श्री विश्वकर्मा मंदिर में हुआ आयोजन, आरएएस गोमी जांगिड़ ने कहा- इस तरह के आयोजन मेलजोल बढ़ाते हैं, परंपराएं जीवंत रहती है
पंकज जांगिड़. जोधपुर
सावन का महीना केवल पर्व नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस तरह के आयोजन से न केवल आपसी मेल-जोल बढ़ता है, बल्कि परंपराएं भी जीवंत रहती है। यह कहना है आरएएस गोमती जांगिड़ का। वे विश्वकर्मा मंदिर में आयोजित जांगिड़ सखी महोत्सव में बोल रहीं थीं।
भगवान शिव को समर्पित श्रावण मास में बाईजी का तालाब स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर में श्री विश्वकर्मा मंदिर कमेटी, श्री विश्वकर्मा जांगिड़ पंचायत एवं जांगिड़ समाज महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में जांगिड़ सखी सावन महोत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया, जिसमें सैकड़ों महिलाएं, समाजबंधु व श्रद्धालु शामिल हुए।
इन्होंने की शिरकत, महोत्सव में खूब जमा रंग
मंदिर कमेटी के सचिव हरीश जांगिड़ ने बताया कि साध्वी उषा गिरी महाराज के सान्निध्य, वरिष्ठ आरएएस अधिकारी गोमती जांगिड़ व जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग प्रथम के अध्यक्ष राजकुमार बरड़वा व अखिल भारतीय जांगिड़ ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपप्रधान व वरिष्ठ अधिवक्ता भारत भूषण शर्मा के आतिथ्य एवं मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सुरेश शर्मा, संरक्षक रामेश्वरलाल हर्षवाल, श्री पंचायत के अध्यक्ष वासुदेव बुढल, मंदिर कमेटी के गोपी किशन जांगिड़, प्रेमप्रकाश जायलवाल, रामदयाल जादम, मिश्रीलाल कुलरिया, कालूराम बरड़वा, चेतन प्रकाश बरड़वा, दिनेश पालड़िया, माणकलाल अठवासिया, रामदेव पालेचा, राधेश्याम व श्री पंचायत के ज्योति स्वरूप धनेरवा, सुरेशचंद्र कुलरिया, वीरेंद्र भाकरेचा, महिला मंडल की विनती जांगिड़, सुनीता शर्मा, जयश्री जांगिड़, स्नेहलता जादम, आशा शर्मा सहित सैकड़ों महिलाओं, समाजबंधुओं व श्रद्धालुओं की मेजबानी में लगभग चार घंटे तक आयोजित कार्यक्रम में गायिका नीलमसिंह, मंजू डागा, मीरा झाला, मीना परिहार, सीमा सिंघवी, मीना जांगिड़, सावित्री बरड़वा, रुकमा जांगिड़, मिश्रीलाल कुलरिया, माणकलाल अठवासिया, भींयाराम झाला, अशोक सिंह सिसोदिया व संगीता विश्नोई द्वारा श्रावण से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी गई। इन पर श्रावणी परिधान में सजी-धजी महिलाओं ने पुष्प वर्षा की और जमकर नृत्य किया। इस अवसर पर मंदिर को हरित पुष्पों, फूलमंडली व रोशनी से सजाया गया और राधाकृष्ण के झूले के साथ देव प्रतिमाओं का मनोरम शृंगार किया गया। सभी आगंतुकों का महिला मंडल द्वारा तिलक लगाकर स्वागत और मंदिर कमेटी की ओर से भामाशाह प्रतीक शर्मा व कलाकारों ने स्वागत-सम्मान किया। आर्य वीरेंद्र भाकरेचा द्वारा आरती के पश्चात जलपान वितरण के साथ महोत्सव सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मंदिर कमेटी के सहसचिव हुकमाराम झिलोया ने किया।
इस मौके गुलाब प्रसाद बरड़वा, गोविन्द राम पाटवा, गणपत लाल गैपाल, चुन्नाराम सुथार आदि गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।









