Explore

Search

Wednesday, July 8, 2026, 10:41 pm

Wednesday, July 8, 2026, 10:41 pm

LATEST NEWS

The specified slider does not exist.

Lifestyle

एसबीआई स्पेशल ब्रांच की 70वीं वर्षगांठ उत्सव पखवाड़ा : भामाशाह श्याम कुंभट सम्मानित

सामुदायिक एवं आंचलिक उत्थान में अतुलनीय योगदान और उदारवादी व्यक्तित्व के लिए कुंभट की सराहना की 

राखी पुरोहित. जोधपुर 

भारतीय स्टेट बैंक की जोधपुर स्थित स्पेशल ब्रांच 70 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उच्चतम श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ ग्राहकों को सम्मानित करने के लिए पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। इसी के अन्तर्गत शुक्रवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें उच्चतम श्रेणी के विशिष्ट बैंक ग्राहक श्याम कुमार कुम्भट को सम्मानित किया गया।

समारोह में सुप्रसिद्ध सामाजिक चिन्तक एवं उदारता की प्रतिमूर्ति प्रख्यात भामाशाह, प्रति वर्ष करोड़ों रुपये दान देने वाले श्याम कुमार कुम्भट को भारतीय स्टेट बैंक के महाप्रबंधक संजय सुमन ने इंडोर पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर महावीर विकलांग सहायता समिति के सचिव महेन्द्र सिंह डड्ढा, महावीर चंद लोढ़ा, सहायक लेखा अधिकारी ग्रेड प्रथम अधिकारी, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पृथ्वी सिंह सिसोदिया सहित कई विशिष्टजन उपस्थित रहे। समारोह में बैंक के महाप्रबंधक संजय सुमन सहित सभी वक्ताओं ने श्याम कुमार कुम्भट के उदारवादी सामाजिक कल्याण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे न केवल बैंक के वरिष्ठ ग्राहक हैं, अपितु समाज के लिए एक आदर्श भामाशाह भी हैं। उन्होंने पिछले 30-35 वर्षों में निरंतर विद्यालयों, चिकित्सालयों, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों, पौधारोपण अभियानों एवं निशक्तजनों के लिए करोड़ाें रूपये की सहायता प्रदान करते हुए लोक कल्याण एवं सामुदायिक उत्थान में अपनी अन्यतम, उल्लेखनीय एवं अनुकरणीय भूमिकाओं का निर्वाह किया है। बैंक के लिए ऐसे ग्राहकों की उपस्थिति गौरवशाली अध्याय से कम नहीं।

महावीर चंद लोढा ने कहा कि उनकी धर्मपत्नी उमा कुम्भट के निधन के पश्चात भी उन्होंने समाजसेवा का प्रवाह क्रम नहीं रोका और बेटियों की शिक्षा हेतु विद्यालयों की संपूर्ण फीस का वहन कर कई छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की राह पर अग्रसर किया है।
बैंक महाप्रबन्धक ने कहा कि श्याम कुमार कुम्भट जैसे भामाशाह का बैंक में सम्मानित होना, केवल बैंक के लिए ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण समाज के लिए गर्व की बात है। वर्षों से समाज की सेवा में स्वयं को समर्पित विभूति को उनके अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित कर बैंक ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया है। ऐसे भामाशाह हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor