-श्री जागृति संस्थान की वरिष्ठ संरक्षिका श्रीमती लीला कृपलानी उर्फ अम्माजी को समर्पित काव्य गोष्ठी में मां के उपकारों को कवियों ने दिए शब्द…सेवा कार्यों में सदस्यों ने दिखाया उत्साह
पंकज जांगिड़. जोधपुर
श्री जागृति संस्थान की संरक्षिका उर्फ अम्माजी अब नहीं रही। लेकिन उनकी स्मृतियां, उनका साहित्य और उनका सृजन संसार समाज को रोशन करता रहेगा…इन्हीं भावनाओं के साथ शहर के 20 से अधिक कवि-साहित्यकारों ने मां शब्द पर कविताएं-गजलें और गीत प्रस्तुत कीं। मुख्य अतिथि रामाश्रम सत्संग मथुरा उपकेंद्र जोधपुर के आचार्य शिवप्रकाश अरोड़ा के सान्निध्य में कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजेश भैरवानी ने की। आसमान में बादलों की उपस्थिति के बीचन सावन की घटाओं पर भी कवियों ने शब्द चित्र उकेरे।
संस्थान के सचिव हर्षद सिंह भाटी ने बताया कि लीला कृपलानी की स्मृति में और संस्थान की कोषाध्यक्ष राखी पुरोहित के जन्मदिन के अवसर पर श्री जूना खेड़ापति हनुमान मंदिर गौशाला में गौसेवा के पश्चात मंदिर परिसर में काव्य गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें ओमप्रकाश वर्मा, सतीश इदनानी, जुगल किशोर माहेश्वरी, डॉ. तृप्ति गोस्वामी, नीलम व्यास, यशोदा माहेश्वरी, अनिता जांगिड़, स्नेहलता जांगिड़, पार्वती अरोड़ा, रविंद्र माथुर, राजेन्द्र शाह, राजेश भार्गव, कमल शर्मा, राजन वैष्णव व पंकज बिंदास ने श्रावण मास के सुहावने मौसम में मां विषय, श्रावणमास से सबंधित और विभिन्न विधाओं पर अपनी स्वरचित रचनाओं की सतरंगी छटा बिखेरी।









