Explore

Search

Thursday, April 16, 2026, 4:11 pm

Thursday, April 16, 2026, 4:11 pm

LATEST NEWS
Lifestyle

दुनिया से विदा हुए सेवाराम…अपने अंगदान कर बन गए जीवनदाता राम

एम्स जोधपुर में हुआ अंगदान…झालामंड निवासी स्कूल संचालक सेवाराम 29 जुलाई को सड़क दुर्घटना में हुए थे घायल, 2 अगस्त को ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिजनों ने दी अंगदान की स्वीकृति…सेवा की मिसाल बनी पुण्य आत्मा 
डीके पुरोहित. जोधपुर
diliprakhai@gmail.com
सेवाराम। झालामंड निवासी। 29 जुलाई को सड़क हादसे में घायल हुए। ब्रेन डेड होने पर परिजनों ने साहसिक निर्णय लिया और अब उनके अंगदान से जरूरतमंद मरीजों को नया जीवनदान मिल सकेगा।
झालामंड के कृष्ण मंदिर बगीची के महादेव कॉलोनी ढिलवाडियों की ढ़ाणी निवासी सेवाराम प्रजापति प्राइवेट स्कूल संचालक थे। जिनके अंगदान से जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे लोगों को नव जीवन मिल सकेगा।सेवाराम के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और पुत्र-पुत्री सहित परिवजनों के एक फैसले से चार लोगों को नया जीवन मिल रहा हैं।
परम दानी बन अनंत यात्रा पर चले सेवाराम…
कुम्हार प्रजापति समाज के पुखराज बनावड़िया ने बताया कि झालामंड क्षेत्र के किसान परिवार से ताल्लुख रखने वाले उनके माता-पिता ने पहल की। सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेनडेड हुए सेवाराम प्रजापति (ढिलवाड़ी) के अंगों को डोनेट करने की सहमति के बाद रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर में उनका सफल अंगदान हुआ। सबसे पहले लिवर और सबसे बाद में किडनियां निकाली गईं। लिवर और किडनी को जोधपुर एम्स द्वारा जरूरतमंद रोगियों को ट्रांसप्लांट किए गए। फेफड़े खराब हो जाने के कारण नहीं निकाले जा सके। किडनी, लिवर का दान कर श्री प्रजापति पब्लिक स्कूल, बिचलापुरा झालामंड जोधपुर के संस्थापक एवं व्यवस्थापक सेवाराम प्रजापति ने जरूरतमंद लोगों को नया जीवन दिया और खुद परमदानी बन अनंत यात्रा पर निकल पड़े…।
ऐसे हुई थी दुर्घटना…
29 जुलाई को दोपहर के 2 से 2.30 बजे के करीब अपने पुत्र स्वरूप प्रजापत को मामा की दुकान पर छोड़ने के के बाद नजदीकी मेडिकल की दुकान से दवाई लेने के लिए सेवाराम निकला। तभी झालामंड चौराहा से मोती मार्केट मैन गुड़ा रोड के बीच स्थित गंजानंद मोबाइल के सामने कट से यू टर्न लेते समय अत्यन्त तेज गति एवं लापरवाही से आ रहे एक मोटर साइकल सवार ने सेवाराम को टक्कर मार मार दी, जिससे प्राइवेट स्कूल संचालक सेवाराम सिर के बल रोड पर नीचे गिर गए। अत्यंत गंभीर घायल हो गए। उन्हें झूमरलाल ऐणिया, लादूराम सिनावड़िया अपनी कार में लेकर जोधपुर एम्स ट्रोमा सेंटर पहुंचे और भर्ती करवाया। जहां पर उनका उपचार चला, लेकिन 2 अगस्त को जोधपुर एम्स के डॉक्टरों ने उनको ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
मानवता की मिसाल बने सेवाराम…परिजनों के निर्णय की हो रही सराहना 
सेवाराम मानवता की मिसाल बन गए। उनके परिजनों के निर्णय की सराहना हो रही है। सेवाराम के अंग अब किसी और को जीवनदान दे सकेंगे। परिजन कहते हैंं कि मानव ही मानव के काम आता हैं। किसी को खुशी और नया जीवन मिलता हैं तो उससे बढ़कर दुनिया में कोई और दान हो नहीं सकता हैं। परिजनों में पाकु देवी-शंकरलाल ढ़िलवाड़ी (माता-पिता) सहित धर्मी देवी (पत्नी) एवं एक स्वरूप-चन्द्रीका (पुत्र-पुत्री) सहित सत्यनारायण ढिलवाड़ी, संताराम प्रजापत, संतोष कुमार, मनोज कुमार, सूरज रत्नलाल, बद्रीलाल, जेठाराम, घेवरराम, अणदाराम, पूनाराम, पप्पूराम, श्रवण कुमार, भगवानराम, दिनेश संदीप, लखपत, रमेश एवं अशोक कुमार, सुरेश कुमार और संपूर्ण ढिलवाड़ी परिवार सहित झूमरलाल ऐणिया, लादूराम, एडवोकेट विनोद कुमार सिनावड़िया, जुगराज प्रजापत, लालाराम प्रजापत इत्यादि की प्रेरणा एवं परिवार की जागरूकता को हर कोई सलाम कर रहा है।
शव पर पुष्पचक्र अर्पित… जोधपुर एम्स प्रशासन ने दिया ”गार्ड ऑफ आनर”
एम्बुलैंस सजाई एवं जगह-विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पुष्प वर्षा से किया स्वागत। साथ ही एम्स प्रशासन जोधपुर ने ससम्मान प्रशंसा-पत्र के साथ-साथ सेवाराम प्रजापति के शव को पुलिस एवं अन्य प्रशासनिक कार्यवाही के पश्चात उनके परिवारजनों को दोपहर पश्चात साैंप दिया। एम्स के अधीक्षक एवं उपाधीक्षक सहित अन्य डॉक्टरों एवं विभिन्न समाजिक संगठनों में हिंदू सेवा मंडल जोधपुर, श्रीयादे माता पावन धाम झालामंड, श्री पुरबिया प्रजापति कुम्हार छात्रावास संस्थान, झालामंड सहित श्री प्रजापति कुम्हार न्याति समाज संस्थान के विभिन्न प्रतिनिधियों ने शव पर पुष्पचक्र चढ़ाए। सेवाराम ढिलवाड़ी के शव को उनके पैतक निवास स्थान तक ससम्मान एस्कोर्ट मय एम्बुलैंस के साथ रवाना किया गया। एम्बुलैंस को भी फूल-मालाओं से सजाया गया। उल्लेखनीय हैं कि इससें पहले भी जोधपुर एम्स में परिवार जनों की सहमति एवं जाकरूकता एवं प्रेरक पुखराज प्रजापति, मानाराम सुथार, भंवरलाल गोदारा के द्वारा विक्रम सुथार पुत्र रमेश आचू एवं अनिता चौधरी पत्नी ठाकरराम का अंगदान करवाया गया था।
सेवाराम के इकलौते पुत्र का जोधपुर एम्स में चल रहा है इलाज
सेवाराम प्रजापत का इकलोता पुत्र का जोधपुर एम्स में इलाज चल रहा है। सेवाराम प्रजापत के परिवार में श्रीमती पाकुदेवी-श्री शंकरलाल ढ़िलवाड़ी (माता-पिता) सहित श्रीमती धर्मी देवी (पत्नी) एवं एक स्वरूप-चन्द्रीका (पुत्र-पुत्री) हैं। जिसमें से उनका सबसे छोटा इकलोता पुत्र स्वरूप प्रजापत का जोधपुर एम्स में उपचाराधीन हैं।
ये भी जानिए…कौनसा अंग कब तक रहता है सुरक्षित
मृत्यु के बाद भी कुछ घंटे जिंदा रहते हैं मानव अंग।जोधपुर के किडनी ट्रासप्लांट एक्सपर्ट ने बताया कि किडनी एवं अन्य अंगाें को ट्रासप्लांट करने में दो से तीन घंटे का समय लगता है। मानव अंगों को 12 घंटों तक सुरक्षित रख सकते हैं। इसके बाद वे किसी पैशेंट को नही लगाये जा सकते हैं।
हार्ट-मृत्यु के 04 से 06 घंटे के भीतर,
किडनी-मृत्यु के 30 घंटे के भीतर,
आंत-मृत्यु के 06 घंटे के भीतर,
प्रैक्रियाज-मृत्यु के 06 घंटे के भीतर,
लिवर-मृत्यु के 08 घंटे के भीतर
Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor