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Sunday, March 15, 2026, 2:23 pm

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एसबीआई प्रबंधन ने विदेश भागने की सलाह दी थी, मैने कहा मैं निर्दोष हूं, देश में रहकर कानूनी लड़ाई लडूंगा : अनिल अंबानी

डीके पुरोहित. मुंबई

एसबीआई द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी द्वारा कथित हेराफेरी के परिणामस्वरूप 2,929.05 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा करने के बाद शिकायत दर्ज की थी। अनिल अंबानी ने राइजिंग भास्कर से कहा कि एसबीआई प्रबंधन ने उन्हें सलाह दी थी कि देश छोड़कर भाग जाओ। मगर अंबानी ने एसबीआई प्रबंधन से कहा कि वे देश छोड़कर नहीं भागेंगे और देश में रहकर ही कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्हें देश के कानून पर पूरा भरोसा है और उन्हें न्याय मिलेगा।

अनिल अंबानी के मामले में हाईकोर्ट ने SBI अकाउंट फ्रॉड मामले में कहा था कि  ‘दलील में दम नहीं’ है। मगर अंबानी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे, उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। अंबानी ने कहा कि उन्होंने किसी प्रकार का फ्रॉड नहीं किया। बैंक ने उन्हें अंधेरे में रखकर खाली कागजों पर साइन करवा लिए थे और आज दिन तक उन्हें पता नहीं किस तरह उन्हें फ्रॉड की श्रेणी में शामिल किया गया। उन्हें और उनकी कंपनी को फंसाया जा रहा है।
एसबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस पर अपने कर्जों की शर्तों का उल्लंघन करते हुए लेनदेन करके बैंक के धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। बैंक ने इस साल की शुरुआत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसने रिलायंस कम्युनिकेशंस और अंबानी के आवास से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। अंबानी ने कहा कि सीबीआई ने गैर कानूनी रूप से उनके आवास की तलाशी ली थ्री जरूरी कागजात जब्त कर लिए जिससे उन्हें अपने आपको बेगुनाह साबित करने में मुश्किल आ रही है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के अकाउंट्स को फ्रॉड के रूप में कैटेगराइज्ड करने वाले भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के आदेश को बरकरार रखा है। मगर अंबानी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। राइजिंग भास्कर से बात करते हुए अंबानी ने कहा कि कोर्ट ने तर्कसंगत न्याय नहीं किया। कोई कानूनी खामी नहीं थी। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की पीठ ने 3 अक्टूबर को एसबीआई के आदेश को चुनौती देने वाली अंबानी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी थी। अंबानी ने कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण किया गया निर्णय है जिसके लिए वे ऊपरी अदालत जाएंगे।
कोर्ट ने तथ्यों की अनदेखी की, यह न्याय की नैसर्गिक हत्या :

अदालत में उद्योगपति अंबानी ने कहा कि उनकी दलील पर विचार नहीं किया गया। आदेश को अमान्य घोषित किया जाना चाहिए। अंबानी ने कहा कि कोर्ट ने तथ्यों की अनदेखी की। यह न्याय की नैसर्गिक हत्या है।  क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया था और उन्हें संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए थे। हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मास्टर निर्देशों के तहत उपलब्ध अधिकार, जिसके तहत एसबीआई ने अपना आदेश पारित किया, रिप्रेजेंटेशन देने का है, व्यक्तिगत सुनवाई का नहीं। अंबानी ने कहा कि कोर्ट ने अपना निर्णय पहले से ही सोच रखा था और बिना उनका पक्ष जाने निर्णय कर दिया।

अनिल अंबानी बोले- मैं भगोड़ा नहीं, कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया था, कोर्ट को सहयोग करने को तैयार, पर मुझे सुना ही नहीं गया

अंबानी ने कहा कि पिछले साल एसबीआई द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया था। मैं भगोड़ा नहीं हूं। कोर्ट को सहयोग करने को तैयार रहा हूं पर उन्हें सुना ही नहीं जा रहा। बैंक मनमाने ढंग से खाते को धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत करने का आदेश पारित किया। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का कोर्ट ने उल्लंघन किया है। ’

अंबानी ने दी थी चुनौती

अंबानी ने एसबीआई के जून के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस और उनके अपने खाते को ‘कमर्शियल बैंकों (क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित) और अखिल भारतीय वित्तीय संस्थानों में धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन पर मास्टर निर्देशों’ के अनुसार धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत किया गया था। एसबीआई ने एक तरफा आदेश पारित किया। अनिल अंबानी ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और न ही संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए. इसलिए, यह आदेश अवैध था। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक नहीं थे, इसलिए उनके खाते को धोखाधड़ी के रूप में कैटेगराइज्ड नहीं किया जाना चाहिए था।

व्यक्तिगत सुनवाई से इनकार कर कोर्ट ने मेरे साथ अन्याय किया :

अंबानी ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा कि कंपनी के खाते को धोखाधड़ी वाला खाता घोषित कर दिया जाता है, तो कंपनी के नियंत्रण वाले प्रमोटर/निदेशक भी दंडात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होते हैं। अंबानी ने कहा कि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कंपनी का खाता धोखाधड़ी वाला है। उच्च न्यायालय ने तथ्यों और मौजूद परिस्थितियों को ध्यान में नहीं रखा। एसबीआई ने उच्च न्यायालय में दावा किया कि आरबीआई के मास्टर डायरेक्शन सर्कुलर के अनुसार, व्यक्तिगत सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं थी। जबकि यह सरासर गलत है। व्यक्तिगत सुनवाई हर पीड़ित पक्ष का अधिकार होता है। बेंच ने सर्कुलर और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का अध्ययन करने के बाद कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की मांग है कि उधारकर्ताओं को एक नोटिस दिया जाना चाहिए, सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने चाहिए और उन्हें अपना प्रतिनिधित्व प्रस्तुत करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उच्च न्यायालय ने कहा, ‘प्रस्तावित अधिकार प्रतिनिधित्व का है, व्यक्तिगत सुनवाई का नहीं। अंबानी ने कहा कि कोर्ट ने अधिकार शब्दों की सही व्याख्या नहीं की गई।

रिलायंस कम्युनिकेशंस पर क्या हैं आरोप?

एसबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस पर अपने कर्जों की शर्तों का उल्लंघन करते हुए लेनदेन करके बैंक के धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। बैंक ने इस साल की शुरुआत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में भी शिकायत दर्ज कराई थी, जिसने रिलायंस कम्युनिकेशंस और अंबानी के आवास से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। केंद्रीय एजेंसी ने एसबीआई द्वारा रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी द्वारा कथित हेराफेरी के परिणामस्वरूप 2,929.05 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा करने के बाद शिकायत दर्ज की थी।

वो तथ्य जो बताते हैं कि अनिल अंबानी के साथ कोर्ट ने न्याय नहीं किया-

1-अनिल अंबानी देश में ही है। देश छोड़कर भागने की तैयारी में नहीं है।

2- अनिल अंबानी ने कोर्ट से कहा कि एसबीआई ने उनसे कई खाली कागजों पर साइन करवाए। खुद उन्हें नहीं मालूम कि किन-किन कागजों पर साइन करवाए।

3-अनिल अंबानी ने कहा कि वे राशि चुकाने काे तैयार है। राशि चुकाने के लिए वे कुछ फार्मूले कोर्ट के सामने रखना चाहते थे, मगर कोर्ट ने उन्हें सुना ही नहीं।

4-अनिल अंबानी ने कहा कि उन्हें मौका दिया जाए। अगर कोई राशि बैंक के पक्ष में बनती है तो राशि जल्द चुका देंगे। इसके लिए वे कुछ प्रोजेक्ट लॉन्च करने जा रहे हैं। मगर एसबीआई ने बदनियती से उन्हें फंसाया। इसमें बड़े पूंजीवादी ताकतों का भी हाथ है।

5-अनिल अंबानी ने कहा कि उनकी कई ग्रुप से बात चल रही है और पूंजीगत फैसलों और भावी रणनीति पर  भी बात चल रही है। जहां तक एसबीआई के आरोपों की बात है वे एक तरफा आरोप है। फिर भी जो न्यायिक परिस्थिति बनेगी उसके अनुसार एक्शन लेने को उनकी कंपनी तैयार है।

6-अनिल अंबानी ने कहा कि वे हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। उन्हें पूरो भरोसा है कि उनके साथ न्याय होगा। उन्होंने एसबीआई प्रबंधन के खिलाफ न्यायिक जंग जारी रखने का ऐलान किया।

Dilip Purohit
Author: Dilip Purohit

Group Editor