नहीं आने पर भी फर्जी हस्ताक्षर करने व समय पर नहीं आने का आरोप भी लगाया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अवस्थाओं का ऐसा आलम था कि संयुक्त निदेशक ने देख कर नाराजगी जताते हुए साफ सफाई का आदेश किया। निरिक्षण में जनरेटर का संचालन अव्यस्थित रहने के साथ ही साफ़ सफाई का अभाव पाया गया। संयुक्त निदेशक सक्सेना ने मरीजों से बात कर हालात भी जाने। मरीज की पर्चियों में बाहर की दवाइयां लिखी हुई पाई गई। जिस पर चिकित्सकों को बुलाकर उन्हें बाहर कि दवाइयां नहीं लिखने का सख्त दिशा निर्देश दिए। वही जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने संयुक्त निदेशक को लिखित में ज्ञापन देकर फिजिशियन एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ लगाने की मांग की। इस दौरान पीपाड़ उप प्रधान प्रतिनिधि अशोक कुमार गहलोत, माली समाज अध्यक्ष बक्साराम कच्छावा, सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गाराम सुथार, भाजपा पीपाड़ देहात मंडल महामंत्री रामदेव भंवरिया, डॉ. रामपाल सिंह चौहान, डॉ. मोहम्मद मुजम्मिल, सुभाष जैन,अशोक डोसी, नर्सिंग अधिकारी अशोक गहलोत, राजेंद्र रलिया, अर्जुन खींची सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।




