संत सरोवर माउंट आबू के मंहत स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज और एकात्म धाम ओंकारेश्वर के रेजिडेंट आचार्य स्वामी भूमानंद सरस्वती महाराज ने भी राज परिवार को आशीर्वाद दिया।
भरत जोशी. जोधपुर
पूर्व नरेश गजसिंह ने कहा कि वैदिक हवन से सनातन परंपरा का प्रवाह बढ़ता है। पर्यावरण शुद्धि के साथ साथ आत्म और विश्व कल्याण भी होता है। गजसिंह ने यह उद्गार परमहंस स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज द्वारा दईजर लाछा बासनी में स्थापित संवित धाम आश्रम में चल रहे महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन के दर्शन, पूजा और परिक्रमा के बाद चिंतामणि मंडप में आयोजित धर्म सभा में व्यक्त किए। उनके साथ महारानी हेमलता राजे भी उपस्थित थीं।
संवित धाम पहुंचने पर सोमयाजी अग्निहोत्री पंडित नवरतन व्यास, पंडित नितेश व्यास, पं हितेश दवे, पं अंकित छंगाणी, पं धर्मेंद्र, शेखर थानवी, महेश हर्ष एवं ऋत्विज ब्राह्मणों के सामूहिक मंत्रोच्चार से राज परिवार का पुष्प वर्षा से अभिनंदन किया। संवित साधनायन सोसायटी की अध्यक्षा रानी ऊषा देवी ने स्वागत किया। इस अवसर पर संत सरोवर माउंट आबू के मंहत स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज और एकात्म धाम ओंकारेश्वर के रेजिडेंट आचार्य स्वामी भूमानंद सरस्वती महाराज ने भी राज परिवार को आशीर्वाद दिया। सभा का संचालन सचिव भरत जोशी ने किया।
जोधपुर संवित साधनायन सोसायटी के श्यामकिशन बोहरा और रामराज पुरोहित ने बताया कि संवित धाम आश्रम में 12 जुलाई से महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन का आयोजन हो रहा है तथा 26वें दिवस तक 93 लाख महामृत्युंजय मंत्रों के साथ आहुतियां लग चुकी है। 10 अगस्त को पूर्णाहुति होगी। हवन आचार्य अग्निहोत्री पंडित नवरतन व्यास ने बताया कि 9 अगस्त तक लगभग 1 करोड़ आहुतियां पूरी हो जाएंगी। 9 अगस्त को ही भगवान गणपति और नंदी के साथ शिव परिवार और दुर्गा सप्तशती मंत्रों के भगवती चामुंडा व अन्य देवताओं के निमित्त आहुतियां दी जाएंगी।
1008 कमल पुष्पों से आहुतियां 8 को
जोधपुर संवित साधनायन सोसायटी के उपाध्यक्ष दिनेशचन्द्र सिंहल और डॉ. सीएस कल्ला ने बताया कि महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन में शुक्रवार 8 अगस्त को द्वितीय पारी में रुद्र चंडी प्रयोग के तहत भगवान शिव और माता पार्वती के निमित्त शक्ति बीजात्मक शिवसहस्र नामावली से 1008 कमल पुष्पों से आहुतियां दी जाएंगी।




