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Saturday, April 11, 2026, 10:17 pm

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आंवला एक गुण अनेक…प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ उपहार

राइजिंग भास्कर. जोधपुर 

आयुर्वेद में आंवला काफी गुणकारी बताया गया है। इसका प्रयोग किसी भी रूप में किया जाय इसके गुणों में कोई कमी नहीं आती है। प्राचीन काल से ही इसे सर्वगुण संपन्न फल माना जाता रहा है. विटामिंस और भी कई रासायनिक गुणों से समृद्ध ये फल सर्दियों में खासकर उपलब्ध होता है।

अचार, सब्जी, छुन्दा, मुरब्बा व सुपारी के रूप में विभिन्न प्रकार से इसका उपयोग हम किया करते हैं।

“आंवला कैंडी” बनाकर भी हम स्वस्थ रह सकते हैं।

बिल्कुल सादा और सरल तरीके से… एक किलो ताजा रसीला आंवला लेकर उन्हें एक दिन के लिए पानी में भिगोकर रखें और दूसरे दिन आंवला को अच्छी तरह से धोकर स्टीमर में 12-15 मिनट तक मध्यम आंच पर भाप से पका लें।

बाद में स्टीमर से निकालकर उन्हें हल्का सा ठंडा होने दें और उनकी फांके निकालकर गुठलियों को अलग कर लें। आंवला की फांको को एक गहरे बर्तन में लेकर उन पर एक इंच ऊपर तक चीनी भर लें और ढक्कन लगाकर रख दें।

एक दिन बाद आप देखेंगे कि चीनी पूरी तरह घुलकर रस बन गई है और आंवले ऊपर तैर रहे हैं, तो आप इस मिश्रण को एक साफ चम्मच से अच्छी तरह हिलाकर वापस ढककर 2-3 दिन के लिए रख दें, ध्यान रखें कि इसे दिन में एक दो बार चम्मच से चलाते रहें, ताकि फफूंद नही लगे।

दो दिन के बाद आप देखेंगे कि आंवले रस से भरकर नीचे डूब गए हैं. इसे एक दिन के लिए और रखकर आंवलों को रस में से निकालकर एक बड़े थाल में फैलाकर धूप में रखें, दिनभर की तेज धूप से इसका रस सूख जाता है।

बाद में इन सूखे हुए आंवलों को एक बर्तन में रखकर उन पर पिसी हुई चीनी, कालीमिर्च पाउडर और पिसा हुआ काला नमक डालकर अच्छी तरह से चलाएं ताकि सभी आंवलों पर कोटिंग हो जाये।

बाद में इस चटपटी ज़ायकेदार स्वास्थ्यवर्धक आंवला कैंडी को एक साफ कांच के मर्तबान में भरकर रख दें और फिर इसे अपनी सुविधानुसार खाने का आनंद लें.

अगर आपको कोई बीमारी है तो एक आंवला अनेक बीमारियों का उपचार है।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor