राखी पुरोहित. जोधपुर
देशभर में श्रमिकों की समस्याओं को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी के तहत आज जोधपुर में केंद्रीय संयुक्त श्रमिक संगठन के बैनर तले विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने ज़िला कलेक्टर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम 18 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
इस प्रदर्शन का आयोजन देशव्यापी विरोध दिवस के आह्वान के तहत किया गया, जिसमें श्रमिकों की ज्वलंत समस्याओं को तत्काल सुलझाने की मांग की गई। श्रमिक नेताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से समस्याओं को लेकर आवाज़ उठाई जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी संशोधनों को तुरंत वापस लिया जाए।
- न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रति माह किया जाए और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो।
- ठेका श्रमिकों को स्थायी किया जाए और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू हो।
- मनरेगा में न्यूनतम 200 दिन का रोजगार और ₹800 प्रतिदिन मज़दूरी की गारंटी दी जाए।
- असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सेवा निवृत्त होने पर ₹10,000 की पेंशन दी जाए।
- पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए और नई योजना पर रोक लगे।
- सभी श्रमिकों को ₹3,000 प्रतिमाह न्यूनतम पेंशन दी जाए।
- सार्वजनिक क्षेत्र में निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
- महंगाई पर रोक लगाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सशक्त बनाया जाए।
- सामाजिक सुरक्षा कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
श्रमिक नेताओं का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि असंगठित क्षेत्र, निर्माण मज़दूरों, महिला श्रमिकों और शहर के कामगारों को सरकार की योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। योजनाएं कागजों में तो मौजूद हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता
- मनोज परिहार
- कामरेड गोपिकिशन
- कामरेड नदीम खान
Author: Dilip Purohit
Group Editor











