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Sunday, August 23, 2026, 8:55 pm

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Lifestyle

70 साल का इंतज़ार खत्म – जसवंतपुरा में सुलझा पीढ़ियों का विवाद

सज्जन सिंह. जोधपुर 

ग्राम पंचायत जसवंतपुरा, तहसील बिलाड़ा में आयोजित सेवा पर्व पखवाड़ा के ग्रामीण सेवा शिविर ने गुरुवार को एक ऐसी कहानी लिखी, जो गाँव के लिए लंबे इंतज़ार के बाद राहत और विश्वास लेकर आई।

उपखंड अधिकारी श्रीमती मृदुला शेखावत ने बताया कि डूंगरराम पुत्र जसराम, त्रिलोकराम पुत्र रूपाराम, पपली देवी पत्नी शैतानराम, भूराराम पुत्र जसराम, निंबाराम पुत्र जसराम, मेघाराम पुत्र जसाराम और शोभाराम पुत्र जसाराम – सभी जाति राईका, निवासी जसवंतपुरा – लगभग 70 वर्षों से अपने खातेदारी भूमि के बंटवारे के लिए प्रयासरत थे।

श्रीमती शेखावत ने बताया कि ग्राम बंध जसवंतपुरा, पटवार मंडल पीचियाक, तहसील बिलाड़ा के खाता संख्या 57, 77, 122, 151 और 191 में दर्ज खसरा नंबर 5/6 (0.5016 हेक्टेयर), 5/7 (0.5016 हेक्टेयर), 5/8 (0.5016 हेक्टेयर), 5/9 (0.5016 हेक्टेयर) और 5/10 (0.5097 हेक्टेयर) की कुल 2.5161 हेक्टेयर भूमि वर्षों से आपसी विवाद के कारण बंटवारा नहीं हो पा रहा था।

श्रीमती शेखावत ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर प्री-कैंप के दौरान सभी खातेदारों को सहमति विभाजन के लिए समझाइश दी गई। इस सतत प्रयास का परिणाम यह रहा कि ग्रामीण सेवा शिविर में सभी परिवार एकमत हुए और अंततः आपसी सहमति से बंटवारा पूरा हुआ।

परिवारों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार का जताया आभार

यह क्षण परिवारों के लिए बेहद भावुक था। सात दशकों से चला आ रहा विवाद जब समाप्त हुआ तो सभी खातेदारों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह पहल उनके लिए न सिर्फ़ जमीन का बंटवारा है, बल्कि शांति, राहत और नई उम्मीद का प्रतीक है।

70 वर्षों बाद लौटी चैन और सुकून की मुस्कान

गाँव के बुजुर्गों के अनुसार, यह फैसला केवल ज़मीन का हल नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सौहार्द और विश्वास की नींव है। ग्रामीण सेवा शिविर जसवंतपुरा में “विवाद से विश्वास” की इस अनूठी यात्रा का साक्षी बना।

 

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor