शिव वर्मा. जोधपुर
राजस्थान पुलिस की एसडीआरएफ टीम द्वारा बुधवार को मथुरा दास माथुर हॉस्पिटल, जोधपुर में आपातकालीन परिस्थितियों में आम नागरिकों एवं अस्पताल कर्मियों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से एक विशेष डेमो कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्लाटून कमांडर सुश्री अदिति बेनीवाल ने किया, जो एसडीआरएफ कमांडेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशन में संचालित हुआ।
एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं में घायल व्यक्तियों की त्वरित सहायता के लिए जागरूकता बढ़ाना था। इस दौरान टीम ने यह प्रदर्शित किया कि कैसे किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को आम नागरिक सीमित संसाधनों जैसे कंबल, टीशर्ट, रस्सी इत्यादि का उपयोग कर देसी स्ट्रेचर बनाकर अस्पताल तक पहुंचा सकते हैं।
कार्यक्रम में रोप रेस्क्यू का भी लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें बताया गया कि किसी बहुमंजिला इमारत में आग या लिफ्ट एवं सीढ़ियों के अवरुद्ध होने की स्थिति में फंसे नागरिकों को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जा सकता है।
बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में फ्लड रेस्क्यू का प्रदर्शन भी किया गया। इसमें बताया गया कि किस प्रकार प्लास्टिक की बोतलों, नारियल, बांस की लकड़ी और वाहन के ट्यूब आदि का उपयोग कर स्वयं को और दूसरों को सुरक्षित बचाया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त हवाई हमले, गैस सिलेंडर में विस्फोट, भूकंप, चक्रवात, सूखा, तूफान, सुनामी, भू-स्खलन एवं बादल फटने जैसी आपदाओं में प्राथमिक सुरक्षा और राहत उपायों का प्रदर्शन कर नागरिकों को जागरूक किया गया।
एसडीआरएफ टीम में हेड कांस्टेबल मोती सिंह, कांस्टेबल दिनेश हुड्डा, दलपत सिंह, प्रेमचंद, निंबाराम, महिला कांस्टेबल सुनीता, कांस्टेबल दिलीप कुमार, मनोहर लाल, सुशील कुमार, मोतीराम, जितेंद्र, रामकिशोर व चम्पाराम आदि का सराहनीय योगदान रहा।





