सामाजिक विडंबनाओं की अभिव्यक्ति है : “बिलखता बादल”
राखी पुरोहित. जोधपुर
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सामाजिक विडंबनाओं की अभिव्यक्ति है “बिलखता बादल” और स्वयं की अज्ञानता को जान लेना ही वास्तविक ज्ञान है। ये शब्द कहे साहित्य अकादमी नई दिल्ली के राजस्थानी परामर्श मंडल के संयोजक प्रोफेसर अर्जुन देव चारण ने महिलाओं की साहित्यिक संस्था “सम्भावना” द्वारा डॉ. मदन-सावित्री डागा साहित्य भवन में आयोजित में चांदकौर जोशी की राजस्थानी पुस्तकें बिलखता बादल (काव्य संग्रह) और “कागले री करामात” (बाल कहानी संग्रह) के लोकार्पण समारोह में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहे । प्रोफेसर चारण ने बिलखता बादल को महिला लेखन की विशिष्टता का उदाहरण कहा। “कागले री करामात” को शिक्षाप्रद कहानियां बताया।
इस समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थानी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गजेसिंह राजपुरोहित ने राजस्थानी कविता और कहानी परंपरा का उल्लेख करते हुए लोकार्पित कृतियों का विश्लेषण किया और दोनों पुस्तकों को साहित्य एवं भाषागत सामाजिक मापदंडों पर खरा उतरने वाला बताया। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर पद्मजा शर्मा ने डॉ. जोशी की कुछ कविताओं का पठन करते हुए उनकी कविता और कहानियों के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सम्भावना की अध्यक्ष बसंती पवार ने अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया। अर्चना बिस्सा ने पत्र वाचन किया और कविताओं तथा कहानियों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम में प्रोफेसर राम बक्श, मीठेस निर्मोही, डाॅ. सत्यनारायण, हबीब कैफी, कौशलनाथ उपाध्याय, प्रो चंद्रकांता सदायत, रेणुका श्रीवास्तव आशा पाराशर, डॉ कविता डागा, डॉ मनीष डागा, सुशीला भंडारी, खेमकरण लालस, राजकुमारी गांधी, पंकज बिस्सा, बसंती चौहान, दीपा परिहार, राखी पुरोहित, अमिता भंडारी, उषा शर्मा छगनलाल राव, ऐश्वर्या वोडा, डॉ.अनीता मेहता, डॉ. निधि गहलोत, कमला सुराणा, नीलम व्यास, गुरुदत्त बिस्सा, मंशा नायक, गौतम के गुट्स, रूपेश बिस्सा, कंचन लता, संजीदा खानम, अमर कौर व्यास, इंदुमती व्यास, सीमा जोशी मुथा, जफर खान आदि बड़ी संख्या में जोधपुर के साहित्यकार, साहित्य प्रेमी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सम्भावना की सचिव डॉक्टर अंजना चौधरी ने किया। मधुर परिहार ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर संस्कृति फाउंडेशन की ओर से संस्थापक अध्यक्ष अनीता मेहता ने डॉ. अर्जुन देव चारण, डॉ. पद्मजा शर्मा और अन्य अतिथियों के हाथों साहित्यकार डॉ. राखी पुरोहित को सम्मानित किया।






