“शपथ, सम्मान और सेवा का संकल्प — जायंट्स ग्रुप आफ जोधाणा और जायंट्स ग्रुप ऑफ सनिसिटी के ऐतिहासिक समारोह की झलक”
दिलीप कुमार पुरोहित. राखी पुरोहित
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सोमवार की दोपहर, जोधपुर का माहौल मानो किसी विशेष उत्सव की तैयारी में हो। स्वास्थ्य साधना केंद्र, लाल पुलिया, चौपासनी रोड का ऑडिटोरियम सजावट, रौनक और मेहमानों की चहल-पहल से जगमगा रहा था। दरवाजे पर स्वागत के लिए खड़े स्वयंसेवकों के मुस्कुराते चेहरे, फूलमालाएं और पारंपरिक अभिनंदन की गूंज वातावरण में एक अलग ही ऊर्जा भर रहे थे।
यह दिन खास था — जायंट्स ग्रुप ऑफ जोधाणा और जायंट्स ग्रुप ऑफ सनसिटी, जोधपुर का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह। शहर के समाजसेवी, शिक्षाविद, राजनीतिक हस्तियां, व्यापारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने पहुंचे थे।
भव्य शुरुआत — स्वागत और माहौल
कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामय स्वागत से हुई। सबसे पहले मंचासीन अतिथियों का हार-फूल, शॉल और स्मृति चिह्न से अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में शहर विधायक अतुल भंसाली का स्वागत हुआ, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख समाजसेवी और सिंगापुर निवासी श्याम कुंभट ने की। उनके साथ मंच पर समाजसेवी विनोद सिंघवी, शिक्षाविद डॉ. निर्मल गहलोत, समाजसेवी सोहन भूतड़ा (सेंट्रल कमेटी सदस्य), समाजसेवी देवेन्द्र गेलडा, और श्रीमती प्रभा सिंघवी (बालोतरा) मौजूद रहे।
विशेष आकर्षण थे — सुरेश राठी ग्रुप के फाउंडर और छत्तीस कौम के समाजसेवी सुरेश राठी, जिनका आगमन होते ही पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी। मंच पर उनका भव्य स्वागत हुआ।
शपथ ग्रहण — सेवा का संकल्प
कार्यक्रम का मुख्य क्षण था जायंट्स ग्रुप ऑफ जोधाणा के अध्यक्ष सुरेंद्र राज मेहता और जायंट्स ग्रुप ऑफ सनसिटी की अध्यक्ष सोनिया रामावत के नेतृत्व में कार्यकारिणी सदस्यों का शपथ ग्रहण।
मंच पर सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारी एक पंक्ति में खड़े हुए। दृढ़ नज़रों और गंभीर आवाज़ में उन्होंने सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्थान का वचन लिया। उनके शपथ शब्दों में सेवा का जोश, एकता की भावना और समाज को बेहतर बनाने का सपना साफ झलक रहा था।
शपथ के बाद दोनों अध्यक्षों ने अपने-अपने संबोधन में भविष्य की योजनाओं का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्ष में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में नई पहलें शुरू की जाएंगी।
अतिथियों के प्रेरक उद्बोधन — सेवा की गूंज
इसके बाद मंच पर मौजूद अतिथियों ने अपने-अपने विचार साझा किए, जिनमें प्रेरणा, अनुभव और जोधपुर के प्रति अपनत्व की झलक थी।
शहर विधायक अतुल भंसाली ने कहा:
“मैं दोनों संस्थानों की नई कार्यकारिणी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। समाजसेवा के पथ पर यह कदम सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सेवा के नए मुकाम स्थापित करने की शुरुआत है। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में ये संस्थाएं जन-जन तक पहुंच बनाएंगी।”
समाजसेवी श्याम कुंभट का संबोधन भावुक और आश्वस्त करने वाला था:
“जोधपुर से मेरा विशेष लगाव है। यह शहर केवल भौगोलिक रूप से नहीं, दिल से मेरा घर है। मैं हमेशा यहां के लोगों के लिए तत्पर हूं। यदि कोई नया प्रोजेक्ट आता है, तो मैं अपनी ओर से पूरा सहयोग करूंगा।”
समाजसेवी विनोद सिंघवी ने सेवा के महत्व को रेखांकित किया:
“शपथ ग्रहण करके आपने सेवा को चुना है। यह राह आसान नहीं है, लेकिन जब भी आपको सहयोग की आवश्यकता होगी, मैं अग्रिम पंक्ति में खड़ा रहूंगा।”
शिक्षाविद डॉ. निर्मल गहलोत ने श्याम कुंभट से मिली प्रेरणा का ज़िक्र करते हुए कहा:
“मैं श्याम सर को देखकर आगे बढ़ा हूं। उनकी प्रेरणा से समाजसेवा के मिशन को शिक्षा के साथ जोड़कर आगे ले जा रहा हूं। जोधपुर अपणायत का शहर है, और मैं हमेशा सेवा के लिए तैयार हूं।”
समाजसेवी सोहन भूतड़ा ने कहा:
“सेवा ही हमारा संस्कार है, और इस संस्कार को हम अपने भीतर जीते हैं। जब भी बड़ा अवसर होगा, भामाशाह का सहयोग लिया जाएगा।”
समाजसेवी देवेंद्र गेलड़ा का कहना था:
“दोनों संस्थाओं ने सेवा कार्य का जो बीड़ा उठाया है, वह सराहनीय है। जोधपुर कभी सेवा से पीछे नहीं हटा है, और हम भी पीछे नहीं हटेंगे।”
समाजसेवी प्रभा सिंघवी (बालोतरा) ने सभी को अपने शहर की ओर से शुभकामनाएं दीं:
“यहां आकर प्रसन्नता हुई। समाजसेवा के कार्य में मेरा सहयोग हमेशा मिलता रहेगा। सभी बुजुर्गों को मेरा नमन।”
सम्मान समारोह — सेवा के योद्धाओं को सलाम
कार्यक्रम में सम्मान का सिलसिला लंबा और भावनात्मक था।
किसी ने सम्मान ग्रहण किया, तो किसी ने अपने हाथों से सम्मान प्रदान किया। हॉल में उपस्थित हर चेहरा इस बात का प्रमाण था कि जोधपुर में सेवा केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है।
सम्मानित और सहभागिता निभाने वाले प्रमुख नाम थे —
सुदर्शन अरोड़ा, महेंद्र सांखला, कल्पेश, शोभा आंचलिया, ज्योति भाटी, विक्रमसिंह पंवार, विजय पटवा, सरोज राठौड़, इंदु भागीरथ, श्रवण दुग्गड़, प्रकाश मेहता, महावीर भंसाली, बलवंत जैन, प्रदीप खंडेलवाल, निरुपा पटवा, कपिल पटवा, लूणाराम, राधेश्याम वैष्णव, कृष्ण कुमार त्रिवेदी, शोभा, बाली सिंह, संजय कुमार, आर.के. भूतड़ा, राकेश जालानी, पवन, रामप्रसाद आचार्य, दिनेश, वीण सखरानी, मोना अडवानी, राहुल धारीवाल, राजेश मेहता, प्रतिभा, रशीदा बाफना, सुनीता माथुर, शकुंतला गुलेच्छा, रमा शाह, विमला गट्टानी, संतोष माहेश्वरी, संगीता भंडारी, लक्ष्मी शेखावाटी, अशोक जौहरी, फूलकंवर मूंदड़ा, ओम जैन, रामेश्वरी भूतड़ा, रामू धारीवाल, ओ.पी. जोशी, कानराज मोहनोत, अर्जुन सा, सहित अनेक गणमान्य लोग।
इनमें से कइयों का मंच पर सम्मान हुआ, तो कई ने अपने हाथों से अन्य सेवाभावी लोगों को सम्मानित किया।
माहौल में सेवा की खुशबू
कार्यक्रम के दौरान कई जैन संगठनों और भारत विकास परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हर क्षण में अपनापन, प्रेरणा और मिलकर आगे बढ़ने का संकल्प महसूस किया जा सकता था।
फोटो सेशन के दौरान मंच पर एक साथ खड़े सभी सम्मानित अतिथि, नव-निर्वाचित कार्यकारिणी और सहयोगी, मानो सेवा के विशाल वृक्ष की अलग-अलग शाखाएं लग रहे थे — जो अलग-अलग दिशाओं में फैलकर पूरे समाज को छाया देने के लिए तैयार हैं।
सेवा और संकल्प का नया अध्याय
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजकों ने सभी अतिथियों, सम्मानित जनों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। ऑडिटोरियम से बाहर निकलते समय हर व्यक्ति के चेहरे पर एक ही भाव था — “सेवा का यह कारवां अब और आगे बढ़ेगा।”
जोधपुर की इस शाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यहां की मिट्टी में केवल रेत और पत्थर नहीं, बल्कि इंसानियत और सेवा की गहरी जड़ें भी बसी हैं। कार्यक्रम के आरंभ में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए। विधि दाधीच ने भरत नाट्यम प्रस्तुत किया। एक स्टूडेंट ने श्याम कुंभट को तस्वीर भेंट की।






