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Thursday, July 9, 2026, 4:12 am

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स्कॉलरशिप प्रोग्राम : गुरुओं का सम्मान, शिष्यों को दक्षिणा…भावना ये कि शिक्षा वो इन्वेस्टमेंट है जिसका मुनाफा जीवन के अंत तक मिलता है…खेल तन-मन-धन का धावक

(अतिथि सम्मानित होने वाले होनहार स्टूडेंट्स और खिलाड़ियों के साथ।)
(अतिथियों व संस्थान के एचओडी ने गोल्डन सिक्का और लैपटॉप देकर लक्की ड्रॉ के विजेताओं को सम्मानित किया। )

सीए गोल्ड मेडलिस्ट आनंद राठी जी की प्रेरणा से हुआ कार्यक्रम 

प्रधानाचार्य और 12वीें के टॉपर स्टूडेंट्स-खिलाड़ियों काे दिया सम्मान और छात्रवृत्ति : नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में हुआ आयोजन

दिलीप कुमार पुरोहित. राखी पुरोहित का लाइव कवरेज

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज का ऑडिटोरियम। नैपथ्य में अमिताभ बच्चन की केबीसी में कही प्रेरक बातें गूंज रही थी जो कार्यक्रम आरंभ होने से पूर्व बता रही थी कि आज गुरु पूर्णिमा है और जीवन में गुरु का क्या महत्व होता है। अमिताभ बच्चन कह रहे थे कि सुख पढ़ने सुनने से नहीं जीवन में उतारने से मिलता है। ये सीख उन्हें अपने गुरुओं से मिली थी। फिर अमिताभ बच्चन कहते हैं कि शिक्षा वो इन्वेस्टमेंट है जिसका मुनाफा जीवन के अंत तक मिलता है…फिर इस कार्यक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी परिणिति विश्नोई जो दुनिया की सबसे छोटी (11 साल) इंटरनेशनल योगा टीचर है, कहती है- स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। परिणिति की भावना यह थी कि खेलो-योग करो यही तन-मन-धन का धावक है। ये पंक्तियां ऑडिटोरियम में गूंज जरूर रही थी मगर इन सबकी मूल परिकल्पना कार्यक्रम के माध्यम से एक ऐसे उद्यमी और समाजसेवी की थी जो समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं और पिछले कई सालों से कर भी रहे हैं। ये उद्यमी हैं सुरेश राठी ग्रुप के संस्थापक सुरेश राठी और उनके पुत्र डायरेक्टर सौरभ राठी। नंदकिशोर राठी मेडिकल एंड एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानाचार्य और 12वीं क्लास के टॉपर स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति वितरित की गई। प्रत्येक स्टूडेंट को 11,111 रुपए हाथों हाथ उनके अकाउंट में ट्रांसफर की गई। सभी खिलाड़ी किसी न किसी फील्ड में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं और उन्होंने इंटरनेशनल लेवल पर जोधपुर और देश का नाम रोशन किया है। यही नहीं सरकारी और कुछ निजी स्कूलों के टॉपर स्टूडेंट्स और उनके प्रिंसिपल को भी सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम का लब्बोलुआब यह था कि गुरुओं को सम्मान मिला और शिष्यों को दक्षिणा…यानी छात्रवृत्ति… जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरक सिद्ध होगी। इस कार्यक्रम में आनंद राठी ग्रुप के सीए गोल्ड मेडलिस्ट आनंद राठी जी की प्रेरणा रही। साथ ही सुरेश राठी ने घोषणा की कि यह तीसरा आयोजन था और उनके जिंदा रहने तक और उनके बाद उनकी पीढ़ी इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगी। यानी शिक्षा और खेल की ज्योत जलती रहेगी। साथ ही सुरेश राठी ग्रुप ने घोषणा की कि 12वीं क्लास पास ऐसे स्टूडेंट्स जो सीए करना चाहते हैं और जिनके अंक 75 प्रतिशत से अधिक हैं और परिवार की सालाना आय 3 लाख से कम हैं वे बॉम्बे मोटर्स स्थित उनके कार्यालय आकर फॉर्म लेकर भर सकते हैं उन्हें सीए करने में मदद की जाएगी।

प्रणाम जरूर करें, पर आचरण भी पकड़ें…अपना खर्च खुद निकालें : सुरेश राठी

कार्यक्रम में प्रेरक उद्बोधन देते हुए सुरेश राठी ग्रुप के संस्थापक सुरेश राठी ने कहा कि सीनियर सैकंडरी में आपने टॉप किया है। यह अच्छी बात है। इसकी जितनी सराहना की जाए कम है। मगर अभी सारी पढ़ाई बाकी है। उन्होंने स्टूडेंट्स को सलाह दी कि माता-पिता पर निर्भर कब तक रहोगे, कोशिश करो कि अपनी पढ़ाई का खर्च खुद निकालो। उन्होंने संस्कारों की चर्चा करते हुए कहा कि आप अपने बड़ों को प्रणाम करते हो। प्रणाम करना अच्छी बात है, पर प्रणाम को आचरण में पकड़ो। यानी की आचरण में भी संस्कारों की झलक दिखनी चाहिए। प्रणाम के परिणाम अच्छे आते हैं।

आई नहीं वी की भावना हो : सुरेश राठी ने कहा कि हम बोलचाल में आई यानी मैं का प्रयोग करते हैं। जबकि हमें वी यानी हम शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए। आई- इलनेस का प्रतीक है जबकि वी वेलनेस का। इसलिए कोशिश करें कि बोलचाल की भाषा में वी यानी हम शब्द का प्रयोग हों।

गरीब पैदा होना अपने हाथ में नहीं, गरीब मरना अपने हाथ में : राठी ने बिल गेट्स का उदाहरण दिया, गेट्स का कहना है कि गरीब पैदा होना अपने हाथ में नहीं है, पर गरीब मरना अपने हाथ में हैं। अगर पूंजीपति बनना है। धन कमाना चाहते हैं तो लक्ष्मी नहीं नारायण की पूजा करो। जो नारायण की पूजा करता है, उस पर लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है क्योंकि लक्ष्मीजी खुद नारायण के चरण दबाती हैं।

आगे बढ़ने के टिप्स : सुरेश राठी ने आगे बढ़ने के कई टिप्स दिए। उन्होंने भारत के पूर्व चीफ जस्टिस आरसी लाहोटी का उदाहरण दिया, जो कहते थे कि जितने भी सफल लोग आगे बढ़े, उन्होंने जीवन में पेशन, फोकस, डिसिजन फास्ट, टाइम खराब नहीं, सात घंटे सोने, जंक फूड-फास्ट फूड नहीं खाने, पॉजिटिव एटिट्यूट, भगवान में विश्वास, स्वास्थ्य पर ध्यान, अर्निंग का 20 प्रतिशत सेविंग पर ध्यान दिया है। राठी ने कहा कि पहले अर्निंग के साथ सेविंग करो जो बुरे समय में काम आएगी। आरएएस और आईएएस बनने वालों के पास पहले 1 हजार वाला मोबाइल होता था।

अच्छे श्रोता बनो : राठी ने कहा कि जानते सभी है, मगर सुनते कोई नहीं। बोलते सभी हैं, मगर सुनते कोई नहीं। इसलिए अच्छे श्रोता बनें। जो जितना अच्छा लिशनर होगा, वही जिंदगी में आगे बढ़ेगा। उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं दी और कहा कि लाइफ में कोई भी समस्या हो, जब भी मदद की जरूरत हो उनसे मिल सकते हैं।

खांडा फलसा स्कूल का जिक्र भी किया : सुरेश राठी ने खांडा फलसा सरकारी स्कूल का जिक्र किया, जहां उनकी प्राथमिक शिक्षा हुई थी। वहां के प्रिंसिपल और होनहार स्टूडेंट्स को सम्मानित और छात्रवृत्ति बांटते हुए उन्होंने अपनी शिक्षा की प्रारंभिक यात्रा को याद किया और भावुक हो गए। साथ ही कहा कि मुझे वो स्कूल आज भी जेहन में हैं और वह स्कूली यात्रा उनके जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

दृष्टिहीन प्रकाशचंद्र खींची परिवार से पारिवारिक संबंधों का जिक्र किया

कार्यक्रम का आगाज नन्हे बच्चे पीयूष ने सरस्वती वंदना से की। पंक्तियां थी- बरसा देना ज्ञान की धारा…सात स्वरों की कर दो वर्षा, हर मानव के मन को हर्षा, ज्ञान का दीप जले, हर मन फैले उजियारा…। हारमोनियम पर दृष्टिहीन प्रकाशचंद्र खीची ने संगत की। इस दौरान सुरेश राठी ने खींची परिवार के साथ अपनी नजदीकियों का जिक्र किया। राठी ने कहा कि खींची की बारात उनके निवास से गई थी और वे उनके परिवार के सदस्य हैं। इस मौके पर खींची ने राठी को साफा पहनाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत नृत्य भी प्रस्तुत किया।

अतिथियों के तौर पर मंच पर ये मौजूद थे 

सुरेश राठी ग्रुप के डायरेक्टर सौरभ राठी, अर्जुन अवार्ड से पुरस्कृत और आनंद राठी आईटी प्रा. लि. के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरके पुरोहित, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एंड कंट्रोलर डॉ. बीएस जोधा, एम्स जोधपुर की डीन एकेडमिक और डिपार्टमेंट ऑफ एनोटॉमी की प्रोफेसर डॉ. शिल्पी गुप्ता दीक्षित, जोधपुर वुशु संघ के सचिव विनोद आचार्य। इस मौके पर मंच पर वात्सल्यपुरम एनजीओ की संचालिका शिखा जैन भी मौजूद थीं। जिनके सान्निध्य में सूरत, बैंगलुरु और जोधपुर में अनाथ बच्चों के लिए रोटी, कपड़ा, मकान और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है।

इन्होंने दिया आशीर्वाद और बांटे पुरस्कार और सम्मान, ड्रॉ भी निकाला :

सुरेश राठी व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शशि राठी, पुत्र सौरभ राठी-पुत्रवधू वर्षा राठी, सुरेश राठी की बहन फूलकंवर मूंदड़ा, अनीशा राठी, अयांश राठी, अनिल मूंदड़ा, दीपक सारड़ा, चंपालाल, सीमा मूंदड़ा, वात्सल्यपुरम एनजीओ की संचालिका शिक्षा जैन, अरविंद चितलांगिया, प्रवीण चितलांगिया, कैलाश सारड़ा, मूलचंद लोहिया आदि ने आशीर्वाद दिया। पुरस्कार बांटे और गुरुजनों का सम्मान किया। और लक्की ड्रॉ निकाला।

किसने क्या कहा-

डॉक्टर बनने में रुचि दिखाएं और 10-12 बच्चे एम्स जोधपुर में पढ़ने अवश्य आएं : डॉ. गुप्ता

एम्स जोधपुर की डीन एकेडमिक डॉ. शिल्पी गुप्ता दीक्षित ने बच्चों से कहा बताओ आप में से कितने डॉक्टर बनना चाहते हैं? फिर उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि आप में से 10-12 बच्चे एम्स जोधपुर में पढ़ने आएं। उन्होंने ट्रस्ट को बधाई दी। साथ ही कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य समाज की नींव हैं। ट्रस्ट का कार्य प्रेरणास्पद और अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर यह आयोजन किया गया। वाकई यह अच्छा अवसर है। उन्होंने बच्चों से कहा कि मेहनत से बढ़कर कोई जादू नहीं हैं। मन लगाकर सीखें। यही आपको सफल बनाएगा।

मजा तो तब हैं जब गिरे हुए को उठा लें : आचार्य

इंटरनेशन कोच और वुशु संघ के अध्यक्ष विनोद आचार्य राजस्थान पुलिस में हैड कांस्टेबल हैं। 15 साल से निशुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं। 2000 खिलाड़ी तैयार किए हैं। 110 नेशनल और 300 स्टेट मेडल दिलवा चुके हैं। महिलाओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट गरीब लोगों की मदद कर रहा है। यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि नशा पिलाकर किसी को गिराना तो सभी को आता है, मजा तो तब है जब गिरे हुए को उठा लें।

समाज से अर्न करना और समाज को लौटाना ही पुण्य का कार्य : पुरोहित 

अर्जुन अवार्डेड आरके पुराेहित लालजी ने कहा कि समाज से अर्न करना और समाज को लौटाना ही पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि मेरे पूर्व वक्ताओं ने सबकुछ कह दिया है। मैं यह कहना चाहूंगा कि समाज से राशि अर्जित कर पुण्य कार्यों में लगाना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। यह अच्छी नीति हैं।

गुरु और शिष्यों का सम्मान ट्रस्ट की अच्छी पहल :  डॉ. जोधा

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने कहा कि ट्रस्ट की पहल सराहनीय हैं। गुरु और शिष्यों का एक साथ सम्मान और शिष्यों को छात्रवृत्ति मिलना सौभाग्य की बात है। चाहे किसी भी रूप में गुरु शिष्यों को तैयार करते हैं। चाहे खेल हो या पढ़ाई। गुरु ही शिष्यों का भविष्य संवारते हैं।

सौरभ राठी और टीम ने संभाली व्यवस्था

इस पूरे कार्यक्रम का संचालन सुरेश राठी ग्रुप के डायरेक्टर सौरभ राठी और पूरी टीम ने किया। इस मौके पर टीम के सभी सदस्यों के हाथों लक्की गोल्ड सिक्का और लैपटॉप वितरित करवाए गए। साथ ही इस टीम की सराहना की गई। कार्यक्रम का संचालन दीपा अरोड़ा और तेजबहादुर माथुर ने मिलकर किया। उन्होंने अपनी मखमली आवाज और सधे हुए सुंदर अंदाज में कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान की और पूरा संचालन व्यवस्थित किया। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम खचाखच भरा हुआ था। कार्यक्रम में उद्योगपति, शिक्षाविद्, बिल्डर, ट्रेवल जगत से जुड़े लोग, धर्म और समाज के प्रतिनिधि और विभिन्न वर्गों के गणमान्य लोग मौजूद थे।

दुनिया की सबसे छोटी याेगा टीचर परिणिति विश्नोई ने जगाया जोश

कार्यक्रम की मुख्य पेशकश अंतिम क्षणों में दुनिया की सबसे छोटी योगा टीचर परिणिति विश्नोई का योग प्रदर्शन था। उन्हें 11 साल की उम्र में ही दुनिया की सबसे छोटी योग टीचर होने का गौरव प्राप्त हैं। परिणिति कई मुख्यमंत्रियों को योग की ट्रेनिंग दे चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोवर हैं। सचिन तेंदुलकर तक उनके फैन हैं। जोधपुर की परिणिति को मारवाड़ गौरव रत्न मिल चुका है। आनंद महेंद्रा ग्रुप के आनंद महेंद्रा भी उनके प्रणित सूर्य नमस्कार को करते हैं। बाबा रामदेव के साथ परिणिति योग कर चुकी हैं। वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे और केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत को भी योग सिखा चुकी हैं। उनका कहना है कि वह सुबह 4 बजे उठ जाती हैं और हनुमान चालीसा से उन्हें शारीरिक और आध्यात्मिक ताकत मिलती है और वह संतुलित नाश्ता और भोजन करती हैं। उन्होंने सबको योग करने की सलाह दी।

 

 

 

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor