संतों के सान्निध्य में महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन की पूर्णाहुति
भरत जोशी. जोधपुर
संत सरोवर माउंट आबू के मंहत स्वामी संवित सच्चिदानंद गिरि महाराज ने कहा कि यज्ञ से देवता प्रसन्न होकर वर्षा करते हैं, जिससे श्रृष्टि में मानव सहित समस्त जीवों का पोषण और पालन होता है। ऋग्वेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद सहित समस्त पौराणिक कथाओं में यज्ञ को वर्षा के देवता के रूप में मान्यता दी गई है। स्वामी सच्चिदानंद गिरि महाराज ने यह उद्गार परमहंस स्वामी ईश्वरानंद गिरि महाराज द्वारा दईजर लाछा बासनी में स्थापित संवित धाम आश्रम में लगातार अखंड रूप से एक माह तक चल रहे महामृत्युंजय कोटि रुद्र हवन की पूर्णाहुति पर आयोजित धर्म सभा में व्यक्त किए।
अनेक संत महात्माओं और अग्निहोत्री पंडितों की उपस्थिति और सस्वर सामूहिक वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ ईश्वर महाकीर्ति यज्ञशाला के प्रधान कुंड सहित पच्चीस कुंडों में पूर्णाहुति संपन्न हुई। संवित साधनायन सोसायटी की अध्यक्ष रानी उषा देवी ने सभी संतों का स्वागत किया। सोसायटी के सचिव भरत जोशी ने सभा का संचालन किया। कोटि रुद्र महामृत्युंजय हवन अग्निहोत्री पंडित नवरतन व्यास के आचार्यत्व में संपन्न हुआ।
इन्होंने भी किया संबोधित
संवित साधनायन सोसायटी के उपाध्यक्ष दिनेश चन्द्र सिंहल और डॉ. सीएस कल्ला ने बताया कि श्रीदादा दरबार खंडवा के पीठाधिपति छोटे सरकार ने अपने संबोधन में कहा कि संवित धाम वैदिक विवि और वैदिक संस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। शिवबाड़ी बीकानेर के महंत स्वामी विमर्शानंद गिरि महाराज, सप्तमातृका आश्रम महेश्वर मध्यप्रदेश से स्वामी समानंद गिरि महाराज, एकात्म धाम ओंकारेश्वर के रेजिडेंट आचार्य स्वामी भूमानन्द सरस्वती महाराज और चिन्मय मिशन के ओम चैतन्यजी महाराज ने हवन और उसके सफलआयोजन की विशेषता पर विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर कार्यक्रम के सफलतापूर्वक संचालन के लिए संयुक्त सचिव शेखर थानवी, श्यामकिशन बोहरा, महेश हर्ष, राजेंद्र हर्ष, रामराज पुरोहित, अनुज अवस्थी, नेमाराम गहलोत, रामदीन भादू , सुरेश पुरोहित, अंजू अरुणा, अश्विनी व्यास, बालूराम, आलोक सोलंकी, पुखराज चौधरी, जितेंद्र बोहरा, सुनील दाधीच, अनिल सोढ़ा, प्रमोद छंगाणी, लालजी बोहरा, सुमेर सिंह राजपुरोहित, मदन सिंह राजपुरोहित, मधुसूदन, राजेंद्र व्यास, रावल राठौड़, सुखराम देवासी, कुलदीप राजपुरोहित, डॉ. अमरीश छंगाणी सहित कार्यकर्ताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।










