भामाशाह का 7 करोड़ का योगदान, RMRS से 75 लाख की स्वीकृति – शहरवासियों को मिलेगा स्थायी समाधान
प्रशासन एवं भामाशाह के समन्वित प्रयास से आमजन को मिलेगी राहत – संभागीय आयुक्त
शिव वर्मा. जोधपुर
उम्मेद अस्पताल में अत्याधुनिक एमआरआई मशीन की स्थापना से अब मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे समय से एमआरआई सुविधा के अभाव में यहां आने वाले मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर होना पड़ता था, जिससे इलाज में देरी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ जाता था।
भामाशाह की जनहितैषी भावना से 7 करोड़ रुपये की लागत की एमआरआई मशीन दान की गई है। इसके इंस्टॉलेशन, केबलिंग और तकनीकी कार्यों पर लगभग 75 लाख रुपये का व्यय होगा, जिसे राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसाइटी (आरएमआरएस) से स्वीकृति मिल चुकी है। यह कार्य शीघ्र ही पीडब्ल्यूडी की सिविल एवं इलेक्ट्रिकल विंग द्वारा पूरा किया जाएगा।
संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने कहा कि उम्मेद अस्पताल में एमआरआई मशीन का लगना न केवल ऐतिहासिक पहल है बल्कि यह हजारों मरीजों को राहत दिलाने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि इस सुविधा से अब मरीजों को तत्काल जांच की सुविधा उपलब्ध होगी और अन्य अस्पतालों में रेफर होने की मजबूरी समाप्त होगी।
उल्लेखनाय है कि अब तक रेफर किए गए मरीजों पर प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय अस्पताल को उठाना पड़ता था। नई एमआरआई मशीन से यह खर्च बचेगा और अस्पताल की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। जांच की फीस निर्धारित सरकारी दरों के अनुसार ही ली जाएगी।
शहरवासियों और आसपास के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होने से मरीजों को त्वरित और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होंगी।




