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Saturday, January 17, 2026, 12:47 am

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डॉ. बिमल छाजेड़ की सात बातें दिल में उतार लें तो दिल के रोग से बच सकते हैं…लाइफ स्टाइल, दवा, नेचुरल बायपास से करते हैं वे हार्ट का इलाज

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डॉ. बिमल छाजेड़ : एमबीबीएस, एमडी, संस्थापक | साओल

कोलकाता के सेंट लॉरेंस हाई स्कूल में पढ़ाई की और 1986 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कोलकाता से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। ​​25 साल की उम्र में वे दिल्ली आ गए, जहां उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग में काम करना शुरू किया। यहां एक विशेष घटना ने उनके जीवन को बदल दिया और हृदय रोगियों के उपचार के बारे में उनके विचारों में सुधार किया। उन्होंने नॉन-इनवेसिव या निवारक कार्डियोलॉजी की वकालत शुरू कर दी।
दिलीप कुमार पुरोहित. जोधपुर

9783414079 diliprakhai@gmail.com

देश और दुनिया में सबसे अधिक लोग हार्ट की बीमारी से पीडित हैं। भारत जैसे देश में अनियमित खान-पान और असंतुलित जीवन शैली की वजह से सौ में से 30-45 व्यक्ति किसी न किसी रूप में हार्ट की बीमारी से परेशान है या हार्ट को लेकर संवेदनशील हैं। ऐसे में अगर हम थोड़ा सा ध्यान रखें और डॉ. बिमल छाजेड़ की सलाह मान लें तो हार्ट की बीमारी से बच सकते हैं।

डॉ. बिमल छाजेड़ परिचय के मोहताज नहीं :

डॉ. बिमल छाजेड़ एमबीबीएस, एमडी भारत और विदेशों में चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक प्रसिद्ध व्यक्तित्व हैं। वे भारत में नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी के अग्रदूत हैं। 1961 में एक जैन परिवार में जन्मे डॉ. छाजेड़ पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गांव में पले-बढ़े और स्थानीय स्कूल से अच्छे अंकों से मैट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के सेंट लॉरेंस हाई स्कूल में पढ़ाई की और 1986 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कोलकाता से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। ​​25 साल की उम्र में वे दिल्ली आ गए, जहां उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली के कार्डियोलॉजी विभाग में काम करना शुरू किया। यहां एक विशेष घटना ने उनके जीवन को बदल दिया और हृदय रोगियों के उपचार के बारे में उनके विचारों में सुधार किया। उन्होंने नॉन-इनवेसिव या निवारक कार्डियोलॉजी की वकालत शुरू कर दी।

एमडी के बाद उन्होंने प्रसिद्ध अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में छह साल (1989-1995) तक सीनियर रेजिडेंट और असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में काम किया। उन्होंने योग थेरेपी में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। एम्स में उनके शोध से पता चला कि हृदय रोगी न केवल कोरोनरी हृदय रोग को रोक सकते हैं बल्कि हृदय रोग को उलट या ठीक भी कर सकते हैं। इस कार्यकाल के दौरान डॉ. छाजेड़ ने डॉ. डीन ओर्निश से भी प्रशिक्षण लिया, जिन्होंने यूएसए में जीवनशैली उपचार का बीड़ा उठाया। 1995 में अपने पिछले शोध के आधार पर, डॉ. बिमल छाजेड़ ने एम्स से इस्तीफा दे दिया और दिल्ली में “साओल” साइंस एंड आर्ट ऑफ लिविंग नामक अपने नए उपचार द्वारा हृदय रोगियों को व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षण और उपचार करना शुरू कर दिया। डॉ. छाजेड़ के भारत और उपमहाद्वीप में 140 केंद्र हैं। साओल हार्ट सेंटर अब दुनिया में गैर-इनवेसिव कार्डियोलॉजी क्लीनिकों की सबसे बड़ी शृंखला है। डॉ. छाजेड़ के दिमाग की उपज, “साओल हार्ट प्रोग्राम” आज हृदय रोग को उलटने के लिए एक व्यापक रूप से स्वीकृत उपचार कार्यक्रम है – जहाँ एलोपैथिक दवाओं के अलावा, रोगियों को योग, ध्यान, शून्य तेल खाना बनाना, तनाव प्रबंधन, व्यायाम और चिकित्सा ज्ञान सिखाया जाता है। डॉ. छाजेड़ ने हृदय रोगियों और स्वास्थ्य के लिए लगभग 70 पुस्तकें लिखी हैं, उनके कई व्याख्यान डीवीडी, इंटरनेट/यू ट्यूब के रूप में उपलब्ध हैं। वे निवारक कार्डियोलॉजी के एक शानदार शिक्षक हैं। डॉ. छाजेड़ गैर-इनवेसिव उपचार पद्धति को बढ़ावा देने के लिए पूरे भारत और दुनिया भर में व्यापक रूप से यात्रा करते हैं। वे हृदय देखभाल पर 2 मासिक पत्रिकाएं भी प्रकाशित करते हैं।

डॉ. छाजेड़ की विशेषज्ञता और अब तक मिले पुरस्कार : 

  • राजीव गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार, 2002।
  • भारत निर्माण द्वारा वर्ष 2002 के लिए भास्कर पुरस्कार।
  • एसकेजेएम समिति द्वारा समाज रत्न पुरस्कार, 2004।
  • रोटरी इंटरनेशनल वोकेशनल अवार्ड, 2002.
  • दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन से स्वामी विवेकानंद मेमोरियल ओरेशन पुरस्कार, 2004।
  • प्रबंधन अध्ययन संवर्धन संस्थान द्वारा एमएसपीआई उत्कृष्ट व्यक्तित्व पुरस्कार, 1998।
  • लायंस क्लब द्वारा प्रमुख डॉक्टर पुरस्कार, 1998

हार्ट रोगों से बचने के डॉ. बिमल छाजेड़ के सात सीक्रेट

1-डाइट :

जीरो आइल कुकिंग पर आधारित डाइट लेकर हम हार्ट रोगों को आमंत्रण देने से बच सकते हैं। डॉ. बिमल छाजेड़ के शब्दों में –

1- ”To be completely adopted from the beginning. SAAOL has created 1000 tasty recipes for which you can subscribe to our YouTube channel “Zero oil recipes” or refer to our cookbooks. Spices are to be fried in water which is to be added in drops as and when required.”

2-Dairy products are allowed if you use double toned (200ml) or skimmed milk (500ml).

3-Completely avoid all kinds of animal foods like meat, chicken, fish, egg yolk etc.

4-Avoid almond, walnuts, cashew nuts, ground nuts, coconut and pistachio. Seeds like Alsi (Linseeds) and khas khas should be restricted. If you have diabetes, measure your blood sugar level on a regular basis. Our aim is to keep it under 100 (during fasting) and 140 (after meal). Three months sugar (HB A1c) should be below 6.5%.

2-एक्सरसाइस :

1-वॉक : प्रतिदिन 35 मिनट वॉक कीजिए। डॉ. बिमल छाजेड़ कहते हैं-

1- Every day, do a 35-minute walk on an empty stomach. If you have angina, your speed may be reduced. If you’re in bed or have just gotten out of an emergency, start with one minute per day and gradually increase up to 35 minutes.

2- योगा : डॉ. बिमल छाजेड़ योग और साइक्लिंग पर जोर देते हैं। वे कहते हैं कि-

1-Please watch Dr. Chhajer’s three videos on YouTube titled “Daily Yoga for Heart.” There are three videos. Begin with first and third video. After a week or so, add the second one. It will take approximately 25 minutes per day.

3- तनाव : 

1-मेडिटेशन : डॉ. बिमल छाजेड़ कहते हैं कि प्रतिदिन 10 से 15 मिनट मेडिटेशन कीजिए। भगवान को थैंक्स कीजिए। पॉजिटिव विचार रखें और हर कार्य में आनंद खोजिए और तनाव को पास ना फटकने दें। खुद उनके शब्दों में-

1-Patient must try to reduce psychological stress (anger, worry, anxiety etc.) as far as possible. Please follow Dr. Chhajer’s talks on stress management or read his book on the same topic.

4-नींद : 

1-7 से 9 घंटे नींद लें।

2-सोने का स्थान कूल और साफ रखें।

3-सोने के स्थान में अंधेरा होना चाहिए।

5-स्मोकिंग-एल्कोहल :

1-डॉ. बिमल छाजेड़ कहते हैं स्मोकिंग और एल्कोहल से बचना चाहिए। बतौर छाजेड़-  Stop smoking and intake of other forms of tobacco immediately. Any kind of alcohol is bad for heart and should be avoided.

6-हाई फाइबर वाली चीजें : 

डॉ. बिमल छाजेड़ कहते हैं कि हाई फाइबर वाली चीजें खाइए। जैसे शकरकंद, सलाद, एपल, स्ट्राबेरी, ब्लेकबेरी आदि। रिफाइन आइटम और मैदा छोड़ दें।

7-दवा-जांचें : 

डॉ. बिमल छाजेड़ कहते हैं कि समय पर बीपी, ब्लड शुगर, लिपिक प्रोफाइल, वैट और कोलेस्ट्रेल आदि की जांच होनी चाहिए। बतौर छाजेड़-

1- Medicines prescribed by SAAOL are mainly allopathic. You should take them as instructed till the next consultation. You should also know the basic purpose/use of all medicines. Once the patient shows improvement, our aim will be to reduce it as far as possible.

2-As directed by your physician, get your blood lipid profile tested once a month, then every three months or 3-4 times a year. Cholesterol should be below 130 mg/dL, Triglycerides should be below 100 mg/dL, and Good Cholesterol (HDL) should be more than 25% of cholesterol level.

उपरोक्त सावधानी से हार्ट की बीमारी से बच सकेंगे, दवा की जरूरत हो तो पीछे ना हटें : छाजेड़

डॉ. बिमल छाजेड़ कहते हैं कि उपरोक्त सावधानियां बरतेंगे तो हो सकता है आप हार्ट की बीमारियों से बच जाएं। आप ब्लॉकेज की समस्या से छुटकारा पा सकते हैंं। लेकिन जरा भी संशय हो और दवा की जरूरत हो तो पीछे ना हटें। डॉ. बिमल छाजेड़ हार्ट ट्रीटमेंट के स्पेशलिस्ट हैं। वे बिना सर्जरी, बिना एंजिप्लास्टी, नेचुरल बायपास करते हैं। एक मशीन से हजारों नई ट्यूब खोल देते हैं। डिटोक्स करते हैं। ब्लॉकेज की समस्या दूर कर देते हैं। डॉ. बिमल छाजेड़ से संपर्क करना हो तो कोलकाता, मुंबई, बैंगलुरु और देहरादून में संपर्क कर सकते हैं। देहरादून में डॉ. बिमल छाजेड़ का रिसोर्ट है जहां एडमिट कर 40 दिन में हार्ट की बीमारी का उपचार किया जाता है।

मुख्यालय: साओल एक्सपीरियंस सेंटर देहरादून (साओल हार्ट एंड वेलनेस रिसर्च इंस्टीट्यूट) शिवपुरी, हरियावाला कलां, देहरादून, उत्तराखंड-248141
फोन : 011-44732744, 011-44732745, 011-44732746

 

Rising Bhaskar
Author: Rising Bhaskar


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