राखी पुरोहित. जोधपुर
महावीर इंटरनेशनल सेंटर, एम.डी.एम. परिसर में स्व. श्रीमती उमा कुम्भट (पत्नी- श्री श्याम कुम्भट) की पावन स्मृति में आज एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा एवं प्रेरक व्याख्यान आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध भामाशाह श्याम कुम्भट थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व सेवानिवृत्त न्यायाधीपति विनीत कोठारी उपस्थित रहे।
समारोह की मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर एवं एडवोकेट दीप्ति गोयल ने जीवन के विविध संघर्षों के बीच सतत्ा प्रसन्नचित रहने की कला पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा किकृ “खुश रहने के लिये परिस्थितियों का अनुकूल होना आवश्यक नहीं, वरन् मन का अनुकूल होना अनिवार्य है; आत्म-स्वीकृति, कृतज्ञता और सेवा ही स्थायी आनंद के मूल आधार हैं।” दीप्ति गोयल ने ‘स्व-अनुशासन’, ‘ध्यान-प्रविधि’ तथा ‘सामाजिक सहभागिता’ को तीन प्रधान स्तम्भ बताते हुए उपस्थित जनसमूह को व्यावहारिक उपाय भी सुझाये, जिससे व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी मानसिक स्वास्थ्य व प्रसन्नता को सम्बल दे सके।
मानव सेवा में समर्पित श्याम कुम्भट का 11 लाख रु. का सेवा-समर्पण
समारोह में भामाशाह श्याम कुम्भट ने महावीर इंटरनेशनल संस्थान को विभिन्न निशुल्क चिकित्सा शिविरों एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रकल्पों के लिये ₹ 11 लाख का चेक भेंट किया। साथ ही गंभीर किडनी रोग से पीड़ित प्रकाश चोपड़ा के उपचारार्थ ₹ 1,50,000 का सहयोग-चेक प्रदान किया। आर्थिक रूप से दुर्बल विद्यार्थी को शैक्षणिक आवागमन सुगम करने हेतु ₹ 11,000 का चेक साइकिल क्रय-सहायता के लिये प्रदान किया। उनकी इस उदारता ने सभा में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों को सेवाभाव की प्रेरणा दी।
संगठन विस्तारः महावीर चंद्र लोढ़ा का विशेष स्वागत
महावीर इंटरनेशनल संस्थान के चेयरमैन श्री जगदीश चंद्र गांधी ने नव-सदस्य लेखाधिकारी महावीर चंद्र लोढ़ा का पुष्पमाला एवं संस्थागत ब्रोच अर्पित कर आत्मीय अभिनन्दन किया।
स्वागत उद्गार एवं संचालन
चेयरमैन श्री जगदीश चंद्र गांधी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का माला पहना कर अभिनन्दन किया तथा संस्थान की सतत् सेवा-यात्रा पर प्रकाश डाला। संस्थान के सचिव अरुण महनौत ने गत बैठक की कार्यवाही का पठन किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र राज मेहता ने करते हुए दानदाताओं, अतिथियों एवं स्वयंसेवकों के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उद्योगपति गौतम सलेचा ने उमा जी के जीवन पर प्रकाश डाला तथा उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे और ‘हर हाल में खुश रहने’ के मंत्र को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया





