मेरासिया में वीरवर राव चांदाजी मेड़तिया की 520 वीं जयंती मनाई
सोहनलाल वैष्णव. बोरुन्दा (जोधपुर)।
बोरुंदा थाना क्षेत्र के मेरासिया गांव में वीरवर राव चांदाजी मेड़तिया कि 520 वीं जयंती राजपूत समाज के सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में धूमधाम के साथ मनाई। कार्यक्रम में केसरिया साफा एवं पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित लोगों के साथ समाज की महिलाओं की पांडाल में उपस्थिति ने कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए। पांडाल वीरवर चांदाजी मेड़तिया के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और इसके साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि राव चांदाजी का जीवन कठिन चुनोतियों में भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। शिक्षा क्षेत्र में समाज आगे बढ़ रहा है, समाज की बच्चियां लगातार बोर्ड परीक्षा परिणामों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में अव्वल स्थान हासिल कर रही है। उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में समाज के युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ सबको मिलकर प्रयासों में और तेजी लाने का आह्वान किया है।
शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी ने कहा कि आगे पंचायती राज चुनाव आ रहे हैं कोई युवा चुनाव लड़ना चाहता है तो वह उनकी पार्टी से चुनाव लड़ सकते है। युवाओं को सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से बचना चाहिए। युवाओं को बुजुर्गों के बीच बने रहकर समाज एवं इतिहास से प्रेरणा लेकर कड़ी मेहनत से लक्ष्य प्राप्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कड़े संघर्ष के बिना सफलता कदापि संभव नही है। मारवाड़ राजपूत सभा अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा ने समाज में वैवाहिक कार्यक्रमों में दूल्हे और उनके परिजनों की ओर से टीका लौटाने एवं नशा मुक्त सामाजिक आयोजनों को समाजहित में सार्थक पहल बताया है। कार्यक्रम में गोपालसिंह बलुन्दा, पूर्व सांसद गोपालसिंह ईडवा, नारायणसिंह माणकलाव, राजपूत मारवाड़ सभा अध्यक्ष हनुमानसिंह खांगटा, शक्तिसिंह राठौड़, जिला अध्यक्ष त्रिभुवनसिंह भाटी, पूर्व विधायक कमसा मेघवाल ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के अंत में समाज के प्रतिभावान छात्र छात्राओं का अभिनंदन कर उन्हें सम्मानित किया गया। जयंती समारोह के सफल आयोजन पर समाज प्रबुद्धजनों ने आयोजन समिति के माधुसिंह मेरासिया का आभार व्यक्त कर उन्हें शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में नारायणसिंह गोटन, अभयसिंह चांदावत, प्रेमसिंह राठौड़, भगवतसिंह राठौड़ बोरुंदा, तेजसिंह चांदावत, गोपालसिंह नाडसर, माधुसिंह मेरासिया, वीपीसिंह कुड़, भवानी सिंह सोवनिया, नारायणसिंह मालावास, नवीनसिंह खांगटा, पर्वतसिंह बलुन्दा खांरर्चीया, प्रतापसिंह गगुणा, मूलसिंह मेंलाणा सक्रिय रूप से कार्यक्रम आयोजन में सहयोग प्रदान किया।







