गीता परिवार के दक्ष प्रशिक्षक योगासन, प्रज्ञा संवर्धन, सूर्य नमस्कार, गोपुरम, आत्मरक्षा, ज्ञानेंद्रिय संवर्धन, मैदानी खेलकूद, लाठी-काठी एवं भगवद्गीता इत्यादि का प्रशिक्षण दे रहे हैं…।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर
स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज द्वारा संस्थापित अखिल भारतीय गीता परिवार की जोधपुर शाखा द्वारा बाल संस्कार वाटिका 25 सितंबर से माहेश्वरी जनोपयोगी भवन रातानाड़ा में शुरू हुई। यह 29 सितंबर तक चलेगी। इसमें 8 वर्ष से 15 वर्ष की आयु वाले 200 से बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
गीता परिवार के दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा इन बच्चों को योगासन, प्रज्ञा संवर्धन, सूर्य नमस्कार, गोपुरम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, ज्ञानेन्द्रिय संवर्धन, मैदानी खेलकूद, लाठी काठी एवं भगवद्गीता इत्यादि सिखाए जा रहे हैं। स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने भी लोगों से अपील थी कि अपने बच्चों को निशुल्क प्रशिक्षण दिलाने भेजें। उनकी अपील का असर हुआ और पहले ही दिन बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे। बाल संस्कार वाटिका में स्वास्थ्य, संस्कार और संस्कृति का पोषण हो रहा है।
बच्चों के लिए भवन, भोजन, अल्पाहार और आवागमन की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है। इस कार्यक्रम में सभी प्रबुद्ध समाजसेवी एवं दानदाता सहयोग दे रहे हैं। बाल वाटिका का उद्देश्य बच्चों को सनातन धर्म और संस्कृति की ओर जोड़ना है। साथ ही उन को संस्कारित करना और राष्ट्र प्रेम की भावना उनमें जागृत करना है।






