संगीत, नृत्य और लोक कलाओं से बढ़ेगा पर्यटन व सांस्कृतिक गौरव : व्यास
शिव वर्मा. जोधपुर
राजस्थान संगीत नाटक अकादमी राज्य की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों और पुरातात्विक स्मारकों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित करने जा रही है। इन आयोजनों के माध्यम से न केवल स्मारकों का प्रचार-प्रसार होगा बल्कि पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।
अकादमी के सचिव शरद व्यास ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जिले व राज्य के पाँच प्रमुख पुरातात्विक स्मारकों पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है। इसमें राष्ट्रीय लोक नृत्य समारोह 17 से 19 सितंबर तक सरदार संग्रहालय जोधपुर में आयोजित होगा। इसके बाद 22 सितंबर को शाकम्भरी माता मेला, शाकम्भरी माता मंदिर के सामने, सीकर में मनाया जाएगा।
इसी क्रम में 27 व 28 सितंबर को बाड़मेर के किराडू मंदिर में मालाणी महोत्सव, 30 सितंबर को जमवारामगढ़ (जयपुर) स्थित जमवाय माता मंदिर परिसर में जमवाय माता मेला तथा 1 और 2 अक्टूबर को फलौदी दुर्ग (जोधपुर) में फलौदी दुर्ग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों में लोक नृत्य, संगीत, नाटक तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और धरोहरों का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा।
Author: Dilip Purohit
Group Editor









