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Friday, January 23, 2026, 7:50 am

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संसार में मनुष्य जन्म मिलना दुर्लभ, जीव का सत्संग मिलना उससे भी दुर्लभ : डॉ. रामप्रसाद महाराज

शिव वर्मा. जोधपुर 

सूरसागर स्थित श्री बड़ा रामद्वारा में आयोजित चातुर्मास सत्संग के अंतर्गत महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज ने चातुर्मास के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि संसार में मनुष्य जन्म मिलना दुर्लभ है। जीव को सत्संग मिलना उससे भी दुर्लभ है। संत ने कहा कि चातुर्मास का व्रत रखना चाहिए और भगवान विष्णु को याद करने मात्र से जीव पाप मुक्त हो जाता है। चातुर्मास व्रत जो मनुष्य करता है उसे उत्तम बताया गया है। इस व्रत में तीर्थ, दान, पुण्य सब का फल मिल जाता है। जो जीव नदी में स्नान करता है उसको सिद्ध की प्राप्ति हो जाती है । चातुर्मास में सूर्यास्त से पहले भोजन प्रसाद करना चाहिए। इन दिनों में जीव को हमेशा दया का भाव रखना चाहिए। कोई किसी के साथ द्वेष की भावना को नहीं रखना चाहिए। चातुर्मास में जमीन पर शयन करना चाहिए तथा जो व्यक्ति राम नाम का जाप करता है, उसको अनंतगुना फल मिलता है। संत अमृतराम ने “राम नाम रो ओ लड्डू मीठो लागे” भजन सुनाया तो श्रोतागण झूमे। सत्संग में संत रामेश्वर दास,रमता राम, पुनाराम, रामस्वरूप, रामपाल आदि मौजूद थे।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor